डंडी पहुंच मार्ग बदहाल, गड्ढों में तब्दील हुई सड़क

चार साल से मरम्मत का इंतजार, ग्रामीण बोले-वेयरहाउस बना तो भारी वाहनों का दबाव बढ़ा, लेकिन सड़क सुधारने की सुध नहीं ली गई
(जय प्रकाश शर्मा)
मानपुर। नगर परिषद के वार्ड क्रमांक 11 और 12 से डंडी गांव को जोड़ने वाला पहुंच मार्ग लंबे समय से बदहाली का शिकार है। सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे और कीचड़ होने से ग्रामीणों, स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के दौरान स्थिति और गंभीर हो जाती है, जब सड़क और गड्ढों में अंतर करना भी मुश्किल हो जाता है।
2018 में बनी सड़क, अब मरम्मत की दरकार
वार्डवासियों के अनुसार डंडी पहुंच मार्ग का निर्माण वर्ष 2018 में ग्राम पंचायत मानपुर द्वारा कराया गया था। इसके बाद डंडी में वेयरहाउस बनने से भारी वाहनों की आवाजाही बढ़ गई। लगातार ट्रकों के आवागमन के कारण सड़क पर दबाव बढ़ता गया और धीरे-धीरे इसकी हालत खराब होती चली गई।
लोगों का कहना है कि वेयरहाउस निर्माण के समय भारी वाहनों के लिए वैकल्पिक या अलग पहुंच मार्ग की व्यवस्था नहीं होने का खामियाजा अब स्थानीय लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
नगर परिषद बनने के बाद भी नहीं बदली तस्वीर
मानपुर के नगर परिषद में शामिल होने के बाद लोगों को उम्मीद थी कि सड़क की स्थिति सुधरेगी। लेकिन वार्डवासियों का आरोप है कि वार्ड 11 और 12 का यह मार्ग लंबे समय से उपेक्षित है। उनका कहना है कि नगर क्षेत्र के कई हिस्सों में सड़क निर्माण और मरम्मत के कार्य हुए, लेकिन डंडी पहुंच मार्ग की ओर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया।
ग्रामीणों के मुताबिक चार साल से अधिक समय बीत जाने के बावजूद सड़क की स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है।
राशन वाहनों की आवाजाही भी प्रभावित
यह मार्ग केवल ग्रामीणों के आवागमन का साधन नहीं है, बल्कि क्षेत्र में सार्वजनिक वितरण प्रणाली का खाद्यान्न पहुंचाने वाले वाहनों के लिए भी महत्वपूर्ण रास्ता है। ग्रामीणों के अनुसार गड्ढों और कीचड़ के कारण कई बार वाहन फंस जाते हैं, जिससे राशन दुकानों तक खाद्यान्न पहुंचाने में भी परेशानी होती है।
इसके अलावा इसी मार्ग से स्कूली बच्चे, मरीज और बुजुर्ग भी आवागमन करते हैं। खराब सड़क के कारण दोपहिया वाहन चालकों को विशेष परेशानी होती है और दुर्घटना का खतरा बना रहता है।
आवेदन के बाद भी कार्रवाई का इंतजार
ग्रामीणों और वाहन चालकों का कहना है कि सड़क की मरम्मत को लेकर नगर परिषद के जिम्मेदार अधिकारियों को कई बार आवेदन और शिकायतें दी जा चुकी हैं। इसके बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है।
ग्रामीणों ने अब जिला प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि तत्काल गड्ढों को भरकर आवागमन योग्य व्यवस्था बनाई जाए तथा भविष्य के लिए सड़क का गुणवत्तापूर्ण सीसी या बीटी निर्माण कराया जाए।
कलेक्टर से हस्तक्षेप की मांग
ग्रामीणों ने कलेक्टर से मांग की है कि मौके का निरीक्षण कर संबंधित विभाग को सड़क सुधार के निर्देश दिए जाएं। उनका कहना है कि जब तक स्थायी सड़क निर्माण नहीं होता, तब तक कम से कम गड्ढों की मरम्मत और जल निकासी की व्यवस्था की जाए।