सराफा बाजार में करोड़ों की कथित धोखाधड़ी का आरोप लगाने वाले कारोबारी पर अब खुद सचिन सोनी का पलटवार! SP कार्यालय पहुंचकर खोली पुराने विवाद की कहानी, बोले- ब्याज के लिए दबाव, परिवार को बर्बाद करने की धमकी और जानलेवा हमला भी कराया देवा ज्वेलर्स संचालक राकेश सोनी ने 19.991 किलो चांदी में महज 2.5 प्रतिशत शुद्धता होने, सोने के जेवर और 6.10 लाख रुपये वापस नहीं करने का लगाया था आरोप; अब सचिन ने गोल्डी सोनी और राकेश सोनी को बनाया शिकायत का आधार, 18 जनवरी 2024 के हमले का भी किया जिक्र
सराफा बाजार में करोड़ों की कथित धोखाधड़ी का आरोप लगाने वाले कारोबारी पर अब खुद सचिन सोनी का पलटवार! SP कार्यालय पहुंचकर खोली पुराने विवाद की कहानी, बोले- ब्याज के लिए दबाव, परिवार को बर्बाद करने की धमकी और जानलेवा हमला भी कराया
देवा ज्वेलर्स संचालक राकेश सोनी ने 19.991 किलो चांदी में महज 2.5 प्रतिशत शुद्धता होने, सोने के जेवर और 6.10 लाख रुपये वापस नहीं करने का लगाया था आरोप; अब सचिन ने गोल्डी सोनी और राकेश सोनी को बनाया शिकायत का आधार, 18 जनवरी 2024 के हमले का भी किया जिक्र
कटनी।। शहर के सराफा बाजार में सोने-चांदी के व्यापार की आड़ में कथित धोखाधड़ी का मामला अब एक नया और चौंकाने वाला मोड़ ले चुका है। कुछ दिन पहले तक जिस सचिन सोनी पर सराफा कारोबारियों का सोना और लाखों रुपये हड़पने, नकली चांदी अमानत के तौर पर रखने और जेवरों की शुद्धता में गड़बड़ी करने जैसे गंभीर आरोप लग रहे थे, अब उसी सचिन सोनी ने सामने आकर पूरे मामले को एक अलग ही दिशा दे दी है। सचिन सोनी ने अपने ऊपर लगे आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर लिखित आवेदन सौंपा है। आवेदन में उसने गोल्डी सोनी उर्फ सूर्यकांत सोनी और देवा ज्वेलर्स के संचालक राकेश सोनी पर जबरन ब्याज मांगने, घर पहुंचकर धमकाने, परिवार को बर्बाद करने की चेतावनी देने, जानलेवा हमला करवाने और झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।
इस पूरे घटनाक्रम ने सराफा बाजार में चल रहे पुराने व्यापारिक लेन-देन और आपसी विवाद को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। एक तरफ कारोबारी नकली चांदी और सोने के जेवरों के जरिए धोखाधड़ी होने की शिकायत कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ आरोपों के घेरे में आए सचिन सोनी का दावा है कि उसे पुराने व्यापारिक सौदे के अंतर की रकम और ब्याज के लिए लगातार परेशान किया जा रहा था। अब सवाल यह है कि आखिर सोने के भाव के उतार-चढ़ाव से शुरू हुआ यह विवाद कथित धोखाधड़ी, धमकी और जानलेवा हमले तक कैसे पहुंचा।
पहले देवा ज्वेलर्स संचालक ने लगाए थे धोखाधड़ी के गंभीर आरोप##

मामले की शुरुआत शेर चौक स्थित श्री देवा ज्वेलर्स के संचालक राकेश सोनी की शिकायत से हुई थी। राकेश सोनी ने कोतवाली थाने में शिकायत देकर आरोप लगाया था कि आजाद चौक निवासी सचिन सोनी के साथ पिछले चार से पांच वर्षों से उनका व्यापारिक लेन-देन चल रहा था। लंबे समय तक कारोबार करने के कारण दोनों के बीच विश्वास कायम हो गया था। इसी विश्वास का फायदा उठाकर सचिन ने कथित तौर पर उनके साथ धोखाधड़ी की।
राकेश सोनी की शिकायत के अनुसार, 3 अगस्त 2023 को सचिन सोनी उनकी दुकान से 18 कैरेट के 62.920 ग्राम और 20 कैरेट के सोने के जेवर लेकर गया था। उसने जेवर बेचकर उनकी राशि बैंक खाते में जमा कराने और शेष जेवर वापस करने की बात कही थी। इसी लेन-देन के दौरान सचिन ने 19.991 किलोग्राम चांदी अमानत के रूप में रखवाई और एक लाख रुपये का चेक भी दिया था। राकेश सोनी का आरोप है कि चेक की राशि आज तक प्राप्त नहीं हुई।
मामला यहीं खत्म नहीं हुआ। शिकायत में आगे बताया गया कि सचिन सोनी ने 93.200 ग्राम सोने के जेवर गिरवी रखने के नाम पर तत्काल आवश्यकता बताते हुए 6 लाख 10 हजार रुपये लिए थे। उसने एक से दो महीने के भीतर ब्याज सहित रकम लौटाने और जेवर वापस लेने का आश्वासन दिया था, लेकिन निर्धारित समय बीत जाने के बाद भी न तो रकम लौटाई गई और न ही जेवर वापस किए गए।
## 20 किलो चांदी की जांच हुई तो सामने आई चौंकाने वाली बात##
राकेश सोनी के आरोपों में सबसे गंभीर बात अमानत के तौर पर रखी गई चांदी को लेकर सामने आई। उनका कहना था कि सचिन सोनी द्वारा रखवाई गई चांदी की सिल्लियां कुछ समय बाद काली पड़ने लगीं। इसके बाद उन्हें चांदी की शुद्धता पर संदेह हुआ और जांच कराई गई। शिकायतकर्ता के मुताबिक, जांच में चांदी की शुद्धता महज 2.5 प्रतिशत पाई गई।
इसी तरह 93.200 ग्राम सोने के जेवरों की जांच में भी कथित तौर पर निर्धारित मानक से काफी कम शुद्धता सामने आने का दावा किया गया। राकेश सोनी का आरोप है कि कई बार फोन करने, संपर्क करने और व्हाट्सएप पर संदेश भेजने के बावजूद सचिन ने न तो रकम लौटाई और न ही जेवर वापस किए।
राकेश सोनी ने यह भी दावा किया था कि उनके पास इस पूरे लेन-देन से संबंधित बातचीत की रिकॉर्डिंग और व्हाट्सएप संदेश मौजूद हैं, जिन्हें पुलिस के समक्ष प्रस्तुत किया जा सकता है। उन्होंने पुलिस से धोखाधड़ी सहित अन्य लागू कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की मांग की थी। इस शिकायत के सामने आने के बाद सराफा बाजार में हड़कंप मच गया था और दूसरे व्यापारियों के भी सामने आने की चर्चा शुरू हो गई थी।
अब सचिन सोनी ने खोला पुराने व्यापारिक विवाद का पूरा घटनाक्रम##

राकेश सोनी की शिकायत के बाद अब सचिन सोनी ने पुलिस अधीक्षक को दिए आवेदन में अपनी कहानी रखते हुए पूरे विवाद की जड़ वर्ष 2020 के व्यापारिक लेन-देन को बताया है। सचिन ने अपने आवेदन में लिखा है कि उसने वर्ष 2019 में सोने का कारोबार शुरू किया था। वर्ष 2020 में उसका संपर्क सूर्यकांत सोनी उर्फ गोल्डी सोनी से हुआ और इसके बाद दोनों के बीच व्यापार शुरू हो गया।
सचिन के मुताबिक, वह गोल्डी सोनी को गोल्ड फाइन बेचता था। इस कारोबार की व्यवस्था यह थी कि वह बिना अग्रिम भुगतान के सोना उपलब्ध कराता था और माल देने के बाद गोल्डी सोनी उसकी कीमत चुकाता था। इसी व्यापार के दौरान गोल्डी सोनी ने उसके साथ मौखिक रूप से सोने का भाव तय कर दिया था। सचिन का दावा है कि उस समय सोने का भाव करीब 55 से 60 हजार रुपये के बीच था और इसी दर पर मौखिक सौदा किया गया था। सचिन ने आवेदन में आरोप लगाया है कि इसी दौरान उसके साथ माल और पैसा पकड़े जाने की घटना हो गई, जिसके कारण वह तय किए गए सौदे के अनुसार सोना उपलब्ध नहीं करा पाया। इसके बाद कथित तौर पर गोल्डी सोनी ने उस समय तय किए गए भाव और मौजूदा बाजार भाव के अंतर की रकम मांगना शुरू कर दिया। सचिन का आरोप है कि उसे कहा गया कि तय किए गए सौदे का सोना नहीं दे सकता तो भाव का अंतर चुकाना पड़ेगा।
##55 से 60 हजार रुपये का सोना, भाव बढ़ा तो शुरू हुआ रकम का विवाद##
सचिन सोनी के आवेदन में सबसे महत्वपूर्ण आरोप सोने के भाव को लेकर किए गए मौखिक सौदे का है। उसका कहना है कि जब सोने का भाव 55 से 60 हजार रुपये के आसपास था, तब गोल्डी सोनी के साथ सौदा तय हुआ था। लेकिन बाद में सोने के भाव में बढ़ोतरी होने लगी तो उससे पुराने सौदे के अंतर की रकम आज के भाव के हिसाब से मांगी जाने लगी। सचिन का आरोप है कि गोल्डी सोनी ने इस अंतर की रकम पर 10 से 15 प्रतिशत तक ब्याज की मांग भी शुरू कर दी थी। उसने आवेदन में स्वीकार किया है कि कुछ समय तक उसने ब्याज की रकम का भुगतान किया, लेकिन बाद में उसकी आर्थिक स्थिति खराब हो गई और वह भुगतान करने में असमर्थ हो गया। सचिन के अनुसार, माल पकड़े जाने की घटना के कारण उसका कारोबार भी बंद हो गया था और उसकी आमदनी का जरिया खत्म हो चुका था। उसका दावा है कि जब उसने आगे रकम देने में असमर्थता जताई तो विवाद और बढ़ गया। सचिन ने आवेदन में यह भी लिखा है कि बाद में उससे कहा गया कि यह सौदा राकेश सोनी का था और उसे राकेश सोनी को सोना देना होगा। सचिन का कहना है कि वह न तो सोना उपलब्ध करा सकता था और न ही भाव के अंतर की रकम तथा ब्याज चुकाने की स्थिति में था।
## घर पहुंचकर परिवार को बर्बाद करने और ट्रक से कुचलवाने की धमकी देने का आरोप##
सचिन सोनी ने अपने आवेदन में गोल्डी सोनी पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। उसका कहना है कि व्यापारिक विवाद के चलते गोल्डी सोनी कई बार उसके घर पहुंचा और उस पर रकम देने का दबाव बनाया। सचिन का आरोप है कि इस दौरान उसे और उसके परिवार को बर्बाद करने की धमकी दी गई। यहां तक कि उसे ट्रक से कुचलवाने की धमकी भी दी गई। आवेदन में सचिन ने दावा किया है कि उसने कई बार अपनी आर्थिक मजबूरी बताई, लेकिन इसके बावजूद उस पर दबाव बनाया जाता रहा। उसका आरोप है कि विवाद बढ़ने के साथ ही उसे और उसके परिवार को लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाने लगा।
## 18 जनवरी 2024 को रास्ते में रोककर जानलेवा हमला कराने का आरोप##
सचिन सोनी के आवेदन का सबसे गंभीर हिस्सा 18 जनवरी 2024 को हुई कथित घटना से जुड़ा है। उसने आरोप लगाया है कि इसी व्यापारिक विवाद के चलते गोल्डी सोनी ने चार-पांच युवकों को शराब पिलाकर उसे रास्ते में रोकने और जानलेवा हमला करवाने की साजिश रची। सचिन के मुताबिक, 18 जनवरी 2024 को उसे रास्ते में रोककर हमला किया गया था। इस घटना के बाद उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। आवेदन में उसका दावा है कि पुलिस ने इस मामले में जांच के बाद न्यायालय के समक्ष चालान भी प्रस्तुत कर दिया है और संबंधित प्रकरण फिलहाल न्यायालय में लंबित है।
सचिन ने यह भी आरोप लगाया है कि इसी न्यायालयीन मामले को लेकर उस पर दबाव बनाया गया कि वह मुकदमा वापस ले ले, अन्यथा उसके परिवार को झूठे मुकदमे में फंसा दिया जाएगा। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और संबंधित न्यायालयीन दस्तावेजों का परीक्षण होना अभी बाकी है।
## नकली चांदी और जेवर मेरे नहीं, रंजिश में फंसाने की साजिश का दावा##
अब सवाल यह है कि जिस नकली चांदी और सोने के जेवरों को लेकर राकेश सोनी ने सचिन के खिलाफ शिकायत की है, उस पर सचिन का क्या कहना है।
पुलिस अधीक्षक को दिए आवेदन में सचिन ने स्पष्ट रूप से कहा है कि जिन आभूषणों और चांदी को लेकर उसके खिलाफ आरोप लगाए जा रहे हैं, उनका उससे कोई लेना-देना नहीं है। उसने आरोप लगाया है कि गोल्डी सोनी और राकेश सोनी ने आपसी रंजिश तथा पुराने विवाद के चलते उसे झूठे आरोपों में फंसाने के उद्देश्य से शिकायत की है।
सचिन ने दावा किया है कि कथित नकली चांदी और जेवर उसके नहीं हैं। उसने पुलिस से मांग की है कि शिकायतकर्ताओं से चांदी और सोने के जेवरों से संबंधित वास्तविक दस्तावेज, खरीद-बिक्री का रिकॉर्ड और शुद्धता जांच की रिपोर्ट मांगी जाए, ताकि पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सके।
उसका आरोप है कि उसे और उसके परिवार को आर्थिक एवं मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है और पुराने व्यापारिक विवाद को लेकर दबाव बनाने के लिए अब धोखाधड़ी की शिकायत का सहारा लिया जा रहा है।
## SP कार्यालय में आवेदन देकर मांगी कार्रवाई, परिवार की सुरक्षा की भी लगाई गुहार##
सचिन सोनी ने पुलिस अधीक्षक कटनी को दिए अपने लिखित आवेदन में गोल्डी सोनी उर्फ सूर्यकांत सोनी और राकेश सोनी को अनावेदक बनाया है। उसने मांग की है कि दोनों के विरुद्ध लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच की जाए और यदि जांच में धमकी, दबाव या झूठे आरोप लगाने की बात प्रमाणित होती है तो संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाए।
सचिन ने पुलिस से यह भी कहा है कि उसके ऊपर लगाए गए आरोपों के समर्थन में संबंधित पक्षों से ठोस साक्ष्य मांगे जाएं। उसने अपने और अपने परिवार के जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने की गुहार भी लगाई है।
## अब पुलिस जांच पर टिकी सबकी निगाहें, दोनों पक्षों के दावों की होगी असल परीक्षा##
कटनी के सराफा बाजार में सामने आया यह विवाद अब केवल सोने-चांदी के लेन-देन तक सीमित नहीं रह गया है। एक पक्ष की ओर से लाखों रुपये के सोने के जेवर, 19.991 किलो चांदी, 6.10 लाख रुपये और एक लाख रुपये के चेक को लेकर कथित धोखाधड़ी के आरोप लगाए गए हैं, तो दूसरी ओर सचिन सोनी ने पुराने व्यापारिक सौदे, 10 से 15 प्रतिशत ब्याज की मांग, धमकी, जानलेवा हमले और झूठे मुकदमे में फंसाने की साजिश के आरोप लगाकर पलटवार किया है। अब पुलिस के सामने कई अहम सवाल हैं। क्या सचिन और गोल्डी सोनी के बीच वास्तव में सोने का मौखिक सौदा हुआ था। क्या 55 से 60 हजार रुपये के भाव पर तय हुए सौदे के अंतर की रकम और ब्याज को लेकर विवाद खड़ा हुआ। क्या 18 जनवरी 2024 के हमले का मामला इसी व्यापारिक विवाद से जुड़ा है। क्या देवा ज्वेलर्स में रखवाई गई चांदी और सोने के जेवरों की शुद्धता जांच के दस्तावेज उपलब्ध हैं। और सबसे महत्वपूर्ण, दोनों पक्षों में से किसके दावों को दस्तावेजी साक्ष्य और जांच का समर्थन मिलता है।
फिलहाल एक पक्ष की शिकायत कोतवाली पुलिस के समक्ष है और दूसरे पक्ष ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आवेदन देकर अपना पक्ष रखा है। दोनों पक्षों के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना शेष है। पुलिस की निष्पक्ष जांच और उपलब्ध दस्तावेजी साक्ष्य ही इस पूरे विवाद की असल तस्वीर सामने ला सकेंगे। कटनी के सराफा बाजार के इस चर्चित मामले में अब सबकी निगाहें पुलिस की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।