रेलवे स्टेशन के पास स्थिति मां शारदा देवी
मंदिर परगण श्रीमद् भागवत कथा का पांचवा दिन
(अनिल तिवारी+7000362359)
उमरिया। जिले के अंतर्गत नौरोजाबाद स्टेशन के पास ग्राम देवगवा खुर्द में स्थित मां शारदा देवी मंदिर परागण में 15 मार्च से संगीत में श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है जिसका शुक्रवार को संगीत में श्रीमद् भागवत कथा के माध्यम से मैहर धाम से पधारे हुए पूज्यआचार्य श्री रामभान महाराज जी के मुखारविंद से माखन चोरी, लीला गोवर्धन, पूजा का वर्णन किया गया।
डॉ श्याम सुंदर पाराशर महाराज जी ने बतलाए नंद उत्सव व नटखट नंदलाल को मनमोहन लीलाओं का वर्णन किया, महाराज जी के मुखारविंद से प्रसंग व भजन सुनकर श्रद्धालु खुशी से झूमने लगे। मां ज्वाला उचेहरा धाम यज्ञ स्थल में आयोजित आयोजित संगीत में भागवत कथा के दौरान कृष्ण भगवान मटकी फोड़ के साथ कृष्ण द्वारा गोपियों के आग्रह पर माखन चोरी का प्रसंग सुनाया गया। व्यास जी ने कहा यशोदा का अंग कार था तो कृष्ण नहीं बंधे, लेकिन प्रेम से श्री कृष्ण भक्तों के बंधन में संसार के माता-पिता अगर भगवान को बंधन में बांधे तो भगवान श्रीहरि बंधन में नहीं बंधते क्योंकि इस संसार के माता-पिता अल्पज्ञ है, जन्म जन्मांतर के माता पिता भगवान श्री हरि को कौन बांध सकता है,, वह तो संसार का बंधन छुड़ाने वाला है आज जब माता प्रेम बंधन से बांधती है, तब भगवान स्वयं ऊखल बंधन में बंध जाते हैं, इसलिए जीवात्मा और परमात्मा में संबंध जन्म जन्मांतर जुड़ा हुआ है ,जीव खुद परमात्मा से अलग हो चुका है, बहुत ही सुंदर वर्णन, जब जीव, मन, वचन ,काया से स्मरण करता है, तो प्रभु कृष्ण कर देते हैं। प्रभु अपने भक्तों से दूर नहीं रह सकते हैं। भगवान श्री कृष्ण के घर गायों और माखन की कमी नहीं थी। इसके बावजूद गोपियों के अटूट प्रेम के चलते भगवान श्री कृष्ण माखन चोर कहलाए। उन्होंने जब यशोदा मां के माटी खाने के बहाने मुख्य में ब्रह्मांड के दर्शन कर आए तब यशोदा जी को एहसास हो गया कि उनका लल्ला, कोई साधारण नहीं मानव नहीं है, ये परम ब्रह्म का अवतार है। इसके बाद श्रीकृष्ण की माखन लीला और गोवर्धन पूजा प्रसंग का मंचन किया गया कलाकारों द्वारा प्रस्तुत मंचन के दौरान श्री कृष्ण के जय घोष से वातावरण गुंजायमान हो रहा था। वहंी श्रद्धालुओं की कथा सुनने के लिए उमड़ी भीड़ और श्री कृष्ण माखन चोरी प्रसंग सुनकर श्रद्धालुओं ने उमंग होकर नाचने गाने लगे।