कटनी ने लिखा नया प्रशासनिक अध्याय 16 पुलिस इकाइयों को आईएसओ प्रमाणन, गुणवत्ता आधारित पुलिसिंग का बना नया मॉडल नागरिक सुविधा, पारदर्शिता, समयबद्ध सेवा और उत्तरदायित्व पर आधारित व्यवस्था की ओर बड़ा कदम • थाना केवल कानून व्यवस्था का केंद्र नहीं, बल्कि भरोसे और सेवा का संस्थान बनने की दिशा में प्रयास

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कटनी ने लिखा नया प्रशासनिक अध्याय
16 पुलिस इकाइयों को आईएसओ प्रमाणन, गुणवत्ता आधारित पुलिसिंग का बना नया मॉडल
नागरिक सुविधा, पारदर्शिता, समयबद्ध सेवा और उत्तरदायित्व पर आधारित व्यवस्था की ओर बड़ा कदम • थाना केवल कानून व्यवस्था का केंद्र नहीं, बल्कि भरोसे और सेवा का संस्थान बनने की दिशा में प्रयास

हर प्रशासनिक उपलब्धि समाचार नहीं बनती, लेकिन कुछ उपलब्धियाँ व्यवस्था के भविष्य की दिशा तय करती हैं। कटनी पुलिस को प्राप्त आईएसओ प्रमाणन ऐसी ही उपलब्धि है, जिसने यह संदेश दिया है कि आधुनिक पुलिसिंग केवल अपराध नियंत्रण तक सीमित नहीं है उसका उद्देश्य नागरिक अनुभव को बेहतर बनाना भी है। जब पुलिस इकाइयाँ अपने कामकाज को गुणवत्ता मानकों से जोड़ती हैं, तो बदलाव केवल भवनों में नहीं, कार्यसंस्कृति में दिखाई देता है। स्वच्छ परिसर, व्यवस्थित रिकॉर्ड, शिकायत निवारण, पारदर्शिता और समयबद्ध सेवाएँ ये केवल प्रशासनिक शब्द नहीं, बल्कि नागरिक विश्वास के स्तंभ हैं। कटनी का यह मॉडल बताता है कि जिला स्तर पर भी ऐसी व्यवस्था तैयार की जा सकती है जो अनुशासन और संवेदनशीलता को साथ लेकर चले।

कटनी।। प्रशासनिक इतिहास में कुछ उपलब्धियाँ केवल प्रमाण-पत्र नहीं होतीं, वे व्यवस्था के चरित्र परिवर्तन का संकेत बन जाती हैं। 29 जून 2026 को कटनी पुलिस द्वारा प्राप्त आईएसओ प्रमाणन ऐसी ही उपलब्धि है, जिसने यह संदेश दिया है कि पुलिसिंग केवल अपराध नियंत्रण का माध्यम नहीं, बल्कि गुणवत्ता, पारदर्शिता, जवाबदेही और नागरिक विश्वास पर आधारित सार्वजनिक सेवा का आधुनिक मॉडल भी बन सकती है। वर्षों तक आम नागरिक के मन में थाना एक औपचारिक, जटिल और कई बार भय उत्पन्न करने वाली संस्था के रूप में देखा जाता रहा। लेकिन जब कोई जिला पुलिस अपनी इकाइयों को अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों के अनुरूप ढालने का संकल्प लेता है, तो यह केवल भवनों का सुधार नहीं होता,यह मानसिकता, कार्यसंस्कृति और सेवा दृष्टिकोण का परिवर्तन होता है।


कटनी पुलिस ने 16 इकाइयों को आईएसओ प्रमाणन दिलाकर यह स्पष्ट किया है कि प्रशासनिक उत्कृष्टता केवल बड़े महानगरों की पहचान नहीं, बल्कि जिला स्तर पर भी स्थापित की जा सकती है। इस उपलब्धि की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह नहीं कि प्रमाणपत्र प्राप्त हुआ बल्कि यह है कि इसके पीछे पुलिस व्यवस्था के उन मूल प्रश्नों पर काम हुआ, जिनसे नागरिक प्रतिदिन जुड़ते हैं।
क्या थाना स्वच्छ है,क्या शिकायत दर्ज होने की प्रक्रिया स्पष्ट है,क्या रिकॉर्ड व्यवस्थित हैं,क्या महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों के लिए सम्मानजनक व्यवस्था है,क्या नागरिक को समय पर सेवा मिल रही है, क्या पुलिस व्यवस्था भरोसेमंद दिखाई देती है, कटनी पुलिस ने इन प्रश्नों को प्रशासनिक प्राथमिकता में बदलने का प्रयास किया।
आज आवश्यकता केवल अपराधियों को पकड़ने की नहीं, बल्कि ऐसे संस्थागत ढाँचे बनाने की है जिन पर समाज भरोसा करे। जब कोई नागरिक थाना परिसर में प्रवेश करे और उसे व्यवस्था, पारदर्शिता और सम्मान दिखाई दे तभी पुलिस व्यवस्था का वास्तविक लोकतांत्रिक स्वरूप मजबूत होता है। यह उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इसे केवल पुलिस विभाग की आंतरिक सफलता मानकर नहीं देखा जाना चाहिए। यह उन सभी सरकारी संस्थाओं के लिए संकेत है कि सेवा प्रदायगी की गुणवत्ता को मापा भी जा सकता है और सुधारा भी जा सकता है।


कटनी पुलिस के इस मॉडल में एक बड़ा संदेश छिपा है
प्रभावी पुलिसिंग केवल कठोरता से नहीं, बल्कि व्यवस्थित प्रक्रियाओं और नागरिक अनुभव से निर्मित होती है। आईएसओ प्रमाणन के बाद वास्तविक चुनौती शुरू होती है। क्या आने वाले वर्षों में यही मानक बनाए रखे जाएंगे। क्या हर थाना इस गुणवत्ता को दैनिक कार्यसंस्कृति में बदलेगा। क्या नागरिक स्वयं इस बदलाव को महसूस करेंगे। यदि इसका उत्तर हाँ होता है, तो यह उपलब्धि केवल एक जिला नहीं बदलेगी यह पूरे मध्यप्रदेश की पुलिस कार्यप्रणाली के लिए अध्ययन का विषय बन सकती है। कटनी पुलिस ने एक शुरुआत की है। अब आवश्यकता है कि इस मॉडल को दस्तावेजों से निकालकर व्यवहार में स्थायी बनाया जाए। क्योंकि पुलिस की सबसे बड़ी शक्ति हथियार नहीं होती विश्वास होता है। और विश्वास तब बनता है जब व्यवस्था केवल दिखाई नहीं देती, महसूस भी होती है। यदि आने वाले वर्षों में कोई नागरिक यह कहे कि थाने में जाने पर मुझे सम्मान और समाधान मिला तो वही इस आईएसओ प्रमाणन की वास्तविक सफलता होगी। कटनी ने एक मानक स्थापित किया है। अब इतिहास यह देखेगा कि यह उपलब्धि एक समारोह थी या प्रशासनिक परिवर्तन का नया अध्याय।
इस गरिमामयी अवसर पर अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, जबलपुर जोन, प्रमोद वर्मा , कलेक्टर आशीष तिवारी, पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा , नगर निगम आयुक्त तथा वनमंडलाधिकारी की विशिष्ट उपस्थिति रही।

कार्यक्रम के पूर्व मुख्य अतिथि एवं वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा थाना स्लीमनाबाद, थाना यातायात, थाना कोतवाली, थाना कुठला एवं थाना एनकेजे का भ्रमण कर आईएसओ मानकों के अनुरूप विकसित व्यवस्थाओं एवं नागरिक सुविधाओं का विस्तृत निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान थाना परिसर की स्वच्छता एवं सुव्यवस्थित कार्य वातावरण, ड्यूटी ऑफिस एवं अभिलेख संधारण प्रणाली, आगंतुक सहायता कक्ष, नागरिकों के बैठने की समुचित व्यवस्था, महिला एवं पुरुष बंदीगृह, मीटिंग हॉल, मालखाना, शस्त्रागार, थाना प्रभारी कक्ष, पेयजल एवं स्वच्छ शौचालय, सूचना पटल, शिकायत पंजीकरण प्रणाली, रिकॉर्ड प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था तथा नागरिक सेवाओं के समयबद्ध निष्पादन से संबंधित व्यवस्थाओं का गहन परीक्षण किया गया।

आईएसओ प्रमाणन के अंतर्गत विशेष रूप से गुणवत्ता प्रबंधन प्रणाली (Quality Management System), नागरिक संतुष्टि, कार्यप्रणाली में पारदर्शिता, अभिलेखों का वैज्ञानिक संधारण, संसाधनों का प्रभावी उपयोग, समयबद्ध सेवा प्रदायगी, स्वच्छ एवं सुरक्षित कार्यस्थल, उत्तरदायित्व निर्धारण तथा सतत सुधार (Continuous Improvement) जैसे महत्वपूर्ण मानकों के अनुरूप पुलिस इकाइयों की कार्यप्रणाली का मूल्यांकन किया गया। इन मानकों का उद्देश्य पुलिस सेवाओं को अधिक प्रभावी, उत्तरदायी, नागरिक हितैषी एवं विश्वासपूर्ण बनाना है। तत्पश्चात थाना एनकेजे परिसर में आयोजित सम्मान समारोह में जिला पुलिस की निम्नलिखित इकाइयों को आईएसओ प्रमाणन प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए

1. कार्यालय पुलिस अधीक्षक, कटनी – अभिनय विश्वकर्मा, पुलिस अधीक्षक
2. कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी पुलिस, विजयराघवगढ़ – वीरेन्द्र धार्वे
3. कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी पुलिस, स्लीमनाबाद – आकांक्षा चतुर्वेदी
4. थाना कोतवाली – राखी पाण्डेय
5. थाना कुठला – अखिलेश दाहिया
6. थाना माधवनगर – संजय दुबे, थाना प्रभारी
7. थाना यातायात – अनूप सिंह, थाना प्रभारी
8. थाना एनकेजे – रूपेन्द्र राजपूत, थाना प्रभारी
9. थाना स्लीमनाबाद – सुदेश समन, थाना प्रभारी
10. थाना उमरिया पान – महेन्द्र जायसवाल, थाना प्रभारी
11. थाना बहोरीबंद – विजय विश्वकर्मा, थाना प्रभारी
12. थाना ढीमरखेड़ा – महिमा रघुवंशी
13. थाना रीठी – शाहिद खान, थाना प्रभारी
14. थाना बड़वारा – के.के. पटेल, थाना प्रभारी
15. थाना बरही – अरविन्द चौबे, थाना प्रभारी
16. थाना विजयराघवगढ़ – अभिषेक चौबे, थाना प्रभारी
मुख्य अतिथि अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक प्रमोद वर्मा ने अपने उद्बोधन में कहा कि कटनी पुलिस द्वारा प्राप्त यह उपलब्धि पूरे जबलपुर जोन के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के सामूहिक प्रयासों की सराहना करते हुए भविष्य में भी इसी समर्पण एवं उत्कृष्टता के साथ कार्य करने का आह्वान किया।

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