न्याय दिलाने का कार्य अभिभाषक करते हैं : कमिश्नर

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अभिभाषक संघ का शपथ समारोह संपन्न

शहडोल। शहडोल जिला जनजाति बाहुल्य जिला है तथा यहां कमजोर वर्ग के लोगों को पूरी पारदर्शिता एवं सुचिता के साथ न्याय दिलाने का कार्य अभिभाषक करते हैं, अभिभाषक के बिना कोई भी न्याय संभव नहीं है, जितने भी पीठासीन अधिकारी होते हैं, वह अभिभाषकों से बहुत कुछ सीखते हैं। पीठासीन अधिकारी तथा अभिभाषक एक दूसरें के पूरक होते हैं तथा उचित समय में लोगों की सहायता कर राजस्व न्यायालयों की गरिमा कायम रखते है। लोगों का विश्वास न्यायालय के प्रति अभिभाषकों से ही संभव है। सदियों से बनाया गया कानून न्याय व्यवस्था पूरी निष्ठा से पालन कराना अभिभाषक ही कर सकते हैं। लोगों का जो विश्वास है कि न्याय बिकता नहीं है तथा न्यायालय से हमें सही समय पर सही न्याय मिलेगा इसकी प्रथम सीढ़ी अभिभाषक होते हैं जो न्यायालय के सभी व्यवस्थाओं को पारदर्शिता के साथ लोगों तक पहुंचाते हैं। उक्त उद्गार कमिश्नर राजीव शर्मा ने अभिभाषक संघ के शपथ ग्रहण समारोह में व्यक्त किए।
कमिश्नर ने कहा कि कोई भी पीठासीन अधिकारी पिछले जन्म में कोई अच्छा कार्य किया होगा, इसलिए वह आज इस पद पर पदस्थ है वह अधिकारी अपने पदों के दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ करें। मेरा ऐसा मानना है कि ईश्वर हमें हर समय देखता है तथा उस पद में रहते हुए जो भी कार्य एवं कर्म करते हैं,उसका उचित फल भी प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि चाहे अभिभाषक हो या पीठासीन अधिकारी जिस दिन से सृष्टि बनी है उस दिन से ईश्वर हम सबके कर्मों का हिसाब करता है, इसलिए अपने पदीय दायित्वों का निर्वहन पूरी ईमानदारी से करना चाहिए।
शपथ समारोह को संबोधित करते हुए अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक शहडोल जोन दिनेश चंद्र सागर ने कहा कि व्यथित व्यक्तियों के उम्मीद अभिभाषक होते हैं। न्याय एवं न्यायालय आम नागरिकों के लिए बनाया गया है। आम नागरिक अपने भावनाएं तथा उम्मीदें लेकर न्यायालय आते हैं और उन भावनाओं तथा उम्मीदों को अभिभाषक ही पीठासीन अधिकारी तक पहुंचाते हैं तथा अभिभाषक ही जनता तथा पीठासीन अधिकारी के बीच अहम कड़ी होते है। उन्होंने कहा कि अभिभाषक और पीठासीन अधिकारी के समन्वय से ही न्याय संभव है। राजस्व अधिकारी बेहतर से बेहतर काम करें तथा हर व्यक्ति को पूरी सुचिता एवं पारदर्शिता के साथ न्याय दिलाएं। इससे आम नागरिकों का न्याय एवं न्यायालय की ऊपर और ज्यादा विश्वास हो सकें।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कलेक्टर श्रीमती वंदना वैद्य ने कहा कि मेरा मानना है कि पीठासीन अधिकारी एवं अभिभाषक किसी दीन दुखी इंसान को न्याय पूर्ण तथा संतोषजनक न्याय दिलाना ही ईश्वर तथा मानवता के हित सबसे पुण्य तथा सर्वश्रेष्ठ कार्य है। कमजोर वर्ग के व्यक्ति अभिभाषको पास न्याय की उम्मीद लेकर आते है तथा उनसेअपेक्षा करते हैं कि अभिभाषक उन्हें न्याय दिलाएंगे। उन्होंने कहा कि अभिभाषक न्याय के माध्यम से उन नागरिकों के चेहरे में मुस्कान वापस लाते हैं तथा पीठासीन अधिकारी एवं अभिभाषकों की जिम्मेदारी और कर्तव्य भी है। कलेक्टर ने कहा कि हमारा शहडोल जिला आदिवासी बहुल जिला है यहां के जनजातीय लोग न्यायालय तथा न्याय की उम्मीद लेकर हमारे पास आते हैं। उन्हें उचित न्याय दिलाना ही सबसे ज्यादा पूर्ण कार्य है। सभी अभिभाषक एवं पीठासीन अधिकारी पवित्र भावना से अपने दायित्वों का निर्वहन करें यही अपेक्षा है। समारोह को समाजसेवी श्री कमल प्रताप सिंह, वरिष्ठ अधिवक्ता दिनेश नारायण पाठक, राकेश सिंह बघेल, सतीश पाठक, राज नारायण तिवारी एवं इंद्रजीत मिश्रा ने भी अपने उद्गार व्यक्त किए।
शपथ ग्रहण समारोह का शुभारंभ कमिश्नर राजीव शर्मा, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक शहडोल जोन दिनेश चंद्र सागर, कलेक्टर श्रीमती वंदना वैद्य, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व सोहागपुर नरेंद्र सिंह धुर्वे, समाजसेवी कमल प्रताप सिंह तथा अन्य अभिभावकों ने मां सरस्वती के छाया चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित एवं माल्यार्पण कर किया। इस दौरान उपाध्यक्ष हेमंत तिवारी, महासचिव प्रत्यूष रजक, कोषाध्यक्ष सतीश गुप्ता, सचिव त्रिभुवन त्रिपाठी एवं पुस्तकालय प्रभारी लाल बाबू खान को शपथ दिलाया तथा उन्हें उनके पदीय दायित्वों को सौंपते हुए प्रमाण पत्र भी वितरित किया। समारोह में शहडोल संभाग के अभिभाषक उपस्थित थे।

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