पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम ने जीपीएम जिले की कानून-व्यवस्था एवं पुलिसिंग की समीक्षा की निर्माणाधीन पुलिस अधीक्षक कार्यालय एवं अत्याधुनिक पुलिस नियंत्रण कक्ष का किया निरीक्षण, कोटमी लूटकांड का खुलासा करने वाली टीम की सराहना

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गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, 5 जुलाई 2026/ पुलिस महानिदेशक अरूण देव गौतम ने जिले के आकस्मिक प्रवास के दौरान कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण एवं प्रभावी पुलिसिंग की व्यापक समीक्षा की। जिले में आगमन पर कलेक्टर डॉ संतोष कुमार देवांगन, पुलिस अधीक्षक  मनोज कुमार खिलारी एवं वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। इसके पश्चात पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आयोजित संयुक्त समीक्षा बैठक में कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, राजस्व एवं पुलिस विभाग के अधिकारियों के साथ जिले की कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण तथा प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर विस्तृत चर्चा की गई।

बैठक में संवेदनशील क्षेत्रों की स्थिति, लंबित प्रकरणों के निराकरण, महिलाओं एवं बच्चों से संबंधित अपराधों की समीक्षा, मादक पदार्थों के विरुद्ध कार्रवाई, सड़क सुरक्षा, यातायात प्रबंधन, सामुदायिक पुलिसिंग, डॉयल-112 की कार्यप्रणाली तथा विभिन्न अभियानों की प्रगति की समीक्षा की गई। पुलिस महानिदेशक ने अधिकारियों को कानून-व्यवस्था बनाए रखने को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए प्रत्येक शिकायत पर त्वरित कार्रवाई, आम नागरिकों के प्रति संवेदनशील एवं सम्मानजनक व्यवहार, प्रभावी गश्त, मुखबिर तंत्र को सुदृढ़ करने, आदतन अपराधियों की सतत निगरानी तथा तकनीकी संसाधनों के अधिकतम उपयोग के निर्देश दिए।

पुलिस महानिदेशक ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय परिसर में निर्माणाधीन नवीन पुलिस अधीक्षक कार्यालय भवन एवं अत्याधुनिक पुलिस नियंत्रण कक्ष का निरीक्षण कर निर्माण कार्य की गुणवत्ता और प्रगति का अवलोकन किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण निर्माण कार्य पूर्ण करने के निर्देश देते हुए कहा कि आधुनिक पुलिस अधोसंरचना से पुलिस की कार्यक्षमता बढ़ेगी तथा आम नागरिकों को त्वरित एवं बेहतर सेवाएं उपलब्ध होंगी।

इसके बाद उन्होंने जिले के सभी राजपत्रित अधिकारियों एवं विवेचकों की विशेष बैठक लेकर वैज्ञानिक एवं साक्ष्य-आधारित विवेचना, घटनास्थल संरक्षण, भौतिक एवं डिजिटल साक्ष्यों के प्रभावी संकलन, अभियोजन की सफलता बढ़ाने, लंबित अपराधों के शीघ्र निराकरण तथा न्यायालयीन प्रकरणों की प्रभावी मॉनिटरिंग के संबंध में आवश्यक मार्गदर्शन दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि थाना स्तर पर नियमित जनसुनवाई, बीट प्रणाली को सक्रिय किया जाए तथा ग्राम रक्षा समितियों, जनप्रतिनिधियों एवं आम नागरिकों के साथ सतत संवाद बनाए रखा जाए। साथ ही साइबर अपराधों एवं ऑनलाइन धोखाधड़ी के प्रति व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने तथा महिलाओं, बच्चों, वरिष्ठ नागरिकों एवं कमजोर वर्गों से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता के साथ त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया।

बैठक के दौरान पुलिस महानिदेशक ने हाल ही में चर्चित कोटमी लूटकांड का अल्प समय में सफल खुलासा करने वाली पुलिस टीम की सराहना करते हुए अधिकारियों एवं कर्मचारियों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि समन्वित टीमवर्क, वैज्ञानिक अनुसंधान एवं पेशेवर पुलिसिंग के कारण इस गंभीर अपराध का सफलतापूर्वक खुलासा संभव हो सका है। उन्होंने कहा कि जनता का विश्वास ही पुलिस की सबसे बड़ी पूंजी है। प्रत्येक अधिकारी एवं कर्मचारी को ईमानदारी, संवेदनशीलता, पारदर्शिता एवं जवाबदेही के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करना चाहिए। उन्होंने अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई के साथ आम नागरिकों के प्रति सहयोगात्मक एवं मानवीय व्यवहार को पुलिसिंग की पहचान बताते हुए जिले के पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बेहतर कार्यों के लिए शुभकामनाएं दीं।

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