08 साल से फरार स्थाई वारंटी उमरदराज उर्फ बबलू गिरफ्तार तीन अलग-अलग प्रकरणों में था फरार, बैलट घाट क्षेत्र में घेराबंदी कर कोतवाली पुलिस ने दबोचा
08 साल से फरार स्थाई वारंटी उमरदराज उर्फ बबलू गिरफ्तार
तीन अलग-अलग प्रकरणों में था फरार, बैलट घाट क्षेत्र में घेराबंदी कर कोतवाली पुलिस ने दबोचा
कटनी।। कोतवाली पुलिस ने लंबे समय से फरार चल रहे एक स्थाई वारंटी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। पुलिस के अनुसार, उमरदराज उर्फ बबलू पिता मुन्ना खान (36), निवासी बैलट घाट, अम्बेडकर वार्ड, कटनी के विरुद्ध तीन अलग-अलग प्रकरणों में स्थाई गिरफ्तारी वारंट जारी थे। पुलिस ने उसे शनिवार, 19 सितंबर 2026 को बैलट घाट क्षेत्र से गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से न्यायालय के आदेश पर उसे जेल भेज दिया गया।
पुलिस के मुताबिक, उमरदराज उर्फ बबलू वर्ष 2018 और 2021 से संबंधित तीन प्रकरणों में लंबे समय से फरार चल रहा था। उसके विरुद्ध प्रकरण क्रमांक 348/19, 4337/21 एवं एस.टी./61/22 में विभिन्न न्यायालयों द्वारा स्थाई गिरफ्तारी वारंट जारी किए गए थे। पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा (भा.पु.से.) ने थाना क्षेत्र में लंबे समय से फरार स्थाई वारंटियों की पतासाजी कर उनकी शीघ्र गिरफ्तारी के निर्देश दिए थे। निर्देशों के पालन में थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक राखी पाण्डेय ने फरार वारंटियों की समीक्षा कर उनकी गिरफ्तारी के लिए थाना स्तर पर विशेष टीम गठित की थी। पुलिस द्वारा वारंटी के संभावित ठिकानों पर लगातार तलाश की जा रही थी और मुखबिर तंत्र को भी सक्रिय किया गया था। इसी दौरान थाना प्रभारी कोतवाली को विश्वसनीय मुखबिर से सूचना मिली कि स्थाई वारंटी उमरदराज उर्फ बबलू बैलट घाट क्षेत्र में घूम रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम को मौके के लिए रवाना किया गया। टीम ने बैलट घाट पहुंचकर रेलवे कॉलोनी के पीछे स्थित मैदान की घेराबंदी की और उमरदराज उर्फ बबलू को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी के बाद वारंटी को विधिवत थाना लाया गया और आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी कर न्यायालय के समक्ष पेश किया गया। न्यायालय के आदेशानुसार उसे जेल दाखिल कराया गया।
पुलिस के अनुसार, इस कार्रवाई में पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमल मौर्य एवं उप पुलिस अधीक्षक अजाक शिवा पाठक के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक राखी पाण्डेय, प्रधान आरक्षक वीरेन्द्र सिंह, अनिल सेंगर, पुष्पराज सिंह तथा आरक्षक दीपक तिवारी एवं दीपक चक्रवर्ती की महत्वपूर्ण भूमिका रही।