डिजिटल पहल ने पकड़ी रफ्तार, नामांतरण प्रकरणों के निराकरण में 51% की वृद्धि जुलाई में 162 प्रकरणों का निपटारा, ऑनलाइन व्यवस्था से राजस्व सेवाओं में बढ़ी पारदर्शिता और जवाबदेही

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डिजिटल पहल ने पकड़ी रफ्तार, नामांतरण प्रकरणों के निराकरण में 51% की वृद्धि
जुलाई में 162 प्रकरणों का निपटारा, ऑनलाइन व्यवस्था से राजस्व सेवाओं में बढ़ी पारदर्शिता और जवाबदेही
कटनी।। नगर निगम की राजस्व सेवाओं को अधिक पारदर्शी, त्वरित और नागरिक-अनुकूल बनाने के लिए निगमायुक्त तपस्या परिहार द्वारा लागू की गई ऑनलाइन नामांतरण व्यवस्था अब प्रभावी परिणाम देने लगी है। ऑनलाइन प्रविष्टि, सतत मॉनिटरिंग और निर्धारित समय-सीमा में प्रकरणों के निराकरण के निर्देशों के बाद नामांतरण मामलों के निपटारे में उल्लेखनीय तेजी आई है।
नगर निगम के अनुसार, जुलाई 2026 में कुल 162 नामांतरण प्रकरणों का निराकरण किया गया, जो पिछले महीनों की तुलना में लगभग 51 प्रतिशत अधिक है। ऑनलाइन प्रक्रिया लागू होने से लंबित फाइलों की संख्या में कमी आई है और नागरिकों को अपनी संपत्ति से संबंधित नामांतरण प्रक्रिया में पहले की अपेक्षा तेजी से राहत मिल रही है।

634 प्रकरणों में 476 का निराकरण
राजस्व अधिकारी जागेश्वर प्रसाद पाठक ने बताया कि 1 अप्रैल 2026 से 30 जुलाई 2026 तक नगर निगम कार्यालय में नामांतरण के 479 नए प्रकरण प्राप्त हुए। वहीं पिछले वित्तीय वर्ष के 155 प्रकरण लंबित थे। इस प्रकार कुल 634 प्रकरण निराकरण के लिए उपलब्ध थे, जिनमें से अब तक 476 प्रकरणों का निराकरण किया जा चुका है।
शेष 158 प्रकरणों को ऑनलाइन दर्ज कर निर्धारित समय-सीमा में निराकरण की प्रक्रिया जारी है। निगम प्रशासन का कहना है कि ऑनलाइन मॉनिटरिंग के माध्यम से लंबित मामलों पर लगातार नजर रखी जा रही है, ताकि अनावश्यक विलंब न हो।
घर बैठे देख सकेंगे आवेदन की स्थिति
ऑनलाइन नामांतरण व्यवस्था से प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ने के साथ ही आवेदकों को भी सुविधा मिली है। अब नागरिक अपने आवेदन की स्थिति की जानकारी घर बैठे प्राप्त कर सकते हैं। ऑनलाइन प्रक्रिया के कारण फाइलों की अनावश्यक आवाजाही कम होने के साथ मानवीय हस्तक्षेप और बिचौलियों की भूमिका को भी सीमित करने में मदद मिल रही है।
समय-सीमा में निराकरण पर निगमायुक्त का जोर
निगमायुक्त सुश्री तपस्या परिहार ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि निगम कार्यालय में प्राप्त होने वाले प्रत्येक नामांतरण आवेदन की अनिवार्य रूप से ऑनलाइन प्रविष्टि की जाए और उसका निर्धारित समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने व्यवस्था की लगातार मॉनिटरिंग करते हुए लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण पर विशेष जोर दिया है। निगमायुक्त ने कहा कि निगम का उद्देश्य नागरिकों को बिना परेशानी और बिना अनावश्यक देरी के बुनियादी सेवाएं उपलब्ध कराना है। नामांतरण जैसी राजस्व सेवा का समय पर निराकरण होने से न केवल नागरिकों को सुविधा मिलेगी, बल्कि निगम के राजस्व में भी वृद्धि होगी। इस राजस्व का उपयोग शहर के विकास और नागरिक सुविधाओं से जुड़े कार्यों में किया जा सकेगा। नगर निगम प्रशासन की यह डिजिटल पहल सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। नामांतरण प्रकरणों के तेजी से निराकरण के आंकड़े इस बात के संकेत हैं कि ऑनलाइन व्यवस्था के माध्यम से राजस्व सेवाओं की कार्यप्रणाली में सकारात्मक बदलाव आया है।

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