मैनेजमेंट: यमदूत बनकर दौड़ रहे ओव्हर लोड बल्कर

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राखड़ के ओव्हर वाहनों से शुरू हुई इंट्री वसूली

चचाई, पाली, सहित मोजरवेयर प्लांट से शुरू होता है ओव्हरलोड

शहडोल। पॉवर प्लांटो से ओव्हर लोड कैप्सूल सड़कों पर दौड़ाकर सीमेंट फैक्ट्रियों तक पहुंचाने में कैप्सूल संचालकों से 9 से साढ़े 9 हजार रूपये प्रतिमाह पुरानी तर्ज पर वसूलने का खेल शुरू हो गया है। अनूपपुर जिले के जैतहरी में स्थित एमबी पॉवर थर्मल स्टेशन , अमरकंटक थर्मन पॉवर केन्द्र और उमरिया के संजय गांधी थर्मल पॉवर स्टेशन से राखड़ के काले कारोबार का खेल फिर लाखों में पहुंचता दिख रहा है, उमरिया जिले के छोटी पाली के रहने वाले जयकिशन के अलावा सतना और अनूपपुर जिले के तथाकथित मैनेजमेंट के खिलाडिय़ों के द्वारा पुलिस-प्रशासन और परिवहन विभाग के अधिकारियों के नाम पर प्रति वाहन हजारों रूपये की वसूली करने के बाद अधिकारियों को बांट रहा है, वहीं इस खेल में पॉवर प्लांट के फ्लाईएश प्रभारी और सीमेंट फैक्ट्रियों के अधिकारी भी ओव्हर लोड के इस खेल में मोटी कमाई लूट रहे हंै।
प्लांट के जिम्मेदार पर कौन कसेगा नकेल
सड़कों की लोड सहने की क्षमता सीमित हैं, लेकिन लगातार पाली, चचाई ,जैतहरी के राखड़ निश्चित वजन से ज्यादा मात्रा में लेकर सड़को में निकलती है और सड़के जो पूर्व के वर्षाे में बनी है, वह जगह -जगह टूटने लगी है, इससे सरकार को तो क्षति हो ही रही है, अगर इसी गति से बल्करों और कैप्सूलों द्वारा ओव्हर लोड लेकर परिवहन किया गया तो, आने वाले समय में सड़के परिवहन विभाग सहित जिम्मेदारों को मुंह चिढ़ाने लगेंगी, मजे की बात तो यह है कि कार्यवाही के नाम पर महज विभागों द्वारा बल्करों और कैप्सूलों पर कार्यवाही तो कभी-कभी की जाती है, लेकिन कभी भी जिले या संभाग का अमला पॉवर प्लांट द्वारा आखिर किसके द्वारा ओव्हर लोड राखड़ दी जाती है, उसके विरूद्ध कार्यवाही नहीं की जाती। जबकि सरकारी सम्पत्ति को नुकसान पहुंचाने का कार्य में लोक सम्पति निवारण अधिनियम 1948 के तहत मामला पंजीबद्व हो सकता है।
की गई चालानी कार्यवाही
रविवार को यातायात पुलिस ने दर्जनभर राखड़ से लदे कप्सूलों को ओव्हर लोड के मामले में जांच के लिये खड़ा कराया, इन पर निर्धारित क्षमता से अधिक लोड लेकर चलने से संदर्भित कार्यवाही भी की गई, जानकारी के अनुसार 07 बल्करों के खिलाफ ओव्हर लोड के खिलाफ कार्यवाही की गई है, इसके अलावा 08 बसों सहित कुल 22 वाहनों पर चालानी कार्यवाही बताई गई है, इसके 28,500 रुपये का जुर्माना वसूला गया है, पुलिस द्वारा जारी किये गये प्रेस नोट के अनुसार यह कार्यवाही अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुकेश वैश्य के निर्देश के बाद की गई।
दलाल कर रहे पूरा खेल
संभाग ओव्हर लोड परिवहन का गढ़ बन गया है। यहाँ से गुजरने वाले 70 प्रतिशत वाहन ओव्हर लोड होते हैं, जिस पर शासन प्रशासन प्रतिबंध लगाने में विफल हो रहा है। ओव्हर लोडिंग का इतना बड़ा खेल बिना प्रशासन की सहमति से संभव नहीं है, सुनने में यहाँ तक आ रहा है कि ओव्हरलोडिंग का काम दलालों के माध्यम से प्रति गाडी के हिसाब से नजराना हर थानों में भिजवा दिया जाता है इसका पुख्ता प्रमाण कुछ दिन पूर्व लोकायुक्त द्वारा ट्रेश हुये ट्रैफिक कर्मी है कुछ दिन ओव्हर लोड बंद होने के बाद से यह खेल पूरी तरह चरम सीमा पर है। रविवार को यातायात विभाग ने वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर बल्करों को खड़ा तो करा लिया, लेकिन इसमें भी उन बल्करो को रोका गया, जो कुछ माहों से मासिक हिसाब में खरे नहीं उतर रहे थे, यह चर्चा भी रही कि जुर्माने की रसीद और वसूली की गई राशि में बड़ा फर्क रहा।
ओव्हर लोड कैप्सूल बना था मौत कारण
शहडोल सीधी जिले के बघवार नहर में बस दुर्घटना को कौन भुला सकता है जिसमें 54 लोगों को अपनी जिन्दगी से हाथ धोना पड़ा था। बस दुर्घटना भी ओव्हर लोड बल्कर के घाट में पलट जाने के कारण लगे जाम की वजह से ही हुई थी, खबर है कि राखड़ परिवहन करने वाले 10 चका वाहन में 25 टन वाहन सहित वजन होना चाहिए, लेकिन 35 से 38 टन भार लेकर उक्त वाहन चलता है,12 चका के वाहन में 31 टन के जगह 38 से 40 टन,14 चका के वाहनों में 37 टन की जगह 50 टन, 22 चका के वाहनों में निर्धारित क्षमता 49 टन की जगह 75 से 80 टन को लोडिंग की जा रही है, जिससे सड़कों के जहां परखर्चे उड़ रहे हैं, वहीं इस ओव्हर लोड के खेल में अवैध कारोबार को भी बढ़ावा मिल रहा है। जानकारों का कहना है कि जहां से उक्त कैप्सूल ओव्हर लोड दिये गये थे, आखिर जिम्मेदार उन पर कार्यवाही कब करेगा।
अर्से बाद चांद आया बाहर
प्लांट के फ्लाईएश प्रभारी के साथ ही सीमेंट प्लांट के रविन्द्र गोस्वामी मोटी रकम लेने के बाद सब ऑल इज वेल कर देते हैं, सूत्रों की माने तो जयकिशन प्रतिवाहन पुलिस, प्रशासन और परिवहन विभाग के नाम से 9 हजार रूपये मैहर तक की वसूली वाहन मालिकों से करता है और महीने में अधिकारियों का मैनेजमेंट उसी के माध्यम से किया जाता है, जयकिशन और रवि जैसे नाम पर्दे के पीछे रविवार को मैंनेजमेंट का खेल करते नजर आये, तो इस खेल के पुराने खिलाड़ी चांद खान फिर रविवार को अर्से बाद सामने नजर आये, इससे साफ जाहिर होता है कि कप्तान की आंख में धूलझोंककर ओव्हर लोड का खेल एक बार फिर शुरू किया गया है।
इनका कहना है…
मैं पहले इस काम को देखता था, स्वास्थ्य ठीक न होने की वजह से उक्त काम छोड़ दिया है।
जयकिशन
राखड़ मैनेजमेंट कर्ता
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समय-समय पर कार्यवाही की जाती है, कल ही ओव्हर लोड वाहनों पर कार्यवाही की गई है।
अखिलेश तिवारी
उपपुलिस अधीक्षक, यातायात
शहडोल

 

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