कलेक्टर के मार्गदर्शन में शाला त्यागी बच्चे लौटे शिक्षा की मुख्य धारा में, शिक्षा के प्रति शिक्षा विभाग ने किया गया जागरूक
गौरेला पेंड्रा मरवाही
कलेक्टर श्री विजय दयाराम के. (आईएएस) के मार्गदर्शन में जिले में शाला त्यागी बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने का विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
इस अभियान के तहत यूनिसेफ की जिला समन्वयक सुश्री सरस्वती यादव द्वारा शाला त्यागी बच्चों को चिन्हित कर लगातार बालिकाओं एवं उनके पालकों के घर संपर्क किया जा रहा है। संपर्क के दौरान बालिकाओं को पढ़ाना क्यों जरूरी है, शिक्षा का महत्व, शिक्षा को जीवन का हिस्सा बनाना, समाज में व्याप्त लिंग भेद को समाप्त करना तथा बालिकाओं को पढ़-लिख कर नौकरी या व्यवसाय कर आर्थिक रूप से सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनने हेतु जागरूक किया गया।
इस प्रेरणा से ग्राम गोर्राटिकरा की दिलेश कुमारी एवं ललिता, लिखन टोला की कुमारी सुमन, देवराज पारा से प्रीतम सिंह एवं राहुल सिंह नागेश ने शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय नेवसा में पुनः प्रवेश लेकर नियमित रूप से शाला आना प्रारंभ कर दिया है। आज यूनिसेफ की जिला समन्वयक सुश्री सरस्वती यादव द्वारा बच्चों को स्कूल बैग वितरित कर मन लगाकर पढ़ाई करने हेतु प्रोत्साहित किया गया।

शाला त्यागी बच्चों को वापस लाने में शिक्षक श्री संजय सिंह राजपूत, श्री दिनेश सिंह पैकरा एवं श्री हरीश शंकर शर्मा तथा यूनिसेफ की जिला समन्वयक सुश्री सरस्वती यादव का विशेष सहयोग रहा।
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जिला शिक्षा अधिकारी रजनीश तिवारी द्वारा बच्चों को नियमित शाला आने पर बधाई देते हुए इस सत्र में मन लगाकर पढ़ाई करने, अच्छे नंबरों से पास होने एवं अपने भविष्य को उज्जवल बनाने हेतु शुभकामनाएं दी गईं।
उल्लेखनीय है कि जिला प्रशासन, शिक्षा विभाग एवं यूनिसेफ के संयुक्त प्रयास से जिले के 100 माध्यमिक / हाई / हायर सेकेंडरी स्कूलों में बालिका शिक्षा कार्यक्रम संचालित है, जिसके अंतर्गत बालिकाओं को लिंग संवेदनशीलता, मानसिक स्वास्थ्य, वित्तीय साक्षरता एवं 21वीं सदी के कौशलों का विकास करने हेतु प्रशिक्षित किया जा रहा है।