सकोला कन्या स्कूल में छात्र संघ चुनाव संपन्न: शिवांगी तिवारी बनीं शाला नायिका, साक्षी नेटी को मिली उप-नायिका की जिम्मेदारी
छात्र संघ विद्यालय के अनुशासन को बनाए रखने और शैक्षणिक व सहशैक्षणिक गतिविधियों को सुचारू रूप से चलाने में एक सेतु का काम करता है: प्राचार्य के.बी.दीक्षित
“”लोकतांत्रिक प्रक्रिया से मतपत्रों द्वारा हुआ मतदान, छात्राओं ने चुने अपने प्रतिनिधि; प्राचार्य ने दी बधाई””
सकोला (गौरेला-पेंड्रा-मरवाही)। जिले के प्रतिष्ठित उत्कृष्ट विद्यालय, शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सकोला में छात्र संघ चुनाव पूरी लोकतांत्रिक प्रक्रिया के साथ संपन्न हुआ। विद्यालय की निर्वाचन टीम की देखरेख में छात्राओं ने मतपत्रों (बैलेट पेपर) के माध्यम से अपने मताधिकार का प्रयोग कर अपने प्रतिनिधियों को चुना। चुनाव परिणामों की घोषणा के बाद नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को स्कूल प्रबंधन द्वारा उनकी नई जिम्मेदारियां सौंपी गईं।
किसे मिली क्या जिम्मेदारी?
निर्वाचन के घोषित परिणामों के अनुसार कक्षा 12वीं की छात्राओं ने बाजी मारी है। विभिन्न पदों पर चुनी गई छात्राओं की सूची इस प्रकार है:
शाला नायिका (School Captain): कुमारी शिवांगी तिवारी (कक्षा 12वीं, विज्ञान संकाय)
उप शाला नायिका (Vice Captain): कुमारी साक्षी नेटी (कक्षा 12वीं, कला संकाय)
सांस्कृतिक सचिव: कुमारी जास्मीन (कक्षा 12वीं, विज्ञान संकाय)
क्रीड़ा सचिव: कुमारी आँचल वाकरे (कक्षा 12वीं, वाणिज्य संकाय)
स्वच्छता सचिव: कुमारी गरिमा केवट (कक्षा 12वीं, कला संकाय)
बागवानी सचिव: कुमारी संजना (कक्षा 12वीं, कला संकाय)
अनुशासन सचिव: कुमारी पीहू पुरी (कक्षा 12वीं, कला संकाय)
निष्पक्ष चुनाव के लिए स्कूल स्टाफ रहा सक्रिय
प्राचार्य कुंज बिहारी दीक्षित के कुशल मार्गदर्शन में इस पूरी चुनावी प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाया गया। निर्वाचन को सफल बनाने में छात्र संघ प्रभारी व्याख्याता श्रीमती रीता सिंह सोलंकी, श्रीमती अंजना खललो, राखी राय, खुशबू बंजारे और खेल प्रशिक्षक रितेश सिंह सहित विद्यालय के अन्य स्टाफ का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
डायरी और पुष्पगुच्छ देकर कराया जिम्मेदारी का बोध
निर्वाचन प्रक्रिया संपन्न होने के बाद प्राचार्य कुंज बिहारी दीक्षित ने सभी नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को पुष्पगुच्छ और डायरी भेंट कर सम्मानित किया।
इस अवसर पर छात्राओं को संबोधित करते हुए प्राचार्य दीक्षित ने कहा, “छात्र संघ विद्यालय के अनुशासन को बनाए रखने और शैक्षणिक व सह-शैक्षणिक गतिविधियों को सुचारू रूप से चलाने में एक सेतु का काम करता है।
लोकतांत्रिक तरीके से चुने जाने के बाद अब इन पदाधिकारियों के कंधों पर स्कूल की गरिमा को आगे बढ़ाने की बड़ी जिम्मेदारी है।” इस सफल आयोजन से स्कूल की छात्राओं में भारी उत्साह देखा गया और उन्होंने इस चुनावी प्रक्रिया से लोकतंत्र की बुनियादी कार्यप्रणाली को भी करीब से समझा।