बुढार पुलिस की कार्यवाही से खनिज माफिया में हड़कंप, अरसे बाद दिखी कार्रवाई
खनिज माफिया में हड़कंप, अरसे बाद दिखी बड़ी कार्रवाई
एसपी संजय अग्रवाल के निर्देश पर बुढार पुलिस की कार्रवाई, बिना नंबर की मेटाडोर में रेत परिवहन का मामला दर्ज
बुढार। लंबे समय से खनिज के अवैध परिवहन को लेकर चर्चा में रहे बुढार क्षेत्र में पुलिस की कार्रवाई से खनिज कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया है। शहडोल पुलिस अधीक्षक संजय अग्रवाल के निर्देश पर बुढार थाना प्रभारी संजय जायसवाल के नेतृत्व में पुलिस ने बिना नंबर की मेटाडोर वाहन से संदिग्ध रूप से रेत का परिवहन किए जाने के मामले में कार्रवाई की है। इस कार्रवाई को क्षेत्र में अरसे बाद दिखाई दी प्रभावी कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है।
पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर के अनुसार घटना 7 सितंबर 2026 की रात करीब 10:30 से 11 बजे के बीच की है। थाना परिसर बुढार में बिना नंबर की मेटाडोर वाहन में अवैध रूप से रेत का परिवहन करते हुए वाहन को संदेह के आधार पर रोका गया। पूछताछ के दौरान वाहन चालक ने अपना नाम अजय यादव, पिता सुरेश यादव, निवासी जरवाही थाना बुढार बताया। रेत लोड किए जाने के संबंध में चालक से दस्तावेज मांगे गए, लेकिन वह आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका।
मामले की सूचना और कार्रवाई क्लेमेंट जॉन द्वारा की गई। एफआईआर में उन्हें जांच अधिकारी के रूप में निर्देशित किया गया है। पुलिस ने वाहन की जांच के साथ चालक के विरुद्ध संबंधित धाराओं में प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता की धारा 303(2), 317(5), खान एवं खनिज (विकास का विनियमन) अधिनियम की धारा 4/21 तथा मोटरयान अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस की इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में अवैध खनिज परिवहन करने वालों के बीच चर्चाएं तेज हो गई हैं। लंबे समय से कार्रवाई की मांग के बीच अचानक हुई इस कार्रवाई ने खनिज कारोबार से जुड़े लोगों में बेचैनी बढ़ा दी है। स्थानीय स्तर पर इसे पुलिस की सख्ती का संकेत माना जा रहा है।
बुढार पुलिस की इस कार्रवाई से यह संदेश भी गया है कि अवैध रूप से खनिज परिवहन करने वालों के खिलाफ पुलिस अब सख्त रुख अपना रही है। आने वाले दिनों में ऐसी कार्रवाई लगातार जारी रहती है या नहीं, इस पर क्षेत्रवासियों और खनिज कारोबार से जुड़े लोगों की नजर बनी हुई है।