वायरल वीडियो से नगर निगम के अतिक्रमण विभाग पर उठे सवाल मचा हड़कंप,जांच की मांग तेज,आखिर जब्त सामग्री का हिसाब किसके पास
वायरल वीडियो से नगर निगम के अतिक्रमण विभाग पर उठे सवाल मचा हड़कंप,जांच की मांग तेज,आखिर जब्त सामग्री का हिसाब किसके पास
कटनी।। नगर निगम के अतिक्रमण विभाग से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर शहर में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। वायरल वीडियो में कुछ लोग लोहे की सामग्री को रिक्शा एवं अन्य वाहनों के माध्यम से ले जाते हुए दिखाई दे रहे हैं। वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि अतिक्रमण हटाओ अभियान एवं जर्जर भवनों की कार्रवाई के दौरान जब्त की गई सामग्री का कथित रूप से दुरुपयोग किया जा रहा है।

नगर निगम का अतिक्रमण दस्ता इन दिनों एक वायरल वीडियो को लेकर चर्चाओं के केंद्र में है। शहरवासियों के बीच सबसे बड़ा सवाल यह है कि अतिक्रमण और जर्जर भवनों की कार्रवाई के दौरान जब्त की गई सामग्री आखिर किस प्रक्रिया के तहत रखी जाती है और उसका अंतिम निस्तारण कैसे होता है। हालांकि वायरल वीडियो में किए जा रहे दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है और मामले की वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। जानकारी के अनुसार नगर निगम द्वारा अतिक्रमण हटाने एवं जर्जर भवनों के विरुद्ध कार्रवाई के दौरान जब्त की गई सामग्री को निगम के संरक्षण में रखा जाता है। ऐसे में वायरल वीडियो सामने आने के बाद यह सवाल उठ रहे हैं कि वीडियो में दिखाई दे रही सामग्री कहां ले जाई जा रही थी तथा उसका आधिकारिक रिकॉर्ड क्या है।
स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों का कहना है कि यदि जब्त सामग्री के रखरखाव एवं निस्तारण की प्रक्रिया में किसी प्रकार की अनियमितता हुई है तो पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए। लोगों का मानना है कि नगर निगम को मामले की स्थिति स्पष्ट कर जनता के सामने तथ्य रखने चाहिए ताकि किसी भी प्रकार की भ्रांतियों को दूर किया जा सके।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं। यदि वीडियो में दिखाई दे रही सामग्री वास्तव में निगम की जब्त सामग्री है, तो उसे ले जाने की अनुमति किसने दी, उसका रिकॉर्ड किस रजिस्टर में दर्ज है और संबंधित अधिकारियों को इसकी जानकारी थी या नहीं, ऐसे कई सवाल जवाब मांग रहे हैं। वर्तमान में अतिक्रमण विभाग की जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों के पास है और नगर निगम प्रशासन द्वारा विभिन्न विभागों में पारदर्शिता एवं जवाबदेही की बात कही जाती रही है। ऐसे में वायरल वीडियो ने विभागीय व्यवस्थाओं पर कई प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं।

यदि जांच में वायरल वीडियो में लगाए जा रहे आरोप सही पाए जाते हैं तो यह नगर निगम की संपत्ति, राजस्व और प्रशासनिक जवाबदेही से जुड़ा गंभीर विषय माना जा सकता है। वहीं यदि आरोप निराधार साबित होते हैं तो संबंधित पक्षों की स्थिति भी स्पष्ट हो जाएगी।
कर्मचारी मनमानी कर रहे हैं या निगरानी व्यवस्था कमजोर है
वायरल वीडियो के बाद यह चर्चा भी तेज हो गई है कि कहीं विभागीय निगरानी व्यवस्था केवल कागजों तक सीमित तो नहीं है। यदि कर्मचारियों द्वारा कोई अनियमितता की जा रही थी तो वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी जानकारी क्यों नहीं थी, और यदि जानकारी थी तो अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई? मामले ने यह सवाल भी खड़ा कर दिया है कि नगर निगम के विभिन्न विभागों में जवाबदेही की व्यवस्था कितनी प्रभावी है। आखिर ऐसी कौन सी व्यवस्था है जिसमें जब्त सामग्री कार्यालय से बाहर निकल जाती है और किसी को इसकी भनक तक नहीं लगती

जांच से ही सामने आएगी सच्चाई
हालांकि वायरल वीडियो में किए जा रहे दावों की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन यदि आरोपों में सच्चाई पाई जाती है तो यह केवल विभागीय लापरवाही का नहीं बल्कि नगर निगम की संपत्ति और राजस्व से जुड़े गंभीर प्रकरण का विषय बन सकता है। ऐसे में आवश्यक है कि नगर निगम प्रशासन पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराए और जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करे।
फिलहाल नगर निगम प्रशासन की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। शहरवासियों की नजर अब इस बात पर टिकी है कि प्रशासन मामले की जांच कर क्या निष्कर्ष सामने लाता है और क्या कार्रवाई की जाती है। नगर निगम प्रशासन इस मामले को गंभीरता से लेकर पारदर्शी कार्रवाई करता है या फिर यह मामला भी अन्य विवादों की तरह समय के साथ ठंडे बस्ते में चला जाता है।

(नोट: यह समाचार सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और उससे जुड़े दावों पर आधारित है। वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है तथा www.halehulchal.in इन वायरल वीडियो के सत्यता की किसी तरह से कोई पुष्टि नही करता हैं.अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही सामने आएंगे।)