दो दर्जन से अधिक यात्री बसें दौड़ रही टूरिस्ट परमिट पर

0

              यातायात पुलिस सहित जिला परिवहन व अंतर्राष्ट्रीय चौकियां है जिम्मेदार

शहडोल । बीते 06 महीने से लगातार हर दिन दो दर्जन से अधिक बसें कायदों की धज्जियां उड़ाकर शहडोल ही नहीं , बल्कि मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश व छत्तीसगढ़ के कई जिलों से गुजर रही हैं, दर्जन से अधिक बार हादसे भी हुए, निर्दोष अकाल मृत्यु हुए, लेकिेन शहडोल से लेकर भोपाल तक अभियानों का झण्डा गाडऩे वाले जिम्मेदार, परिवहन माफिया के खिलाफ कुछ नहीं कर पाये, शनिवार व रविवार की दरमियानी रात भोरमदेव टे्रवल्स की बस क्रमांक सीजी 09 जेएम 6758 पलटी, 03 की मौके पर मौत हो गई और 06 माह के शिशु से लेकर वृद्ध तक रक्तरंजित हुए, हालांकि सूचना मिलने के बाद खुद पुलिस अधीक्षक अवधेश कुमार गोस्वामी, कलेक्टर श्रीमती वंदना वैद्य, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी आशुतोष ङ्क्षसह भदौरिया मातहतों के साथ समय पर पहुंच गये, लेकिन जिनकी मौते हो गईं, जिन महिलाओं के मांग का सिंदुर उजड़ गया और जिन माताओं की कोख सूनी हो गई, क्या शहडोल का जिला प्रशासन अन्य मामलों की तरह परिवहन माफिया के खिलाफ सच्चे मन से कार्यवाही कर पायेगा। हालांकि सिंहपुर पुलिस ने अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ आईपीसी की धारा 279, 337 व 304 ए के तहत अपराध कायम कर विवेचना शुरू कर दी है, वहीं कलेक्टर के निर्देश पर परिवहन अधिकारी को भी जांच सौपी गई है, सवाल यह उठता है कि यह जाचें क्या डेडलाइन में पूरी होंगी या फिर पूर्व के मामलों की तरह जांच में उलझकर रह जायेगी।

टूरिस्ट परमिट पर ढो रहे मजदूर
शहडोल कलेक्टर श्रीमती वंदना वैद्य, पुलिस अधीक्षक अवधेश गोस्वामी तथा जिला परिवहन अधिकारी आशुतोष भदौरिया को बीते 6 माह के दौरान दर्जनों शिकायतें दी गई हैं। जिसमें 88/8 टूरिस्ट परमिट लेकर बसों में मजदूरों को ढ़ोने का सिलसिला चल रहा है, उक्त बस के संबंध में जानकारी सामने आई है कि उक्त की सवारी क्षमता 30 से 35 की है, जबकि इसमें 65 से अधिक सवारियों के भरे जाने की खबर है। यही नहीं ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट के नाम पर चल रहे हैं, इस खेल में परिवहन अधिकारी से लेकर पुलिस अधिकारी और प्रशासन में बैठे जिम्मेदार अपनी जेब भर रहे हैं और उसका खामियाजा मजदूरों को अपनी जान देकर चुकाना पड़ता है ।

हर रोज हो रही दुर्घटना
पुलिस घायलों को पूरी रात साधनों से जिला चिकित्सालय और मेडिकल कॉलेज लाकर भर्ती कराती रही, भोरमदेव ट्रेवल्स की बस कवर्धा से होकर लखनऊ जा रही थी, कल ही छत्तीसगढ़ में उक्त बस को 88/8 के तहत टूरिस्ट परमिट जारी किया गया था, जो पंडरिया-सागर टोला- सिंहपुर- शहडोल – जयसिंहनगर से होती हुई उत्तर प्रदेश के लखनऊ जानी थी। गौरतलब है कि इस पूरे मामले में शहडोल तथा छत्तीसगढ़ के अधिकारियों, पुलिस अधिकारियों की लापरवाही के कारण ऐसी घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं, बीते 1 वर्ष के दौरान इस तरह की दर्जन भर से अधिक घटनाएं हुई हैं।

मौन है जिम्मेदार
शहडोल पुलिस ने ऑपरेशन शंखनाद, ऑपरेशन प्रहार जैसे अभियान चलाकर पूरे प्रदेश में सुर्खिया तो बटोरी, लेकिन परिवहन माफिया के खिलाफ पुलिस ने अब तक कोई कार्यवाही नहीं की, बल्कि खुलेआम कायदों की उड़ रही धज्जियां, नागरिकों और कानून के साथ बस मालिकों के द्वारा की जा रही धोखाधड़ी और आज हुई घटना, जिसमें बस मालिक के खिलाफ पुलिस यदि चाहे तो, गैर इरादतन हत्या का मामला कायम किया जा सकता है, लेकिन पुलिस अधीक्षक एवं अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक की चुप्पी बीते माह हुई घटना की याद दिलाती है, जिसमें रीवा के तथाकथित नेता की बस को थाने लाने के बाद कार्यवाही की जगह पुलिस और परिवहन विभाग ने वापस जाने दिया था। शहडोल जिले की सीमा से होकर रोजाना छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश के करीब डेढ़ दर्जन बस मालिकों की बसें टूरिस्ट के नाम पर मजदूरों को ढो रही हैं और जिम्मेदार मौन हैं।

मजदूरों की जान से खिलवाड़
वर्तमान में भोरमदेव के अलावा जय भोरमदेव , पक्षीराज, नफीस , पुष्पराज आदि संचालकों की बसें कवर्धा से लखनऊ लगातार ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट लेकर मजदूरों के साथ जगह-जगह से सवारियों को भरकर दौड़ रही हैं, इन बसों में 30-35 से अधिक से अधिक सवारियां नहीं बैठाई जा सकती, सभी यात्रियों की सूची बस में होनी चाहिए, लेकिन शहडोल जिले में जिम्मेदार बहाने बनाकर मौन बैठ चुके हैं, पुलिस अधिकारी, परिवहन अधिकारी और जिला प्रशासन आम लोगों की जान से खेल रहा है। परिवहन विभाग से जुड़े सूत्र बताते हैं कि उसी दिन से डीएसपी यातायात और परिवहन अधिकारी के संबंध भोरम देव बस ट्रेवल्स के मालिक से जुड़ गये और अगले दिन से वर्तमान तक लगातार उक्त ट्रेवल्स की बसें अवैधानिक रूप से टूरिस्ट परमिट लेकर क्षमता से अधिक मजदूरों को छत्तीसगढ़ से उत्तरप्रदेश ले जा रही है। भले ही जिले के ईमानदार और जनप्रिय पुलिस अधीक्षक खुद जीरो टॉलरेंस पर काम कर रहे हैं, लेकिन उनके मातहतों ने जुगाड़ के नये-नये तरीके इजाद कर लिए हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *