खेत में अवैध बिजली तार लगाने से बच्चे की मौत: आरोपी स्वरूप सिंह धुर्वे को 10 साल की सश्रम कैद
गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले के करगीकला मरवाही में एक खेत में अवैध रूप से बिजली का तार (झटका तार) लगाने और उससे एक बच्चे की मौत होने के मामले में न्यायालय ने अपना निर्णय सुना दिया है।
द्वितीय अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश, पेण्ड्रारोड (जिला-बिलासपुर), श्रीमती ज्योति अग्रवाल की अदालत ने 25 जून 2026 को इस मामले (सत्र प्रकरण क्रमांक-64/2025) में फैसला सुनाया।
यह घटना 28 अगस्त 2025 को दोपहर करीब 2:30 बजे घटित हुई थी।
अभियोजन के अनुसार, आरोपी स्वरूप सिंह धुर्वे (पिता सरोधन सिंह) ने विद्युत विभाग की अनुमति के बिना अपनी खेती-बाड़ी की रखवाली के लिए घर से तार खींचकर ‘झटका तार’ में बिजली प्रवाहित की थी।
खेलते-खेलते गीतराम सारथी नामक बच्चा इस प्रवाहित विद्युत तार की चपेट में आ गया, जिससे उसकी मौके पर ही मृत्यु हो गई।
न्यायालय ने अपने फैसले में माना कि आरोपी ने यह जानते हुए भी खुले तार में करंट दौड़ाया कि इससे किसी भी जीव-जंतु या मानव की मृत्यु हो सकती है।
अदालत ने आरोपी के कृत्य को हत्या की कोटि में न आने वाला आपराधिक मानव वध माना।
न्यायालय ने अभियुक्त स्वरूप सिंह धुर्वे को भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा-105 (भाग-2) के तहत अपराध में सिद्धदोष पाते हुए 10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।
साथ ही, उस पर 5,000 रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है; अर्थदंड का भुगतान न करने की स्थिति में आरोपी को 3 माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा।
सजा सुनाए जाने के बाद अभियुक्त को सजा भुगताने हेतु जिला जेल पेण्ड्रारोड भेज दिया गया है।