कलेक्टर डॉ. संतोष कुमार देवांगन की सराहनीय पहल: खेतों में पहुंचकर किसानों को दिया ‘फसल विविधीकरण’ का मूलमंत्र

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गौरेला पेंड्रा मरवाही | 24 जून 2026

जिले के किसानों की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने और कृषि क्षेत्र में नई क्रांति लाने के उद्देश्य से गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (GPM) जिले के कलेक्टर डॉ. संतोष कुमार देवांगन ने एक बेहद सकारात्मक और प्रशंसनीय मिसाल पेश की है।

 

दफ्तर की चारदीवारी से बाहर निकलकर कलेक्टर महोदय सीधे किसानों के खेतों में पहुंचे, जो प्रशासन की संवेदनशीलता और किसानों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इस दौरान उनके साथ जिला पंचायत सीईओ श्री मुकेश रावटे भी मौजूद रहे।

 

जमीनी स्तर पर किया मुआयना, परखी हकीकत

कलेक्टर डॉ. देवांगन ने गौरेला विकासखंड के ग्राम लालपुर का दौरा किया। वहां उन्होंने केवल खानापूर्ति नहीं की, बल्कि राष्ट्रीय बागवानी मिशन के तहत खेती कर रहे प्रगतिशील किसानों के खेतों में जाकर फसलों का बारीकी से अवलोकन किया।

 

भ्रमण के मुख्य अंश:

किसानों से सीधा संवाद: कलेक्टर ने किसान सौरभ राठौर (जिनके 5 एकड़ में लौकी की फसल है) और किसान शैलेष राठौर (जिनके 1.5 एकड़ में फूलगोभी की फसल है) से मुलाकात की।

 

तकनीक और लागत पर चर्चा: उन्होंने इन किसानों द्वारा अपनाई जा रही आधुनिक कृषि पद्धतियों, फसल चक्र, लागत और उससे होने वाले मुनाफे को लेकर विस्तृत और सार्थक चर्चा की।

 

धान से आगे सोचने की दूरदर्शी सलाह

कलेक्टर महोदय का सबसे बड़ा और प्रेरक संदेश ‘फसल विविधीकरण’ (Crop Diversification) को लेकर रहा।

 

उन्होंने किसानों को एक बेहद महत्वपूर्ण और दूरदर्शी सलाह दी कि वे पारंपरिक रूप से केवल धान की खेती पर निर्भर न रहें।

 

आय बढ़ाने का सटीक मार्ग: उन्होंने किसानों को समझाया कि सब्जी और अन्य उद्यानिकी फसलों की खेती अपनाने से न केवल जोखिम कम होता है, बल्कि आय में भी अभूतपूर्व वृद्धि होती है।

 

आधुनिकता को बढ़ावा: कलेक्टर ने किसानों को फसल चक्र अपनाने और नई तकनीकों के इस्तेमाल के लिए प्रोत्साहित किया, ताकि खेती को एक लाभकारी व्यवसाय के रूप में स्थापित किया जा सके।

 

प्रशासनिक सक्रियता का बेहतरीन उदाहरण

कलेक्टर डॉ. संतोष कुमार देवांगन का यह कदम जिले के अन्य किसानों के लिए भी एक बड़ी प्रेरणा है। जब जिले का मुखिया स्वयं खेतों की पगडंडियों पर चलकर किसानों का हौसला बढ़ाता है और उन्हें आधुनिक तकनीक से जोड़ता है, तो इससे न केवल किसानों का आत्मविश्वास बढ़ता है, बल्कि सरकारी योजनाओं का सही क्रियान्वयन भी सुनिश्चित होता है।

 

इस मौके पर कृषि और उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों की उपस्थिति ने यह स्पष्ट कर दिया कि जिला प्रशासन किसानों के उत्थान के लिए पूरी तरह से मुस्तैद और कटिबद्ध है।

 

निश्चित तौर पर कलेक्टर महोदय की यह जमीनी सक्रियता और दूरदर्शी सोच जिले में कृषि के क्षेत्र में एक नए और सुनहरे अध्याय की शुरुआत करेगी।

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