बिरला माइंस के लिए पेड़ कटाई के दौरान मजदूर की मौत, सुरक्षा इंतजामों पर उठे सवाल
शहडोल। बुढ़ार थाना क्षेत्र के गोपालपुर में वन भूमि पर पेड़ कटाई के दौरान एक मजदूर की पेड़ की चपेट में आने से मौत हो गई। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना ने वन भूमि पर कराए जा रहे कटाई कार्य के दौरान मजदूरों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रत्यक्षदर्शी मजदूरों ने आरोप लगाया कि काम के दौरान आवश्यक सुरक्षा उपकरण और पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम उपलब्ध नहीं कराए गए थे।
जानकारी के अनुसार गोपालपुर बीट में वन विभाग की भूमि पर लगे यूकेलिप्टस (लिप्टिस) के पेड़ों की कटाई का कार्य कराया जा रहा था। इसी दौरान जैतपुर क्षेत्र के शाहपुर निवासी केशव प्रसाद पेड़ काटने के काम में लगा था। कटाई के दौरान अचानक पेड़ असंतुलित होकर मजदूर के ऊपर जा गिरा। गंभीर चोट लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद साथी मजदूरों ने मामले की जानकारी संबंधित अधिकारियों को दी।
बताया जा रहा है कि गोपालपुर क्षेत्र में वन भूमि से पेड़ों की कटाई के बाद जमीन को बिरला कॉर्पोरेशन लिमिटेड की विक्रम कोल माइंस परियोजना के लिए उपलब्ध कराने की प्रक्रिया चल रही है। इसी क्रम में वन क्षेत्र में पेड़ हटाने का कार्य कराया जा रहा था। हालांकि, कटाई के दौरान मजदूरों की सुरक्षा के लिए क्या-क्या इंतजाम किए गए थे और निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन हुआ या नहीं, यह जांच का विषय है।
प्रत्यक्षदर्शी मजदूरों ने बताया कि पेड़ काटने के दौरान पर्याप्त दूरी बनाए रखने, सुरक्षा उपकरणों और अन्य जरूरी सावधानियों को लेकर समुचित व्यवस्था नहीं दिखाई दी। हादसे के बाद मजदूरों में भी नाराजगी देखी गई। उनका कहना है कि जोखिम वाले काम में मजदूरों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
घटना की सूचना मिलने के बाद बुढार थाना के पभारी रजनीश तिवारी दल बल सहित मौके पर पहुंचे और स्थितियों को संभाला, वही वन विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और मामले की जानकारी जुटाई। वन परिक्षेत्र जैतपुर के एसडीओ वीरभद्र सिंह परिहार ने कहा कि घटना की जांच कराई जाएगी। जांच में यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
अब जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि पेड़ कटाई का कार्य किसकी निगरानी में कराया जा रहा था, मजदूरों को कौन-कौन से सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए गए थे और हादसे की वास्तविक वजह क्या रही। मजदूर की मौत के बाद वन विभाग और संबंधित परियोजना के लिए चल रही प्रक्रिया में सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।