बाइसन की रिसर्च के नाम पर वन्य प्राणियों के जीवन से खेल रहे रितेश..!!

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बाइसन रिसर्च वाले रितेश विश्वकर्मा करते हैं बी.टी . आर. मे वन्य प्राणियों को परेशान दिन की अनुमति की जगह रात्रि में करते हैं संरक्षित क्षेत्र में प्रवेश

सर्वोच्च न्यायालय के आदेश से बंद वाले क्षेत्र में भी करते हैं

रिसर्च सफारी, क्षेत्र संचालक कर रहे हैं बचाव दिखावे के लिए जारी बाइसन रिसर्च अनुमति पर लगाई रोक

 

 

 


विश्व विख्यात टाइगर रिजर्व बांधवगढ़ के वर्तमान क्षेत्र संचालक के कारनामे थमने का नाम नहीं ले रहा अभी अपने पुत्र के नियम विपरीत प्रवेश देकर फोटोग्राफी पर उठाए सवाल को नोटिफिकेशन का हवाला देते हुए शासकीय कर्मचारियों के पुत्रों शासकीय कर्मचारियों प्रवेश अनुज्ञा की छूट के संबंध में तो बचा लिया किंतु अभी हाल में हुए रिसर्च वाहन में वाहन चालक के रूप में कार्य कर रहे चंद्रपाल पनिका द्वारा दिनांक 4/ 4/21 को शिकायत दर्ज कराई गई थी बाइसन रिसर्च वाहन में कार्य कर रहे देहरादून के वाइल्डलाइफ संस्था के रितेश विस्कर्मा के द्वारा संरक्षित क्षेत्र के अंदर वन्य जीव से खिलवाड़ व अवैध गतिविधियों के चलते नाराज होकर शिकायत दर्ज कराई प्रबंधन के द्वारा शिकायतकर्ता को दबाव दिया गया की शिकायत वापस के किंतु जब शिकायतकर्ता नहीं माना तो संबंधित शिकायतकर्ता वाहन चालक को कार्य से पृथक ही कर दिया गया * ।

यह है मामला

 

संबंधित विषय मामला जब प्रकाश में आया कि बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में बाइसन गौर पर रिसर्च कर रहे देहरादून वाइल्डलाइफ संस्था के कार्यवाहक रितेश के संबंध में रिसर्च में चल रहे वाहन में कार्य कर रहे वाहन चालक चंद्रपाल द्वारा4/4/21 बांधवगढ़ क्षेत्र संचालक के यहा शिकायत दर्ज कराई गई की रितेश विश्वकर्मा द्वारा संरक्षित क्षेत्र के अंदर नाइट सफारी के रूप में वाहन को मेरे से कह कर अंदर ले जाया जाता है और रात में विचरण कर रहे वन्य प्राणियों की छेड़खानी की जाती है और मनचाहा फोटोग्राफ्स खिंचा जाता और और वाहन का अनाप-शनाप रीडिंग और टाइमिंग दिखाई जाती उपरोक्त शिकायत पर क्षेत्र संचालक द्वारा प्रथम दृष्टिता शिकायत की जांच पूर्ण होने तक रितेश विश्वकर्मा के जारी अनुमति क्रमांक 624/ दिनांक 22/4/19,, पर रोक लगा दी गई है किंतु स्थानीय जनों का मानना है कि उपरोक्त वाहन में केवल रितेश विश्वकर्मा नहीं रहते थे साथ में कई अन्य लोगों को भी नाइट में देखा गया और पर्यटन क्षेत्र में कार्य कर रहे गाइड और वाहन चालकों का कहना है कि रितेश विश्वकर्मा का यह कोई नया कारनामा नहीं है दिन में भी देखा गया है पार्क में बने वाहन मार्गों को छोड़कर वन क्षेत्र के अंदर रिसर्च वाहन को प्रवेश कराया जाता है जिसकी तस्वीरें भी मौजूद है किंतु उपरोक्त विषय पर कोई भी व्यक्ति शिकायत अथवा पूछताछ करता है तो रितेश विश्वकर्मा के द्वारा सीधा कहा जाता है फिल्ड डारेक्टर का आदेश हमारे साथ में है हम कहीं भी जा सकते हैं किसी भी जानवर को पकड़ सकते हैं संबंधित मामले पर जब रितेश विश्वकर्मा से पूछा गया तो उनके द्वारा बताया गया कि वाहन चालक के द्वारा गलत आरोप हमारे ऊपर लगाया गया है जिसका हमारे पास सबूत है और हमने एफ डी साहब के पास प्रस्तुत कर दिया है वहीं दूसरी ओर बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व पार्क प्रबंधन के अधिकारियों का कहना है कि ऐसी शिकायत आई है कि रितेश विश्वकर्मा के द्वारा नाइट में प्रवेश किया जाता है और अन्य शिकायतें दर्ज है जिसकी जांच जारी है और लोगों के बयान लिए जा रहे हैं।

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