विहिप स्थापना दिवस पर हिंदू महासम्मेलन, सामाजिक समरसता और सेवा कार्यों पर जोर संत ब्रह्मानंद दास ने कहा- संगठन की मजबूती के लिए जमीनी स्तर पर कार्य जरूरी, जितेंद्र वर्मा ने विहिप की स्थापना और सेवा कार्यों की जानकारी दी
विहिप स्थापना दिवस पर हिंदू महासम्मेलन, सामाजिक समरसता और सेवा कार्यों पर जोर
संत ब्रह्मानंद दास ने कहा- संगठन की मजबूती के लिए जमीनी स्तर पर कार्य जरूरी, जितेंद्र वर्मा ने विहिप की स्थापना और सेवा कार्यों की जानकारी दी

कटनी।। विश्व हिंदू परिषद के स्थापना दिवस के अवसर पर कटनी नगर में संतों के सानिध्य में हिंदू महासम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बाल ब्रह्मचारी संत शिरोमणि ब्रह्मानंद दास जी महाराज का सानिध्य एवं मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। सम्मेलन में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल सहित विभिन्न हिंदू संगठनों के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने सहभागिता की। नगर के व्यवसायी, उद्योगपति, सामाजिक कार्यकर्ता, राजनीतिक कार्यकर्ता तथा समाज के विभिन्न वर्गों के लोग भी कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम में संतों एवं अतिथियों का स्वागत किया गया। वक्ताओं ने विश्व हिंदू परिषद की स्थापना, संगठन के उद्देश्यों, सामाजिक समरसता, सेवा कार्यों तथा समाज को संगठित एवं जागरूक करने की आवश्यकता पर विचार व्यक्त किए।
जमीनी स्तर पर कार्य जरूरी : संत ब्रह्मानंद दास
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संत शिरोमणि ब्रह्मानंद दास जी महाराज ने कहा कि बड़े-बड़े पद अपनी जगह हैं, लेकिन संगठन और समाज के लिए जमीनी स्तर पर कार्य करना सबसे आवश्यक है। उन्होंने कहा कि विश्व हिंदू परिषद पिछले 62 वर्षों से सनातन समाज की रक्षा, संगठन और सेवा के लिए कार्य कर रहा है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से समाज के बीच जाकर लोगों को जागरूक करने तथा सामाजिक समरसता और एकता को मजबूत करने का आह्वान किया। संत ने कहा कि व्यक्ति अपने आचरण से श्रेष्ठ बनता है और कोई जाति अपने आप में श्रेष्ठ नहीं होती। उन्होंने समाज में आपसी भाईचारे, समरसता और एकता की भावना को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
भारत की संस्कृति और परंपराएं कायम रहीं : जितेंद्र वर्मा
मुख्य वक्ता एवं विश्व हिंदू परिषद के प्रांत संगठन मंत्री जितेंद्र वर्मा ने कहा कि इतिहास में अनेक शक्तियां भारत में आईं और उन्होंने अपने साम्राज्य स्थापित किए, लेकिन समय के साथ वे समाप्त हो गए। भारत की संस्कृति, परंपरा और सनातन विचार निरंतर बने रहे। उन्होंने मंदिरों को हिंदू समाज के आस्था और संगठन के केंद्र बताते हुए कहा कि आवश्यकता के समय समाज मंदिरों में एकत्रित होकर संगठित होता रहा है। उन्होंने समाज को जागरूक करने में संतों की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया। वर्मा ने बताया कि 29 अगस्त 1964 को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर संत शक्ति के आशीर्वाद से विश्व हिंदू परिषद की स्थापना हुई थी। संगठन द्वारा धर्म, संस्कृति एवं परंपराओं के संरक्षण के साथ स्वास्थ्य, शिक्षा, सेवा और सामाजिक सशक्तिकरण के क्षेत्रों में विभिन्न सेवा परियोजनाएं संचालित की जा रही हैं। उन्होंने सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन तथा सामाजिक समरसता और एकता को मजबूत करने के लिए निरंतर कार्य किए जाने की बात कही।
सेवा और सामाजिक समरसता पर जोर
महासम्मेलन में वक्ताओं ने कहा कि किसी भी संगठन की मजबूती केवल पद और संख्या से नहीं, बल्कि समाज के बीच किए जाने वाले निरंतर कार्यों से होती है। कार्यकर्ताओं से समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुंचकर सेवा, संस्कार, सुरक्षा और सामाजिक समरसता के विषयों पर कार्य करने का आह्वान किया गया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने संगठन के सेवा कार्यों को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने तथा सामाजिक एवं धार्मिक विषयों पर जागरूकता बढ़ाने का संकल्प व्यक्त किया।
ये रहे उपस्थित
कार्यक्रम में संत ब्रह्मानंद दास जी महाराज, मुख्य अतिथि नुपूर कपूर, कार्यक्रम प्रभारी एवं विहिप कटनी नगर अध्यक्ष मोनी जैसवानी, मुख्य वक्ता एवं प्रांत संगठन मंत्री जितेंद्र वर्मा, विशिष्ट अतिथि सुधांशु तिवारी, जिला अध्यक्ष लखन साहू, कार्यक्रम संयोजक एवं जिला संयोजक मनीष दुबे, कार्यक्रम अध्यक्ष एवं उद्योगपति तथा सिंधी समाज अध्यक्ष वीरेंद्र तीर्थानी, डॉ. श्रीमती निधि प्रसन्न बजाज, जिला मंत्री राहुल मिश्रा सहित अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम का मंच संचालन विहिप के प्रांत सह संयोजक एवं बजरंग दल के राहुल दुबे ने किया। जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए कार्यकर्ताओं एवं समाजजनों की सहभागिता रही। समापन अवसर पर अतिथियों एवं संतों का आभार व्यक्त किया गया।