हर आवेदन पर नजर, हर काम की समय-सीमा तय निगमायुक्त ने अधिकारियों को दिखाई जवाबदेही की राह विभागवार रजिस्टर संधारित कर प्रतिदिन मॉनिटरिंग के निर्देश, लंबित प्रकरणों पर अधिकारियों की व्यक्तिगत जवाबदेही तय
हर आवेदन पर नजर, हर काम की समय-सीमा तय
निगमायुक्त ने अधिकारियों को दिखाई जवाबदेही की राह
विभागवार रजिस्टर संधारित कर प्रतिदिन मॉनिटरिंग के निर्देश, लंबित प्रकरणों पर अधिकारियों की व्यक्तिगत जवाबदेही तय

कटनी।। नगर निगम में आयोजित समय-सीमा बैठक में निगमायुक्त तपस्या परिहार ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि नागरिकों से संबंधित प्रत्येक आवेदन और प्रकरण का निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रशासन की कार्यप्रणाली का वास्तविक मूल्यांकन इस बात से होता है कि आम नागरिकों के कार्य कितनी शीघ्रता और गुणवत्ता के साथ पूरे किए जा रहे हैं।
निगमायुक्त ने कहा कि प्रत्येक आवेदन किसी नागरिक की समस्या, अपेक्षा और अधिकार से जुड़ा होता है, इसलिए उसके निराकरण में अनावश्यक देरी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों को अपने-अपने विभाग में प्राप्त आवेदनों, लंबित प्रकरणों, विकास कार्यों तथा शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं के लिए पृथक-पृथक रजिस्टर संधारित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि इन रजिस्टरों को प्रतिदिन अद्यतन किया जाए और लंबित मामलों की नियमित समीक्षा की जाए, ताकि किसी भी प्रकरण के निराकरण में अनावश्यक विलंब न हो। प्रत्येक अधिकारी अपने विभाग से संबंधित लंबित प्रकरणों की व्यक्तिगत रूप से निगरानी करें और उनके निराकरण की दैनिक प्रगति सुनिश्चित करें।
नियमित मॉनिटरिंग से बढ़ेगी पारदर्शिता और जवाबदेही
निगमायुक्त तपस्या परिहार ने कहा कि नियमित मॉनिटरिंग से कार्यों में पारदर्शिता आती है और अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित होती है। इससे लंबित प्रकरणों में कमी आने के साथ ही नागरिकों को नगर निगम की सेवाओं का लाभ समय पर मिल सकेगा। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों और शासन की विभिन्न योजनाओं का उद्देश्य तभी सार्थक होगा, जब उनका लाभ निर्धारित समय में आमजन तक पहुंचे। इसलिए सभी अधिकारी योजनाओं और विकास कार्यों की निरंतर निगरानी करते हुए उन्हें समय-सीमा के भीतर गुणवत्ता के साथ पूरा कराएं।
समय-सीमा के चिन्हित पत्रों की समीक्षा
बैठक के दौरान निगमायुक्त ने समय-सीमा के चिन्हित पत्रों पर अब तक की गई कार्रवाई की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों से उनके निराकरण की प्रगति जानी तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
विकास कार्यों एवं विभिन्न शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा करते हुए उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्ता के साथ पूर्ण कराए जाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर शिथिलता अथवा अनावश्यक विलंब स्वीकार नहीं किया जाएगा।
निगमायुक्त ने कहा कि समयबद्ध, पारदर्शी और जवाबदेह कार्यप्रणाली ही प्रभावी प्रशासन की पहचान है। सभी अधिकारी इसी भावना के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें, ताकि नगर निगम की कार्यप्रणाली के प्रति नागरिकों का विश्वास और अधिक मजबूत हो।