नगर परिषद बनगवा में कलेक्टर का बड़ा एक्शन! मेन गेट बंद कर 2 घंटे चली जांच, फाइलें जप्त, कर्मचारियों में मचा हड़कंप
राजनगर। नगर परिषद बनगवा में शुक्रवार को उस समय हड़कंप मच गया जब अनूपपुर कलेक्टर हर्षल पंचोली बिना किसी पूर्व सूचना के औचक निरीक्षण पर पहुंच गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कलेक्टर के पहुंचते ही परिषद कार्यालय का मुख्य द्वार बंद करा दिया गया और इसके बाद करीब दो घंटे तक हाजिरी रजिस्टर, वित्तीय अभिलेखों, निर्माण कार्यों से जुड़ी फाइलों तथा अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेजों की बारीकी से जांच की गई।
निरीक्षण के दौरान कई दस्तावेजों और फाइलों में प्रथम दृष्टया अनियमितताएं सामने आने पर संबंधित अभिलेखों को जप्त कर जांच के लिए अपने कब्जे में लिया गया। कलेक्टर के इस सख्त रवैये से पूरे परिषद कार्यालय में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
सूत्रों की मानें तो निरीक्षण के दौरान परिषद के अकाउंटेंट एवं लेखपाल राजेश मिश्रा को लेकर भी कलेक्टर ने नाराजगी जाहिर की। बताया जा रहा है कि उन्होंने मौखिक रूप से सोमवार से डूडा अटैच किए जाने की बात कही। हालांकि इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी होना शेष है।
इतना ही नहीं, निरीक्षण के दौरान अनुपस्थित पाए गए कर्मचारियों की उपस्थिति भी खंगाली गई। चाहे नियमित कर्मचारी हों, संविदा कर्मचारी हों या अन्य स्टाफ, सभी की जानकारी तलब करते हुए अनुपस्थित कर्मचारियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
एक के बाद एक शिकायतों के बीच हुई कार्रवाई
नगर परिषद बनगवा पिछले कुछ समय से विभिन्न निर्माण कार्यों, भुगतान प्रक्रियाओं, वित्तीय अनियमितताओं और प्रशासनिक कार्यप्रणाली को लेकर लगातार चर्चाओं में रही है। ऐसे में कलेक्टर का अचानक पहुंचना और फाइलों को जप्त कर जांच शुरू करना कई बड़े सवाल खड़े कर रहा है।
नगर में चर्चा, क्या खुलेंगे बड़े राज?
कलेक्टर की इस कार्रवाई के बाद नगर में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर ऐसी कौन सी फाइलें थीं जिन्हें तत्काल जप्त करने की आवश्यकता पड़ी? क्या जांच में किसी बड़े वित्तीय या प्रशासनिक गड़बड़ी का खुलासा होने वाला है? और क्या आने वाले दिनों में जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर बड़ी कार्रवाई देखने को मिल सकती है?
फिलहाल नगर परिषद बनगवा में कलेक्टर की इस कार्रवाई ने प्रशासनिक गलियारों से लेकर आम जनता तक के बीच हलचल बढ़ा दी है। अब सभी की निगाहें जांच की अगली कार्रवाई और प्रशासन के आधिकारिक कदमों पर टिकी हुई हैं।
“कलेक्टर के औचक निरीक्षण ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अब फाइलों में छिपी हर कहानी सामने आ सकती है, और यदि अनियमितताएं साबित हुईं तो जिम्मेदारों पर कार्रवाई तय मानी जा रही है।”