तीन साल में ही जर्जर हुआ पेंड्रा–मरवाही मुख्य मार्ग, राहगीरों और स्कूली बच्चों की बढ़ी परेशानी, दुर्घटना की आशंका
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। जिले के पेंड्रा से मरवाही को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग इन दिनों बदहाल स्थिति में पहुंच गया है। कोटमी से लेकर पसान रोड स्थित कृष्णा होटल के सामने तक सड़क कई स्थानों पर पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। जगह-जगह बड़े गड्ढे और उखड़ी हुई सड़क के कारण दोपहिया, चारपहिया तथा भारी वाहनों के आवागमन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क का निर्माण हुए अभी लगभग तीन वर्ष ही हुए हैं, लेकिन इसकी गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। कम समय में ही सड़क का इस प्रकार क्षतिग्रस्त हो जाना निर्माण कार्य की गुणवत्ता तथा संबंधित विभाग की निगरानी पर प्रश्नचिह्न लगा रहा है।
सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों और दैनिक यात्रियों को उठानी पड़ रही है। सुबह और दोपहर स्कूल के समय सड़क पर वाहनों की आवाजाही अधिक रहती है। गड्ढों और खराब सड़क के कारण स्कूल बसें, ऑटो तथा अन्य वाहन धीमी गति से चलने को मजबूर हैं, जिससे कई बच्चों को समय पर विद्यालय पहुंचने में कठिनाई हो रही है। वहीं नौकरीपेशा लोगों और व्यापारियों को भी प्रतिदिन अतिरिक्त समय लग रहा है।
स्थानीय नागरिकों ने बताया कि सड़क की खराब स्थिति के कारण आए दिन वाहन फिसलने और दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। विशेषकर बरसात के मौसम में गड्ढों में पानी भर जाने से उनकी गहराई का अनुमान नहीं लग पाता, जिससे किसी भी समय बड़ी दुर्घटना होने की आशंका बनी रहती है।
क्षेत्रवासियों का आरोप है कि लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) तथा निर्माण एजेंसी की लापरवाही के कारण सड़क की समय पर मरम्मत नहीं की जा रही है। कई बार शिकायत किए जाने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। उनका कहना है कि यदि सड़क निर्माण में गुणवत्ता का ध्यान रखा गया होता तो इतनी कम अवधि में सड़क इस स्थिति में नहीं पहुंचती।
क्षेत्र के नागरिकों ने जिला प्रशासन एवं लोक निर्माण विभाग से मांग की है कि सड़क का तत्काल निरीक्षण कराया जाए, निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच कराई जाए तथा जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदार के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जाए। साथ ही जर्जर सड़क की शीघ्र मरम्मत कराकर आवागमन को सुरक्षित बनाया जाए, ताकि भविष्य में किसी बड़ी दुर्घटना से बचा जा सके।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई तो आने वाले दिनों में दुर्घटनाओं की संख्या बढ़ सकती है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभाग और निर्माण एजेंसी की होगी।