प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालय के प्रधान पाठकों की बैठक में दिए गए आवश्यक निर्देश जिला पंचायत उपाध्यक्ष राजा उपेन्द्र सिंह ने जनपद प्राथमिक शाला गिरारी के लिए 2 लाख रुपए की घोषणा की
बीईओ ने कहा : छात्रों को 25 तक पहाड़ा और धाराप्रवाह पढ़ना आना अनिवार्य
पेण्ड्रा / नवीन शिक्षण सत्र 2026-27 में शालाओं के सफल संचालन हेतु स्कूल शिक्षा सचिव, कलेक्टर एवं डीईओ द्वारा दिये गये निर्देशानुसार विकासखंड पेण्ड्रा के समस्त प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालय के प्रधान पाठकों की बैठक 25 जून गुरुवार को बीआरसीसी भवन पेण्ड्रा के सभाकक्ष में बीईओ आरएन चंद्रा द्वारा आयोजित की गई।
उक्त बैठक में विशेष रूप से आमंत्रित जिला पंचायत अध्यक्ष समीरा पैकरा एवं उपाध्यक्ष तथा जिला शिक्षा समिति के पदेन अध्यक्ष राजा उपेन्द्र बहादुर सिंह ने समस्त प्रधान पाठकों से कहा कि, नौनिहालों के भविष्य संवारने की जिम्मेदारी शिक्षकों के ऊपर होती है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष इस जिले का परीक्षा परिणाम बेहतर आया है। आने वाले वर्ष में इससे भी बेहतर परीक्षा परिणाम लाने का प्रयास किया जाना चाहिए।
राजा उपेंद्र बहादुर सिंह ने स्कूलों के भ्रमण के दौरान जनपद प्राथमिक शाला गिरारी में प्रधान पाठक अदिति शर्मा द्वारा कम संसाधन में भी स्कूल में लाइब्रेरी सहित बच्चों की पढ़ाई का अच्छा माहौल तैयार करने तथा शिक्षा में नवाचार के लिए उनकी प्रशंसा करते हुए उक्त स्कूल में जरूरत अनुसार विकास कार्य कराने के लिए 2 लाख रुपए स्वीकृत करने की घोषणा की।
बीईओ आरएन चंद्रा ने कहा कि शिक्षा मंत्री एवं उच्चाधिकारियों द्वारा समीक्षा बैठक में दिए गए निर्देश के अनुसार सभी शिक्षक स्कूल में नवीन शिक्षण सत्र 2026-27 में शालाओं में शाला प्रवेशोत्सव से लेकर सभी आवश्यक तैयारियों के शिक्षण कार्य प्रारंभ कर गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा पर ध्यान दें। उन्होंने कहा कि प्राथमिक कक्षाओं के छात्रों को 20 तक के पहाड़े और बारहखड़ी आनी चाहिए, जबकि माध्यमिक स्तर के छात्रों के लिए 25 तक के पहाड़े याद करना अनिवार्य है। विद्यार्थियों को हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में धाराप्रवाह (फर्राटेदार) पढ़ना आना चाहिए। विद्यालयों की दिनचर्या में प्रार्थना, राष्ट्रगान के साथ-साथ भोजनावकाश के समय ‘भोजन मंत्र’ और दिन के अंत में राज्य गीत सहित गायत्री मंत्र/शांति मंत्र का पाठ अनिवार्य किया गया है। साथ ही शिक्षकों और विद्यार्थियों की उपस्थिति को पारदर्शी बनाने के लिए विद्या समीक्षा केंद्र (वीएसके) के जरिए डिजिटल उपस्थिति अनिवार्य है। बैठक में बीआरसीसी रामकुमार बघेल सहित सभी स्कूलों के प्रधान पाठक एवं सीएसी उपस्थित थे।