जीपीएम पुलिस की अनोखी पाठशाला: डाइट पेण्ड्रा से लेकर मिशन व टीकरकला स्कूलों में यातायात और साइबर सुरक्षा का शंखनाद
गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही, 30 जुलाई 2026
गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही (जीपीएम) जिले में सड़क दुर्घटनाओं और बढ़ते डिजिटल अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए जिला पुलिस प्रशासन ने एक व्यापक मुहिम छेड़ दी है। जिला पुलिस अधीक्षक (SP) और अनुविभागीय अधिकारी पुलिस (SDOP) के कड़े निर्देशों के तहत पूरे जिले के शिक्षण संस्थानों में जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं, जिसका मुख्य उद्देश्य छात्र-छात्राओं और आम नागरिकों को सुरक्षित भविष्य की दिशा में जागरूक करना है।
डाइट पेण्ड्रा में शिक्षा और सुरक्षा का अनूठा संगम (विशेष संदर्भ)
जिले भर में चल रहे इस अभियान के तहत पुलिस विभाग ने खुद को केवल स्कूली बच्चों तक ही सीमित नहीं रखा है, बल्कि भावी शिक्षकों को भी इस मुहिम का अहम हिस्सा बनाया है। इसी कड़ी में पं. माधवराव सप्रे जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) पेण्ड्रा में पुलिस और शिक्षा विभाग के बीच एक शानदार तालमेल देखने को मिला।
संस्थान में पुलिस अधिकारियों ने डाइट के संकाय सदस्यों और प्रशिक्षणार्थी छात्र-शिक्षकों के साथ सीधा संवाद किया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य इन युवा और भावी शिक्षकों को यातायात और साइबर सुरक्षा के प्रति एक सशक्त संदेशवाहक बनाना है। पुलिस विभाग की यह दूरदर्शी सोच है कि जब ये शिक्षक भविष्य में जिले के दूरदराज इलाकों में सेवा देंगे, तो वे आम लोगों और बच्चों को नियमों के प्रति मजबूती से जागरूक कर सकेंगे।
मिशन एवं टीकरकला स्कूलों में यातायात और साइबर सुरक्षा पर विशेष शिविर
वहीँ दूसरी ओर, थाना प्रभारी गौरेला के कुशल नेतृत्व में मिशन उच्चतर माध्यमिक शाला गौरेला और शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय टीकरकला गौरेला में विशेष जागरूकता शिविरों का आयोजन किया गया, जिसके प्रमुख बिंदु इस प्रकार रहे:
यातायात सुरक्षा पर जीरो टॉलरेंस: स्कूली बच्चों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि वे किसी भी परिस्थिति में दोपहिया वाहन (मोटरसाइकिल) न चलाएं। स्कूल परिसर में मोटरसाइकिल और मोबाइल फोन लेकर आने पर पूर्णतः प्रतिबंध लगा दिया गया है। साथ ही, दोपहिया वाहन में हेलमेट और चार पहिया वाहन में सीट बेल्ट की अनिवार्यता पर जोर दिया गया।
साइबर अपराधों से बचाव की ट्रेनिंग: बच्चों के लिए साइबर सुरक्षा पर एक विशेष सत्र आयोजित किया गया। इसमें वर्तमान में तेजी से बढ़ रहे साइबर फ्रॉड, उनसे बचने के तरीके और धोखाधड़ी होने पर शिकायत दर्ज कराने की पूरी प्रक्रिया समझाई गई। बच्चों को जिम्मेदारी दी गई कि वे घर जाकर अपने माता-पिता को भी साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करें।
नए कानूनों की जानकारी: छात्र-छात्राओं को हाल ही में लागू किए गए नए भारतीय कानूनों के संबंध में जागरूक किया गया और बताया गया कि ये कानून त्वरित न्याय और जनता की भलाई के लिए कैसे काम करेंगे।
महिला एवं बालिका सुरक्षा: छात्राओं को महिलाओं से संबंधित विशेष अधिकारों की विस्तृत जानकारी दी गई। किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना या छेड़छाड़ की स्थिति में बिना डरे शिकायत दर्ज कराने के तरीके भी बताए गए।
शिक्षकों से संवाद और अभिभावकों को पुलिस का अल्टीमेटम
गौरेला के इन दोनों स्कूलों में पुलिस अधिकारियों ने शिक्षकों से अपील की कि वे स्वयं यातायात नियमों का पालन करें और स्कूल ड्रेस में बच्चों को किसी भी हाल में वाहन चलाने से रोकें।
स्कूल की छुट्टी होने के पश्चात, पुलिस टीम द्वारा बाहर एक विशेष चेकिंग अभियान चलाया गया। मोटरसाइकिल से आए बच्चों को रोका गया और मौके पर ही उनके अभिभावकों से संपर्क कर सख्त हिदायत दी गई। पुलिस ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि नाबालिग बच्चों को वाहन देना एक दंडनीय अपराध है। यदि अभिभावक इन नियमों का पालन नहीं करते हैं, तो अगली बार से समझाइश नहीं, बल्कि सीधे तौर पर चालानी कार्रवाई की जाएगी।