वार्ड से गांव तक बैठकों का दौर, जिला अध्यक्ष की दौड़ में शुभम पेंद्रो और नवीन जायसवाल के बीच मुकाबला चर्चा में

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छत्तीसगढ़ युवक कांग्रेस चुनाव दांव पर भूपेश और देवेंद्र की प्रतिष्ठा युवक कांग्रेस चुनाव को लेकर GPM में बढ़ी सियासी हलचल वार्ड से गांव तक बैठकों का दौर, जिला अध्यक्ष की दौड़ में शुभम पेंद्रो और नवीन जायसवाल के बीच मुकाबला चर्चा में

इस यूथ कांग्रेस चुनाव के बहाने छत्तीसगढ़ के दिग्गज नेताओं की शक्ति प्रदर्शन और पैठ से देखा जा रहा है जिसमें सूत्र बताते हैं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल खेमा और भिलाई विधायक देवेंद्र यादव का नाम प्रमुखता से लिया जा रहा है।

 

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। युवक कांग्रेस के संगठनात्मक चुनाव को लेकर अब गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में भी राजनीतिक सरगर्मी तेज होती दिखाई देने लगी है। वार्डों की गलियों से लेकर गांवों तक संभावित प्रत्याशियों के समर्थक बैठकें करते और अपने-अपने प्रत्याशी के पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश करते नजर आ रहे हैं। चुनावी गतिविधियों के बीच युवा कांग्रेस के पदों को लेकर अंदरूनी समीकरणों और गुटीय राजनीति की चर्चा भी जोर पकड़ने लगी है।

 

जिला अध्यक्ष की दौड़ में दो नामों पर नजर

 

जिले में युवक कांग्रेस के जिला अध्यक्ष पद को लेकर फिलहाल शुभम पेंद्रो और नवीन जायसवाल के नाम प्रमुखता से चर्चा में बताए जा रहे हैं। राजनीतिक हलकों में दोनों प्रत्याशियों के अपने-अपने संगठनात्मक और राजनीतिक समीकरण होने की बात कही जा रही है।

 

सूत्रों के मुताबिक शुभम पेंद्रो को पूर्व जिला पंचायत सदस्य रह चुके हैं युवाओं में अत्यधिक लोकप्रिय है सक्रिय राजनीति में आने के पहले शुभम पेंद्रो ने स्कूली जीवन में रक्तदान करने के लिए मरवाही जैसे छोटे से गांव में युवाओं की टीम बनाई थी उनकी टीम के द्वारा जरूरतमंद लोगों को निशुल्क रक्तदान करके, चिकित्सीय सहयोग कर के कम समय में क्षेत्र में बहुत बड़ा नाम बनाया है जिस वजह से जब ये जिला पंचायत सदस्य के लिए चुनाव लड़ें थे तो इनको छत्तीसगढ़ राज्य में सबसे कम उम्र के जिला पंचायत सदस्य बनने और 18000 वोटों की जबरदस्त मार्जिन से जीतने का एक रिकॉर्ड आज भी कायम है। जिला पंचायत सदस्य रहने एवं युवाओं के साथ हमेशा खड़े रहने का अनुभव उनके पक्ष में जाता दिखाई दे रहा है। वहीं छत्तीसगढ़ राज्य के दो बार युवक कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष रहे उत्तम वासुदेव, राकेश जलान अध्यक्ष नगरपालिका परिषद पेंड्रा और पूर्व जिला अध्यक्ष अमन शर्मा की टीम से उन्हें समर्थन मिलने की चर्चा भी राजनीतिक गलियारों में है।

 

दूसरी ओर नवीन जायसवाल के पक्ष में जिला कांग्रेस संगठन, कोटा विधानसभा के पूर्व युवक कांग्रेस अध्यक्ष पंकज तिवारी नेताओं की सक्रियता की चर्चा है। हालांकि चुनावी राजनीति में अंतिम समय तक समीकरण बदलते रहे हैं, इसलिए अभी किसी एक प्रत्याशी को स्पष्ट बढ़त में मानना जल्दबाजी होगी।

 

प्रदेश महासचिव पद पर रवि राय का नाम चर्चा में

 

युवक कांग्रेस के प्रदेश महासचिव पद की दौड़ में जिले से रवि राय का नाम भी सामने आ रहा है। रवि राय पूर्व में जिला युवक कांग्रेस महासचिव की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। संगठन में पूर्व अनुभव उनके लिए कितना लाभदायक साबित होता है, यह चुनाव परिणाम के बाद ही स्पष्ट होगा।

 

गौरेला ब्लॉक अध्यक्ष पद पर त्रिकोणीय मुकाबला

 

गौरेला ब्लॉक युवक कांग्रेस अध्यक्ष पद का मुकाबला भी इस बार दिलचस्प नजर आ रहा है। यहां यश शर्मा, कामता यादव और आयुष सोनी के बीच त्रिकोणीय मुकाबले की स्थिति दिखाई दे रही है।

 

यश शर्मा पूर्व में युवक कांग्रेस विधानसभा कोटा के उपाध्यक्ष रह चुके हैं। संगठन में उनका पूर्व अनुभव और युवाओं के बीच संपर्क उनके लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

 

वहीं कामता यादव को लेकर राजनीतिक सूत्रों का कहना है कि उन्हें पूर्व युवक कांग्रेस अध्यक्ष अमित पाठक का समर्थन प्राप्त है। ग्रामीण क्षेत्र में उनका संपर्क और पकड़ उनके पक्ष में जाती दिखाई दे रही है।

 

तीसरे दावेदार आयुष सोनी वर्तमान में गौरेला नगरपालिका के पार्षद हैं वार्ड नं 3 में इनके सहज मिलनसार और काम कराने की दक्षता के कारण लोगों ने पार्षद चुना। नगरीय क्षेत्र में उनकी सक्रियता और स्थानीय स्तर पर राजनीतिक संपर्क युवाओं में चर्चित चेहरा,और इनके साथ युवाओं की ठोस टीम चुनावी समीकरण का मजबूत पक्ष माना जा रहा है।

 

ग्रामीण बनाम नगरीय वोट का समीकरण भी अहम

 

गौरेला ब्लॉक के चुनाव में ग्रामीण और नगरीय क्षेत्र के वोटों का समीकरण महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। जहां कामता यादव को ग्रामीण क्षेत्र में समर्थन मिलने की चर्चा है, वहीं आयुष सोनी को नगरीय क्षेत्र का फायदा मिलने की संभावना जताई जा रही है। यश शर्मा के लिए संगठनात्मक अनुभव और पुराने संपर्क चुनावी ताकत बन सकते हैं।

 

हालांकि केवल समर्थकों की सक्रियता अथवा बैठकों की संख्या से चुनावी परिणाम का अनुमान लगाना मुश्किल है। युवक कांग्रेस के चुनाव में व्यक्तिगत संपर्क, संगठन के भीतर स्वीकार्यता, युवाओं के बीच पकड़ और अंतिम समय में बनने वाले समीकरण निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं।

 

किस करवट बैठेगा ऊंट, नतीजे पर टिकी निगाहें

 

फिलहाल GPM में युवक कांग्रेस चुनाव ने स्थानीय कांग्रेस की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। जिला अध्यक्ष से लेकर ब्लॉक अध्यक्ष तक अलग-अलग दावेदार अपने-अपने स्तर पर युवाओं को जोड़ने और समर्थन जुटाने में लगे हैं।

 

सबसे बड़ा सवाल यही है कि गुटीय समीकरणों, संगठनात्मक अनुभव, ग्रामीण-नगरीय समर्थन और व्यक्तिगत जनसंपर्क में से कौन सा फैक्टर चुनाव में निर्णायक साबित होगा?

 

फिलहाल तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं है। आने वाले दिनों में प्रचार और संपर्क अभियान तेज होने के साथ मुकाबले की वास्तविक स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है। अब देखना दिलचस्प होगा कि युवाओं को अपने पक्ष में लामबंद करने और अंतिम समय तक अपना चुनावी समीकरण मजबूत रखने में कौन सफल होता है।

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