आवास और नपा दुकानों की नीलामी में भ्रष्टाचार

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कर के नाम पर हो रही लूट, राजस्व निरीक्षक पद भी खाली

 

(Amit dubey+7000656045)
उमरिया। नगरपालिका में संपत्ति कर भुगतान के नाम पर , आवास योजना के नाम पर और नपा की दुकानों की नीलामी में जमकर धांधलेबाजी की जा रही है। नगरपालिका में महत्वपूर्ण राजस्व पदों के अधिकारी और कर्मचारियों को कमी के कारण उनसे बहुत कनिष्ठ कर्मचारियों उक्त कार्य करवाये जाने के कारण इस प्रकार की धांधलीबाजी आसानी से की जा रही है। संपत्तिकर के भुगतान में की जा रही धांधलेबाजी से तो शासन के राजस्व में भी कमी आ रही है। वहीं आवास योजना वितरण में और नगरपालिका द्वारा निर्मित दुकानों की नीलामी में पात्र व्यक्तियों को दरकिनार करते हुए अपात्रों को देते हुए भ्रष्टाचार की होली खेली जा रही है।
राजस्व निरीक्षक पद है रिक्त
राजस्व निरीक्षक से छोटे पदों पर बैठे हुए एआरआई पद पर बैठे हुए कर्मचारियों का विशेष हाथ है। इन कर्मचारियों को मौका इसलिए मिल रहा है, क्योंकि राजस्व उपनिरीक्षक और राजस्व निरीक्षक जैसे पद भी रिक्त है। मुख्यनगरपालिका अधिकारी के डिमांड नोटिस के माध्यम से सम्पत्तिकर का निर्धारण किया जाता है और रास्ते में ही इस में झोल करते हुए शासन के राजस्व में भी झोल किया जा रहा है। रसीद हाथ से काटकर दी जाती है, और उन्हें रजिस्टर में दर्ज नहीं किया जाता है। सालों के बकाया संपत्तिकर के स्थान पर लेनदेन करते हुए मात्र 1 या 2 साल के संपत्तिकर को ही जमा करवाया जाता है। वहीं कुछ को तो सीधे-सीधे ही छोड दिया जाता है। लगभग 8 हजार आवासों और मकानों के स्थान पर मात्र 5 हजार व्यक्तियों से ही संपत्ति कर वसूला जा रहा है।
अपात्रों आवास और नपा दुकानें
नपा के जिम्मेदार कर्मचारियों द्वारा ही आवास योजना और नपा की दुकानों की नीलामी में भी अपात्रों का चयन किया जा रहा है। पात्र व्यक्ति लगातार दर-दर की ठोकरें खा रहे है, लेकिन उनके द्वारा उनकी इच्छा पूरी नहीं किये जाने के कारण उन्हें वंचित होना पड़ रहा है। नगरपालिका दुकानों की नीलामी में तो र्कमचारियों के द्वारा ही अप्रत्यक्ष रूप से भाग लेकर दुकानों को ले लिया गया है, अब उन्हीं दुकानों को मनमाने किराये लेकर चलाया जा रहा है। आदिवासियों के लिए आरक्षित दुकानों पर कर्मचारियों ने अप्रत्यक्ष रूप से किसी और को दिये जाने की खबर है।

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