पकरिया के ब्लैक स्पॉट पर हादसा, फिर भी नहीं जागा प्रशासन: क्या बड़ी अनहोनी का इंतजार कर रहा जिला?

0

बुढ़ार/शहडोल, 29 अगस्त। पकरिया-जैतपुर चौराहा अब महज एक सड़क चौराहा नहीं, बल्कि जिंदगी और मौत के बीच खड़ा एक खतरनाक ब्लैक स्पॉट बन चुका है। राष्ट्रीय राजमार्ग-43 पर शनिवार को बस और काले रंग की स्कॉर्पियो की भिड़ंत ने एक बार फिर उस खतरे को सामने ला दिया, जिसकी आशंका सरकारी पत्रों में पहले ही दर्ज की जा चुकी है। मौके की तस्वीरें बताती हैं कि हादसे के बाद बस के आसपास यात्रियों और लोगों की भीड़ जुटी रही, जबकि इसी सड़क पर भारी वाहनों, बसों, कारों और दोपहिया वाहनों की लगातार आवाजाही बनी रही।

सबसे गंभीर सवाल यह है कि जिला प्रशासन और जिले के नेताओं को शायद अब भी किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार है। जब हादसे के बाद ही कार्रवाई होनी है तो फिर हादसे से पहले जारी किए गए सरकारी पत्रों का मतलब क्या रह जाता है?

 

दरअसल, NHAI के परियोजना निदेशक आनंद प्रसाद ने 15 जुलाई 2026 को SDM बुढ़ार को पत्र क्रमांक 4257 भेजकर पकरिया-जैतपुर चौराहे पर हुए निर्माण को लेकर स्पष्ट चेतावनी दी थी। पत्र में बताया गया कि NH-43 के चैनेज 159+400 पर सुंदर साहू/शुभम साहू द्वारा किया गया निर्माण राष्ट्रीय राजमार्ग की 45 मीटर ROW सीमा के भीतर है। NHAI के निरीक्षण में यह भी सामने आया कि निर्माण के कारण दृश्यता बाधित हो रही है और इससे यातायात प्रभावित होने के साथ भविष्य में दुर्घटना एवं जनहानि की आशंका बनी हुई है।

NHAI ने यह भी बताया था कि भवन स्वामी को 11 जुलाई को नोटिस दिया गया था, जिसे लेने से इनकार किया गया। इसके बाद 14 जुलाई को दोबारा नोटिस विधिवत प्राप्त कराया गया। NHAI ने मामले में जांच कर नियमानुसार आवश्यक अनुशासनात्मक कार्रवाई करने का अनुरोध भी किया था, ताकि राष्ट्रीय राजमार्ग की भूमि पर किए गए निर्माण को हटाया जा सके और संभावित दुर्घटनाओं एवं जनहानि को रोका जा सके।

सिर्फ हादसे का खतरा नहीं, जलभराव की समस्या भी सामने आ चुकी है

इस मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि करीब सप्ताह भर पहले इसी अवैध निर्माण के कारण स्थानीय घरों में पानी घुसने की समस्या भी सामने आ चुकी थी। जलभराव की शिकायत के बाद स्थानीय तहसीलदार, नायब तहसीलदार सहित राजस्व अमला मौके पर पहुंचा था। मौके पर पानी निकासी की व्यवस्था कराई गई थी और उस दौरान यह बात भी सामने आई थी कि निर्माण और पानी की उचित निकासी नहीं होने के कारण जलभराव की स्थिति बनी है।

यानी प्रशासनिक अमला मौके की स्थिति से अनजान नहीं था। अधिकारियों ने स्वयं मौके पर पहुंचकर स्थिति देखी, पानी निकलवाया और समस्या को महसूस किया। इसके बाद क्या इस पूरे मामले की विधिवत रिपोर्ट बनाकर संबंधित उच्च अधिकारियों को भेजी गई या नहीं, यह भी अब बड़ा सवाल है। क्या अधिकारी मौके की समस्या देखकर लौट गए और फिर मामला दूसरी फाइलों और दूसरे कामों में उलझ गया? यदि उस समय ही निर्माण और जल निकासी की समस्या पर प्रभावी कार्रवाई होती तो आज हालात शायद इतने गंभीर नहीं होते।

मामला यहीं खत्म नहीं होता। ग्राम पंचायत पकरिया ने भी विद्युत लाइन शिफ्टिंग को लेकर विद्युत विभाग को पत्र भेजा। पंचायत ने लिखा कि वार्ड क्रमांक-4 में बिना पंचायत की अनुमति विद्युत पोल/लाइन को शिफ्ट करने का कार्य किया जा रहा है और राजमार्ग के कोने पर यह गतिविधि दुर्घटना स्थल यानी ब्लैक स्पॉट की स्थिति को और गंभीर बना सकती है। पंचायत ने तत्काल कार्य रोकने की मांग की थी।

लेकिन सरकारी पत्र चलते रहे और ब्लैक स्पॉट जस का तस खड़ा रहा। अब उसी स्थान पर बस और स्कॉर्पियो की भिड़ंत ने व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। तस्वीरों में बस के आसपास यात्रियों की भीड़, सड़क पर वाहनों की आवाजाही और आसपास खड़े भारी वाहन साफ दिखाई दे रहे हैं। ऐसी स्थिति में सड़क किनारे मौजूद अवरोध और सीमित दृश्यता किसी भी समय बड़े हादसे का कारण बन सकती है।

स्थानीय लोगों का सवाल सीधा है—क्या प्रशासन किसी बड़ी जनहानि के बाद ही जागेगा?

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का जनदर्शन कार्यक्रम शहडोल में होता है तो कलेक्टर, एसपी और स्थानीय विधायक को भी एक बार पकरिया के इस ब्लैक स्पॉट पर जनदर्शन करना चाहिए। यदि जिम्मेदार जनप्रतिनिधि और अधिकारी कुछ देर यहां खड़े होकर वाहनों की आवाजाही, यात्रियों की परेशानी, जलभराव और दुर्घटना के खतरे को अपनी आंखों से देखेंगे, तभी शायद जनता की पीड़ा ठीक ढंग से महसूस कर पाएंगे।

अब सवाल सिर्फ अवैध निर्माण हटाने का नहीं, अगली जान बचाने का है। NHAI के पत्र, ग्राम पंचायत की शिकायत, जलभराव की घटना और अब सड़क हादसे के बाद भी यदि कार्रवाई नहीं होती, तो अगली बड़ी दुर्घटना होने पर जिम्मेदारी किसकी होगी? जनता अब पत्राचार नहीं, जमीन पर कार्रवाई चाहती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed