आदिवासी सम्मान के मुद्दे पर कांग्रेस का उग्र प्रदर्शन, केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी आदिवासी नहीं वनवासी टिप्पणी पर आक्रोश
आदिवासी सम्मान के मुद्दे पर कांग्रेस का उग्र प्रदर्शन, केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी
आदिवासी नहीं वनवासी टिप्पणी पर आक्रोश
कटनी।। जिला कांग्रेस कमेटी शहर एवं आदिवासी कांग्रेस के तत्वावधान में केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah द्वारा आदिवासी समाज को लेकर दिए गए कथित अमर्यादित बयान के विरोध में शहर में विरोध प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता एवं आदिवासी समाज के लोग शामिल हुए और आदिवासी अस्मिता एवं पहचान पर कथित आघात के खिलाफ जमकर नाराजगी व्यक्त की।
विरोध प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं एवं आदिवासी समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि आदिवासियों को वनवासी कहकर उनकी वास्तविक पहचान को कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है, जिसे समाज किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं करेगा। वक्ताओं ने आदिवासी समाज के सम्मान, अधिकार, जल-जंगल-जमीन एवं अस्तित्व की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।

जिला कांग्रेस कमेटी शहर अध्यक्ष अधिवक्ता अमित शुक्ला ने कहा कि आदिवासी समाज देश की मूल संस्कृति, परंपरा और गौरव का प्रतीक है। उनकी पहचान एवं सम्मान पर किसी भी प्रकार की टिप्पणी समाज की भावनाओं को आहत करने वाली है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी सदैव आदिवासी समाज के अधिकारों और सम्मान की लड़ाई मजबूती से लड़ती रहेगी।
आदिवासी कांग्रेस अध्यक्ष अजय कोल ने कहा कि आदिवासी समाज अपनी अस्मिता और अधिकारों की रक्षा के लिए सदैव एकजुट रहा है और आगे भी मजबूती के साथ अपनी आवाज बुलंद करता रहेगा। समाज के सम्मान के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
कार्यक्रम में प्रियदर्शन गौर, राकेश जैन कक्का, ओमकार सिंह मरकाम, रजनी वर्मा, अंशु मिश्रा, जितेंद्र गुप्ता, राजेश जाटव, अजय जैसवानी, कमल पांडे, मंगल सिंह, संदीप यादव, इस्तियाक अहमद, दिग्विजय सिंह, विनीत जायसवाल, रमेश अहिरवार, विनोद अहिरवार, शुभम सोनखरे, अकबर अहमद, अदिता वर्मा, कपिल पटेल, जार्ज डेविड, रॉबिन पीटर, सुमन सैनी, श्याम पाहुजा, श्याम यादव, अजय खटीक, शशांक गुप्ता, सुरेश पांडे, शैलेन्द्र सिंह, माधवेंद्र सिंह, मुकेश बर्मन, तुलाराम गोटिया, हर्षित मिश्रा सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता एवं आदिवासी समाज के साथी उपस्थित रहे।