बरही तहसील कार्यालय में 50000 का रिश्वत लेते पकड़ाया लिपिक , जबलपुर की लोकायुक्त टीम ने की कार्रवाई, जमीन का नामांतरण रोकने के नाम पर की गई थी डेढ़ लाख रुपए की मांग
बरही तहसील कार्यालय में 50000 का रिश्वत लेते पकड़ाया लिपिक , जबलपुर की लोकायुक्त टीम ने की कार्रवाई, जमीन का नामांतरण रोकने के नाम पर की गई थी डेढ़ लाख रुपए की मांग

कटनी ॥ जिले के बरही तहसील न्यायालय में तहसीलदार का रीडर उमेश निगम 50 हजार रुपए की रिश्वत लेते दबोचा गया। इस कार्यवाही जबलपुर की लोकायुक्त की टीम ने अंजाम दिया।
लोकायुक्त टीम का नेतृत्व कर रहे निरीक्षक स्वप्निल दास ने बताया कि पीड़ित दिलराज अग्रावल से नामांतरण रुकवाने के एवज में डेढ़ लाख रुपए की मांग तहसीलदार के रीडर उमेश निगम और सिरौजा के पटवारी शिवप्रसाद पाठक ने की थी। रीडर उमेश निगम को तहसील न्यायालय बरही से 50 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा गया है।
बरही निवासी दिलराज अग्रवाल पिता रामप्रसाद अग्रवाल ने ग्राम सिरौजा स्थित अपनी पौने 4 एकड़ जमीन कटनी निवासी सोनम उपाध्यय पति तरुण उपाध्यय पति को 2 माह पूर्व 20 लाख में बिक्रय किया था, क्रेता ने उसे फर्जी चेक दिए थे, जो बाउंस हो गया। करीब 10 लाख रुपए देने से मना कर दिया गया था। दिलराज के साथ हुई धोखा-धड़ी की शिकायत की गई थी, लेकिन नामांतरण रोकने के लिए तहसीलदार बरही का रीडर उमेश निगम ने डेढ़ लाख की मांग की थी, जिसका मोबाइल में हुई पीड़ित के साथ बात व रुपए मांगने का आडियो भी टेप किया था, जिसके बाद गुरुवार की दोपहर कार्यवाई को अंजाम दिया गया।