अवैध रेत उत्खनन रोकने गई वन विभाग की टीम पर हमला, महिला रेंजर से अभद्रता कर जब्त ट्रैक्टर बलपूर्वक छुड़ा ले गए ट्रेक्टर मालिक हर्री स्टेशन के पास कर्मचारियों को गाली-गलौज देकर ट्रैक्टर से उतारा, महिला रेंजर से की बदसलूकी
लालपुर अंडरब्रिज पर शासकीय वाहन रोककर पुनः किया हुड़दंग, दोनों ट्रैक्टर छिपाए
DFO व पुलिस को विस्तृत प्रतिवेदन भेजकर नामजद एफआईआर व कड़ी कार्रवाई की मांग
गौरेला / पेण्ड्रारोड:
मरवाही वनमण्डल अंतर्गत गौरेला वन परिक्षेत्र में अवैध रेत परिवहन कर्ता के हौसले चरम पर पहुंच चुके हैं। शासकीय भूमि व नाले से अवैध रेत उत्खनन की सूचना पर कार्रवाई करने पहुंचे वन विभाग के अमले पर अवैध रेत खनन कर्ताओं एवं उनके समर्थकों ने धावा बोल दिया। आरोपियों ने न सिर्फ महिला वन परिक्षेत्राधिकारी (रेंजर) ज्योत्स्ना पांडे और कर्मचारियों के साथ अभद्रता व गाली-गलौज की, बल्कि शासकीय अभिरक्षा में डिपो ले जाए जा रहे दोनों जब्त ट्रैक्टरों को बलपूर्वक छुड़ाकर फरार हो गए। घटना के बाद शासकीय वाहन को भी रास्ते में रोककर विवाद किया गया।
नाले में दबिश, भागते ट्रैक्टरों को घेराबंदी कर पकड़ा
प्राप्त जानकारी व वन विभाग के प्रतिवेदन (क्रमांक 1162) के अनुसार, 18 सितंबर 2026 की सुबह अंधियारखोह परिसर अंतर्गत ओरेंज एरिया हर्री (खसरा क्रमांक 109, 106, कुल रकबा 42.09 हेक्टेयर) स्थित नाले में अवैध रूप से रेत खनन की सूचना मिली थी। सूचना पर रेंजर ज्योत्स्ना पांडे के नेतृत्व में दो टीमों का गठन किया गया, जिसमें एक शासकीय वाहन (CG 02 AU 2116) तथा निजी बाइक से टीम मौके पर पहुंची।
टीम में परिक्षेत्र सहायक लालपुर, परिसर रक्षक अंधियारखोह, गिरवर, चुकतीपानी, धनोली व वन प्रबंधन समिति के सदस्य शामिल थे। वन अमले को देखते ही मौके पर मौजूद दो ट्रैक्टर भागने लगे। टीम ने तत्परता दिखाते हुए घटना स्थल से करीब 100 मीटर दूर पूरन पनिका के घर के पास, बैगानटोला हर्री में दोनों वाहनों—एक सोल्ड स्वराज ट्रैक्टर और एक सोनालिका ट्रैक्टर (CG 10 AX 7108) को रोक लिया।
पूछताछ में सोनालिका चालक केशव प्रसाद (पिता बृजलाल पनिका, निवासी गंगापुर) ने पंचों के सामने नाले से रेत उत्खनन की नीयत से जाना स्वीकार किया। साथ ही ट्रैक्टर में 26 नग बांस करील भी अवैध रूप से लदी मिली, जिसका ‘नोटकैम’ से फोटो लेकर जब्ती व पंचनामा तैयार किया जाने लगा।
साक्ष्य नष्ट करने की कोशिश और धक्का-मुक्की
कार्रवाई के दौरान ही सोल्ड स्वराज ट्रैक्टर का चालक गणेश (पिता लुमन / बैजन राठौर) मौके से फरार हो गया और कुछ देर बाद अजय राठौर (पिता अर्जुन) व अन्य साथियों के साथ वापस लौटा। आरोपियों ने जबरन ट्रैक्टर ट्रॉली में चढ़कर रेत उत्खनन में प्रयुक्त तगाड़ी, बेलचा, फावड़ा और बांस करील को नीचे फेंकते हुए अमले से विवाद शुरू कर दिया। 
रास्ते में रोककर छीना ट्रैक्टर, महिला रेंजर से दुर्व्यवहार
विवाद बढ़ता देख रेंजर ज्योत्स्ना पांडे के निर्देश पर दोनों वाहनों को अभिरक्षा में लेकर मढ़ना डिपो लाया जा रहा था। ट्रैक्टरों पर परिसर रक्षक सवार थे। जैसे ही वाहन हर्री स्टेशन के पास पहुंचे, तभी बैजन राठौर, जय राठौर, रामू राठौर, संजू राठौर, गणेश राठौर सहित 15 से 20 ग्रामीणों ने रास्ता रोक लिया। उन्होंने कर्मचारियों को जान से मारने की धमकी देकर व गाली-गलौज करते हुए ट्रैक्टर से नीचे खींच लिया और महिला रेंजर से झूमाझटकी व अभद्रता करते हुए दोनों ट्रैक्टरों को बलपूर्वक छीनकर भगा ले गए।
इसके बाद जब वन अमला शासकीय वाहन से लौट रहा था, तभी लालपुर अंडरब्रिज के पास ट्रैक्टर मालिक अर्जुन राठौर और कुछ ग्रामीणों ने शासकीय वाहन CG 02 AU 2116 को रोककर पुनः गाली-गलौज और विवाद किया।
पूर्व में भी कर चुके हैं ऐसी वारदात, पुलिस में शिकायत
घटना की सूचना तत्काल गौरेला थाने को दी गई। पुलिस बल के साथ पुनः घटना स्थल पर दबिश दी गई, लेकिन आरोपियों ने दोनों ट्रैक्टरों को छिपा दिया और जांच में सहयोग नहीं किया। वन अधिकारियों के अनुसार, उक्त दोनों ट्रैक्टरों से पहले भी अवैध रेत उत्खनन किया जा रहा था और पूर्व में भी रोकथाम के दौरान अमले के साथ अभद्रता कर वाहन छुड़ाने की कोशिश की गई थी।
वन परिक्षेत्र अधिकारी द्वारा वनमण्डलाधिकारी (DFO) मरवाही एवं उपवनमण्डलाधिकारी (SDO) को मौका पंचनामा व साक्ष्यों के साथ विस्तृत रिपोर्ट प्रेषित कर शासकीय कार्य में बाधा, महिला लोकसेवक पर हमला, खनिज व वनोपज चोरी के तहत नामजद आरोपियों पर कठोर एफआईआर दर्ज कराने की मांग की गई है।