अंदर सड़ांध और गंदगी जस की तस है और ऊपर से विकास का नकाब पहुंच और पावर के दम पर नियमों की हत्या वार्ड 27 में गंदगी पर ढंका जा रहा विकास, निगम के लाखों पर उठे सवाल, वार्डवासियों ने उठाई गुणवत्ता की आवाज
अंदर सड़ांध और गंदगी जस की तस है और ऊपर से विकास का नकाब
पहुंच और पावर के दम पर नियमों की हत्या वार्ड 27 में गंदगी पर ढंका जा रहा विकास, निगम के लाखों पर उठे सवाल, वार्डवासियों ने उठाई गुणवत्ता की आवाज
कटनी।। नगर निगम के विकास कार्यों में किस तरह नियमों को ताक पर रखकर सरकारी राशि का खेल किया जा रहा है, इसकी बानगी मदन मोहन चौबे वार्ड क्रमांक 27 में पानी की टंकी के पास चल रहे नाली निर्माण कार्य में खुलकर दिखाई दे रही है। यहां लाखों रुपये की लागत से कराया जा रहा निर्माण कार्य अब विकास कम और भ्रष्ट कार्यप्रणाली का उदाहरण अधिक नजर आने लगा है। लाखों रुपये लागत के नाली निर्माण कार्य को लेकर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं। विकास कार्यों की श्रृंखला में कराए जा रहे इस निर्माण में गुणवत्ता और नियमों की अनदेखी के आरोप सामने आने से वार्डवासियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि संबंधित ठेकेदार द्वारा मनमाने तरीके से कार्य कराया जा रहा है। जब नागरिकों ने निर्माण कार्य को नियमों और तकनीकी मानकों के अनुरूप कराने की बात कही तो ठेकेदार द्वारा अपनी पावर और पहुंच का हवाला देकर काम जारी रखने की बात कही गई। इससे क्षेत्रवासियों में आक्रोश व्याप्त है।
जानकारी के अनुसार नाली निर्माण कार्य में पुरानी नाली की समुचित सफाई किए बिना ही दोनों ओर स्लैब डालकर फीलिंग का कार्य किया जा रहा है। बीच की नाली में जमा गंदगी को हटाए बिना निर्माण किए जाने से भविष्य में जल निकासी व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। स्थानीय नागरिकों के अनुसार निर्माण कार्य में न तो गुणवत्ता का ध्यान रखा जा रहा है और न ही तकनीकी मापदंडों का पालन किया जा रहा है। सबसे गंभीर बात यह है कि पुरानी गंदगी से भरी नाली की सफाई किए बिना ही उसके ऊपर स्लैब डालकर फीलिंग का कार्य किया जा रहा है। यानी अंदर सड़ांध और गंदगी जस की तस है और ऊपर से विकास का नकाब पहनाया जा रहा है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि इसी प्रकार निर्माण कार्य किया गया तो बारिश के मौसम में जलभराव और गंदगी की समस्या और अधिक विकराल रूप ले सकती है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब नगर निगम प्रशासन गुणवत्ता और पारदर्शिता की बात करता है, तब जमीनी स्तर पर निर्माण कार्यों में नियमों की अनदेखी आखिर किसके संरक्षण में हो रही है। वार्डवासियों का आरोप है कि जब उन्होंने नियमों के अनुरूप कार्य कराने की मांग उठाई तो संबंधित ठेकेदार ने खुलेआम अपनी पहुंच का हवाला दें रहे है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि नाली की उचित सफाई और बेस तैयार किए बिना इसी तरह निर्माण किया गया तो आगामी बारिश में पूरा क्षेत्र जलभराव और गंदगी की चपेट में आ जाएगा। करोड़ों के विकास दावों के बीच इस तरह के निर्माण कार्य नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सीधे सवाल खड़े कर रहे हैं।
मामले की शिकायत महापौर प्रीति संजीव सूरी, निगम अध्यक्ष मनीष पाठक एवं निगमायुक्त तपस्या परिहार तक पहुंच चुकी है। निगमायुक्त द्वारा संबंधित इंजीनियर को कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए हैं, लेकिन अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या प्रशासन केवल निर्देशों तक सीमित रहेगा या फिर नियमों को कुचलने वालों पर वास्तविक कार्रवाई भी होगी।
शहर में चर्चा इस बात की है कि यदि विकास कार्यों में इसी तरह गंदगी को दबाकर गुणवत्ता का दिखावा किया जाता रहा, तो जनता का भरोसा भी इन निर्माणों की तरह अंदर से खोखला साबित होगा। वार्ड 27 में चल रहा यह निर्माण कार्य फिलहाल विकास से ज्यादा व्यवस्था पर उठते सवालों की कहानी बयान कर रहा है।