वायरल सीसीटीवी ने उड़ाई ट्रांसपोर्टरों की नींद! डीआईजी दफ्तर तक पहुंचा डीजल चोरी का मामला, 1 साल से जारी खेल का खुलासा
शहडोल। सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे कथित सीसीटीवी वीडियो ने पूरे ट्रांसपोर्ट कारोबार में हड़कंप मचा दिया है। अब तक वाहन मालिक अपनी गाड़ियों की लगातार घटती माइलेज और बढ़ते डीजल खर्च को सामान्य तकनीकी खराबी मान रहे थे, लेकिन इस खुलासे के बाद हर ट्रांसपोर्टर अपने ड्राइवरों की गतिविधियों पर शक करने लगा है। मामला अब महज चर्चाओं तक सीमित नहीं रहा, बल्कि आधिकारिक तौर पर पुलिस और पुलिस उप महानिरीक्षक दफ्तर तक पहुंच गया है।नौरोजाबाद निवासी वाहन मालिक अब्दुल खान पिता स्व. लतीफ खान ने डीआईजी शहडोल को औपचारिक शिकायत सौंपकर मामले का पर्दाफाश किया है। आवेदक के अनुसार, उनकी गाड़ियों— MP54-ZB_4860, MP18-ZJ_4677, MP18-ZJ_4498, MP18-ZJ_4446 तथा MP20-ZV4430 के वाहन चालक मुस्तकीन, मो. इरशाद उर्फ लाला एवं मो. इरशाद सभी निवासी राघवपुर धुंडी, थाना नौरोजाबाद पिछले करीब एक वर्ष से लगातार वाहनों से डीजल चोरी कर रहे थे।
वाहन मालिक का दावा है कि फुल टैंक करवाने के बाद भी गाड़ियों की एवरेज लगातार गिर रही थी, जिससे उन्हें भारी वित्तीय नुकसान हो रहा था। सीसीटीवी फुटेज में स्पष्ट दिखाई दिया कि ट्रकों की टंकियों में डीजल भरवाते समय टंकी के साथ-साथ अलग से प्लास्टिक के डिब्बों में भी डीजल भरकर चुराया जा रहा था। वाहन मालिक का कहना है कि उनके पास ड्राइवरों द्वारा की जा रही इस धोखाधड़ी और डीजल चोरी के पुख्ता साक्ष्य व वीडियो मौजूद हैं।
शिकायतकर्ता ने बताया कि उन्होंने सबसे पहले 3 अगस्त को थाना अमलाई में इस संबंध में लिखित शिकायत दी थी। हालांकि, कई दिन बीत जाने के बाद भी जब पुलिस की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो मजबूर होकर 7 अगस्त 2026 को उन्हें पुलिस उप महानिरीक्षक शहडोल की शरण लेनी पड़ी और त्वरित निष्पक्ष कार्रवाई की गुहार लगानी पड़ी।
इस घटनाक्रम के सामने आने के बाद पूरे शहडोल और आसपास के ट्रांसपोर्ट क्षेत्र में हड़कंप मचा हुआ है। कई अन्य वाहन मालिक भी अब अपने वाहनों के डीजल रिकॉर्ड, लॉग बुक और ड्राइवरों के पुराने कारनामों की दोबारा बारीक जांच में जुट गए हैं। ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि इस प्रकार की वारदातों से मालिक और ड्राइवर के बीच भरोसे का रिश्ता पूरी तरह टूट गया है। अब सभी की नजरें पुलिस और प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं कि क्या आरोपियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाते हैं।