कटनी को आखिर हो क्या गया दिनदहाड़े उद्योगपति पर हमला, निजी जमीन पर कब्जे की कोशिश का आरोप; कार में तोड़फोड़, मारपीट से दहला शहर कभी शांति और व्यापारिक संस्कृति के लिए पहचाना जाने वाला कटनी अब अपराध, गुंडागर्दी और जमीन विवादों की घटनाओं से सवालों के घेरे में

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कटनी को आखिर हो क्या गया
दिनदहाड़े उद्योगपति पर हमला, निजी जमीन पर कब्जे की कोशिश का आरोप; कार में तोड़फोड़, मारपीट से दहला शहर
कभी शांति और व्यापारिक संस्कृति के लिए पहचाना जाने वाला कटनी अब अपराध, गुंडागर्दी और जमीन विवादों की घटनाओं से सवालों के घेरे में

कभी शांति, सौहार्द और व्यापारिक संस्कृति के लिए पहचाना जाने वाला कटनी आज आखिर किस दिशा में बढ़ रहा है शहर की सड़कों से लेकर गलियों और चौराहों तक लगातार सामने आ रही आपराधिक घटनाएं आम नागरिकों में भय और असुरक्षा का माहौल पैदा कर रही हैं। ताजा मामला शहर के प्रतिष्ठित उद्योगपति मुकेश गुप्ता पर कथित जानलेवा हमले और उनकी निजी भूमि पर कब्जे के प्रयास का है, जिसने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है।

कटनी। शहर के प्रतिष्ठित उद्योगपति एवं गुप्ता गैस एजेंसी के संचालक मुकेश गुप्ता पर रविवार सुबह कथित रूप से सुनियोजित तरीके से जानलेवा हमला किए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि असामाजिक एवं आपराधिक प्रवृत्ति के 35 से 40 लोगों ने उनकी निजी भूमि पर कब्जा करने की नीयत से न केवल निर्माण कार्य शुरू कर दिया, बल्कि मौके पर पहुंचने पर उद्योगपति और उनके भाई के साथ मारपीट करते हुए उनकी कार में भी जमकर तोड़फोड़ की। घटना के बाद पूरे शहर के व्यापारी वर्ग में भारी आक्रोश व्याप्त है।
जानकारी के अनुसार, विश्राम बाबा क्षेत्र स्थित अपनी निजी भूमि पर कथित रूप से निर्माण कार्य शुरू होने और कब्जे की कोशिश की सूचना मिलने पर मुकेश गुप्ता अपने भाई राहुल गुप्ता के साथ मौके पर पहुंचे थे। आरोप है कि वहां पहले से मौजूद लाठी-डंडों से लैस लोगों ने उनकी कार को घेर लिया और ताबड़तोड़ हमला कर दिया। कार के शीशे तोड़ दिए गए तथा उद्योगपति के साथ मारपीट की गई। पीड़ित का आरोप है कि हमले के दौरान उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी गई।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि किसी भूमि को लेकर विवाद था तो उसका समाधान कानून के माध्यम से होना चाहिए था। लेकिन यदि आरोप सही हैं और दिनदहाड़े किसी की निजी जमीन पर जबरन निर्माण कर कब्जे की कोशिश की जाती है तथा विरोध करने पर खुलेआम हमला होता है, तो यह कानून के राज के लिए गंभीर चुनौती है।


पीड़ित मुकेश गुप्ता ने 35 से अधिक लोगों पर हमले, मारपीट, अवैध कब्जे की कोशिश और जानलेवा षड्यंत्र के आरोप लगाए हैं। घटना के बाद वे सीधे माधवनगर थाना पहुंचे, जहां लिखित शिकायत के आधार पर पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। माधवनगर थाना प्रभारी ने बताया कि शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है। घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं तथा सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच की जा रही है। जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
दिनदहाड़े शहर के एक प्रतिष्ठित उद्योगपति पर हुए इस कथित हमले और निजी जमीन पर कब्जे के प्रयास ने कानून-व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। व्यापारिक संगठनों ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की मांग की है। पूरे घटनाक्रम को लेकर शहर में चर्चाओं का बाजार गर्म है और सभी की निगाहें अब पुलिस जांच पर टिकी हुई हैं।
व्यापारिक जगत में आक्रोश
घटना की खबर फैलते ही व्यापारिक वर्ग में भारी आक्रोश देखा गया। व्यापारियों ने निष्पक्ष जांच, दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी और कठोर कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि शहर के प्रतिष्ठित उद्योगपति भी सुरक्षित नहीं हैं, तो आम नागरिक खुद को कैसे सुरक्षित महसूस करेंगे माधवनगर थाना पुलिस का कहना है कि शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है। मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है, सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

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