पृथ्वी का सौंदर्य है हरियाली : मेहरा

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इटौर में आयोजित हुआ पौधरोपण कार्यक्रम

उमरिया। वीडियो कान्फ्रेसिंग के दौरान बोर्ड के सदस्य-सचिव अच्युतानंद मिश्रा के निर्देशन एवं क्षेत्रीय कार्यालय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी के मार्गदर्शन में वृक्षारोपण के लिए लगातार सराहनीय प्रयास किए जा रहे हैं और लगातार क्षेत्रीय कार्यालय के टीम ड्राइव स्टोन क्रेशर, शमशान घाट या फिर अन्य जगहों को चिन्हित कर अनवरत रूप से सघन वृक्षारोपण किया जा रहा है, मुख्यमंत्री द्वारा अंकुर अभियान के तहत क्षेत्र अंतर्गत सघन वृक्षारोपण पर विशेष रूप से कार्य किया जा रहा है, जिसमें क्षेत्रीय अधिकारी के निर्देशन पर मध्य प्रदेश बायोमेडिकल वेस्ट डिस्पोजल सिस्टम इटौर में 30 जुलाई को वृक्षारोपण का कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें मुख्य अतिथि के अनूप त्रिपाठी अतिरिक्त जिला न्यायाधीश शहडोल, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी संजीव मेहरा, वैज्ञानिक ए.के. दुबे, राजेश शर्मा, सुश्री दिव्या दुबे, तथा संस्थान के संचालक पलाश जैन मैनेजर प्रकाश गुप्ता एवं अन्य स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे और यहां पर सघन वृक्षारोपण को लेकर कार्यक्रम किए जाने के साथ-साथ अंकुर अभियान को सफल बनाने में पौधरोपण का कार्य किया गया।
अंकुर अभियान के तहत लगाए गए पौधे
पूरे प्रदेश सहित समस्त जिलों में इस समय लगातार अंकुर अभियान के तहत लाखों पौधे रोपे जा रहे हैं, इस कार्य में समस्त प्रशासनिक अमला तन-मन-धन से जुड़ा हुआ है, इसका नतीजा यह निकला कि पूरे संभाग में लाखों पौधरोपण किए जा चुके हैं, निश्चित रूप से आने वाले दिनों में पूरा क्षेत्र पौधरोपण की हरियाली से खूबसूरत प्राकृतिक खूबसूरती से छाया हुआ नजर आएगा, संजीव मेहरा के निर्देशन पर उमरिया जिले के एमपी बायो मेडिकल वेस्ट डिस्पोजल सिस्टम गिटार मैं जहां पर पूरे संभाग या फिर कहें कि शहडोल, उमरिया और अनूपपुर जिले के मेडिकल अपशिष्टों को डिस्पोज किया जाता है, उक्त स्थान पर क्षेत्रीय अधिकारी के निर्देशन पर पौधरोपण का कार्यक्रम किया गया, जहां दर्जनों प्रजाति के फलदार व छायादार वृक्ष लगाए गए।
धरती का सौंदर्य
क्षेत्रीय अधिकारी श्री मेहरा द्वारा बताया गया कि हमारी पृथ्वी का सौंदर्य हरियाली है और यह हमारी पृथ्वी पर बरकरार रहे, इसके लिए हमें अधिक से अधिक वृक्ष लगाने की जरूरत है। हमारे देश में कुछ क्षेत्र तो हरियाली की वजह से इतने खूबसूरत हैं, जिन्हें स्वर्ग की संज्ञा तक दी जाती है, हरियाली किसे अच्छी नहीं लगती, यहां हरियाली की वजह से ही हर जगह पक्षियों की चहल-पहल सुनाई देती है, पक्षी इन वृक्ष पर अपना घर बना कर रहते हैं, हरियाली देखने पर हमारी आंखों में सुकून प्राप्त होता है, वहीं अगर सभी जगह सूखा हो पेड़-पौधे न हो तो सोचिए कैसा लगेगा , जिसमें विशेष रूप से श्री मेहरा ने बताया कि आजकल जगह-जगह टावर लगने से या डाटा केबल फैल जाने के कारण प्रकृति पर नकारात्मक असर डालता है, इन सब से बचने के लिए हमारे पास सिर्फ एक उपाय है कि हम अपने आसपास के क्षेत्रफल को हरियाली से भर दे और निश्चित रूप से अगर हम अंकुर अभियान के तहत अपना संकल्प लेकर सभी क्षेत्रों को हरा-भरा करने में लग जाएंगे तो निश्चित रूप से उत्पन्न हो रहे रेडिएशन से हम जीत जाएंगे।
पूजनीय है वृक्ष
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के वैज्ञानिक डॉक्टर ए. के. दुबे द्वारा उक्त कार्यक्रम में उद्बोधन देते हुए बताया कि हम एक ऐसे देश में रहते हैं, जहां पर आज भी वृक्षों की पूजा की जाती है, उपासना की जाती है, जिससे यह सिद्ध होता है कि वैज्ञानिक स्तर चाहे जिस मुकाम पर पहुंच जाएगा, लेकिन प्राकृतिक सौंदर्य के पूजा पाठ की प्रक्रिया को कभी नहीं भूलना चाहिए । हमारे बुजुर्ग अगर पहले कभी वृक्षों की पूजा करते रहे हैं तो, कहीं ना कहीं उन्हें पूजनीय सम्मान भी देते रहे हैं, आगे बताते हुए श्री दुबे ने बताया कि हमारे हिंदू धर्म में ऐसे कई वृक्ष हैं, जिनकी पूजा हम करते हैं, जैसे बरगद , पीपल, नीम, आंवला आदि इन सभी की हम पूजा करते हैं, साथ ही व्रत भी रखते हैं और इन वृक्षों की पूजा के बाद ही अपने व्रत को तोड़ते हैं ।
यह रहे मौजूद
बायो मेडिकल वेस्ट डिस्पोजल सिस्टम स्टोर में पौधरोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें अंकुर अभियान के तहत दर्जनों वृक्ष रोपित किए गए, इस कार्यक्रम में विशेष रूप से जिला अतिरिक्त न्यायाधीश अनूप त्रिपाठी क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के संजीव मेहरा की स्पेशल टीम डॉ. ए.के.दुबे, राजेश शर्मा, दिव्या दुबे, पलाश जैन , प्रकाश गुप्ता साथ ही स्थानीय नागरिक दर्जनों की संख्या में उपस्थित रहे और सघन वृक्षारोपण पर अपनी सहभागिता दर्ज कराई।

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