तीन महीने तक पुलिस को देता रहा चुनौती… आखिर ‘खूंखार’ मनीष जायसवाल कानून के शिकंजे में हत्या के प्रयास के मामले में भेजा गया जेल
तीन महीने तक पुलिस को देता रहा चुनौती… आखिर ‘खूंखार’ मनीष जायसवाल कानून के शिकंजे में हत्या के प्रयास के मामले में भेजा गया जेल
कटनी।। इन्द्रानगर की गलियों में तीन महीने पहले हुई चाकूबाजी की सनसनीखेज वारदात का फरार मास्टरमाइंड आखिरकार पुलिस के हत्थे चढ़ गया। दर्जनों आपराधिक मामलों में नामजद और पुलिस के लिए सिरदर्द बना मनीष जायसवाल लगातार ठिकाने बदलकर गिरफ्तारी से बचता रहा, लेकिन कुठला पुलिस ने उसके हर दांव को नाकाम करते हुए उसे दबोच लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा के निर्देश पर जिले में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमल मौर्य एवं एसडीओपी शिवा पाठक के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक अखलेश दाहिया के नेतृत्व में पुलिस टीम लगातार आरोपी की तलाश में जुटी थी। तकनीकी साक्ष्यों, मुखबिर तंत्र और लगातार निगरानी के बाद पुलिस ने फरार आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की।
आधी रात….मामूली विवाद और फिर खून से लाल हो गई गली
16 मई 2026 की रात करीब 12:20 बजे इन्द्रानगर की गली नंबर-3 में एक मामूली विवाद अचानक खूनी संघर्ष में बदल गया। सरला नगर निवासी उत्तम लौहार अपने साथियों के साथ बाइक से गुजर रहा था। रास्ते में कुत्तों के दौड़ने पर टोका-टोकी हुई और कुछ ही पलों में गाली-गलौज शुरू हो गई। आरोप है कि देखते ही देखते कई लोग एकत्र हो गए और मारपीट शुरू कर दी। इसी दौरान जान से मारने की नीयत से चाकू से हमला किया गया। फरियादी ने खुद को बचाने की कोशिश की, लेकिन चाकू उसकी पीठ में जा धंसा। हमले के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए और इलाके में दहशत फैल गई।
एक-एक कर सभी गिरफ्तार…लेकिन मास्टरमाइंड था फरार
घटना के बाद कुठला पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए इस मामले के अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन मुख्य आरोपी मनीष जायसवाल पुलिस को लगातार चकमा देता रहा। वह बार-बार अपने ठिकाने बदल रहा था, जिससे उसकी गिरफ्तारी चुनौती बनी हुई थी।
कुठला पुलिस ने आरोपी की तलाश में लगातार दबिश दी। तकनीकी सर्विलांस, मुखबिरों की सूचना और परंपरागत पुलिसिंग के संयोजन से आखिरकार पुलिस आरोपी तक पहुंच गई। गुरुवार को पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।