गौसेवा के प्रति महापौर प्रीति सूरी का समर्पण: अमीरगंज कांजी हाउस में विकास कार्यों का शुभारंभ, गौसंरक्षण को मिली नई दिशा गौपूजन के साथ हुआ भूमिपूजन, शेड, बाउंड्री वॉल सहित आधुनिक सुविधाओं का होगा विस्तार; महापौर बोलीं—”गौसंरक्षण केवल दायित्व नहीं, हमारी संस्कृति और संस्कारों का आधार है”
गौसेवा के प्रति महापौर प्रीति सूरी का समर्पण: अमीरगंज कांजी हाउस में विकास कार्यों का शुभारंभ, गौसंरक्षण को मिली नई दिशा
गौपूजन के साथ हुआ भूमिपूजन, शेड, बाउंड्री वॉल सहित आधुनिक सुविधाओं का होगा विस्तार; महापौर बोलीं—”गौसंरक्षण केवल दायित्व नहीं, हमारी संस्कृति और संस्कारों का आधार है”

कटनी।। नगर पालिक निगम की महापौर श्रीमती प्रीति संजीव सूरी ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि गौसेवा उनके लिए केवल प्रशासनिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और मानवीय संवेदनाओं से जुड़ा एक पवित्र संकल्प है। अमीरगंज स्थित कांजी हाउस में निराश्रित गौवंश के संरक्षण और बेहतर देखभाल के लिए प्रस्तावित विकास कार्यों का गौपूजन के साथ भूमिपूजन कर उन्होंने गौसेवा के प्रति अपने समर्पण का परिचय दिया।
महापौर ने कहा कि सड़कों पर भटकने वाले निराश्रित गौवंश को सुरक्षित आश्रय, पर्याप्त सुविधाएं और सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराना नगर निगम की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। इसी उद्देश्य से कांजी हाउस में शेड, बाउंड्री वॉल तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा, ताकि गौवंश को सुरक्षित और व्यवस्थित आश्रय मिल सके।
भूमिपूजन के बाद महापौर ने स्वयं कांजी हाउस का निरीक्षण कर अधिकारियों को निर्माण कार्य गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय में पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि “गौसेवा हमारी संस्कृति की आत्मा है और गौसंरक्षण हम सभी की साझा जिम्मेदारी है।”
कार्यक्रम में क्षेत्रीय पार्षद विनोद भुट्टू यादव ने कहा कि लंबे समय से कांजी हाउस के विकास की मांग की जा रही थी, जिसे महापौर ने प्राथमिकता देते हुए आज मूर्त रूप दिया है। इससे गौवंश की सुरक्षा और देखभाल की व्यवस्थाएं पहले से अधिक सुदृढ़ होंगी।
गौपूजन के साथ आयोजित इस कार्यक्रम में नगर निगम के जनप्रतिनिधियों, गौसंरक्षकों और बड़ी संख्या में नागरिकों की उपस्थिति ने यह भी दर्शाया कि कटनी में गौसेवा और गौसंरक्षण को लेकर जनभागीदारी लगातार मजबूत हो रही है। अमीरगंज कांजी हाउस में शुरू हुए ये विकास कार्य निराश्रित गौवंश के लिए सुरक्षित आश्रय तैयार करेंगे ।