बोलेरो लूट और हत्याकांड में चार को उम्रकैद: एजीपी कौशल सिंह की दमदार पैरवी से हत्यारों को मिली सजा

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पेण्ड्रारोड, बिलासपुर (24 जुलाई 2026) –

बिलासपुर जिले के पेण्ड्रारोड स्थित द्वितीय अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश श्रीमती ज्योति अग्रवाल की अदालत ने एक सनसनीखेज लूट और हत्याकांड में अपना अहम फैसला सुनाया है। अभियोजन पक्ष की ओर से अतिरिक्त लोक अभियोजक (AGP) श्री कौशल सिंह द्वारा पेश किए गए ठोस सबूतों और दमदार जिरह के आधार पर न्यायालय ने चार मुख्य आरोपियों को हत्या का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा से दंडित किया है।

 

क्या था पूरा मामला?

अभियोजन के अनुसार, यह खौफनाक घटना सितंबर 2022 की है, जब आरोपियों ने एक आपराधिक षड्यंत्र के तहत बोलेरो वाहन लूटने के लिए चालक की निर्मम हत्या कर दी थी।

 

हत्या का तरीका: आरोपियों ने मृतक नंदू काशीपुरी का अपहरण किया। इसके बाद एक आरोपी ने मृतक के दाहिने हाथ, दूसरे ने बाएं हाथ को पकड़ा और तीसरे आरोपी ने मोटर सायकल के क्लच वायर से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी।

 

साक्ष्य मिटाने की कोशिश: हत्या को आत्महत्या का रूप देने और पुलिस को गुमराह करने के लिए आरोपियों ने मृतक के शव को बिजुरी (म.प्र.) में रेल्वे लाईन की पटरियों पर फेंक दिया था।

 

लूट और फर्जीवाड़ा: हत्या के बाद आरोपियों ने मृतक की बोलेरो गाड़ी (CG-10 AF-0772) को लूट लिया। पकड़े जाने से बचने के लिए गाड़ी का असली नंबर प्लेट हटाकर फर्जी नंबर प्लेट (MP-65 BB-0645) लगा दिया गया और फर्जी कागजात भी तैयार किए गए थे।

 

अभियोजन की सफलता और न्यायालय का फैसला

इस सत्र प्रकरण (क्रमांक-09/2023) में अतिरिक्त लोक अभियोजक श्री कौशल सिंह ने अभियोजन का पक्ष पूरी मजबूती से रखा। उन्होंने 35 गवाहों और 62 से अधिक दस्तावेजी साक्ष्यों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर आरोपियों के अपराध को संदेह से परे प्रमाणित किया।

 

न्यायालय ने मामले को गंभीरता से लेते हुए निम्नलिखित सजा मुकर्रर की है:

 

दोषी का नाम प्रमाणित अपराध (भा.दं.सं. की धाराएं) सजा का विवरण

 

रामाशंकर सोनी 120B/34, 302/34, 397/34, 201/34 आजीवन कारावास (हत्या एवं षड्यंत्र) तथा 7 वर्ष का सश्रम कारावास (लूट एवं साक्ष्य विलोपन)।

 

रोहित यादव 120B/34, 302/34, 397/34, 201/34 आजीवन कारावास (हत्या एवं षड्यंत्र) तथा 7 वर्ष का सश्रम कारावास (लूट एवं साक्ष्य विलोपन)।

 

लालू चौधरी 120B/34, 302/34, 397/34, 201/34 आजीवन कारावास (हत्या एवं षड्यंत्र) तथा 7 वर्ष का सश्रम कारावास (लूट एवं साक्ष्य विलोपन)।

 

सावित्री 120B/34, 302/34, 397/34 आजीवन कारावास (हत्या एवं षड्यंत्र) तथा 7 वर्ष का सश्रम कारावास (लूट)।

 

उमाकांत उपाध्याय 411 1 वर्ष का सश्रम कारावास (लूट की संपत्ति बेईमानी से प्राप्त करना)।

 

मुख्य आरोपियों पर 5000-5000 रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है और न्यायालय के निर्देशानुसार सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी। वहीं, सबूतों के अभाव में एक अन्य आरोपी हेमराज सिंह को दोषमुक्त कर दिया गया है।

 

क्षतिपूर्ति की अनुशंसा:

इस कठोर फैसले के साथ ही न्यायालय ने एक मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए मृतक नंदू काशीपुरी के वारिसों को ‘पीडित क्षतिपूर्ति योजना वर्ष 2011’ के अंतर्गत मुआवजा देने की अनुशंसा भी की है। इसके लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बिलासपुर को आवश्यक जाँच कर क्षतिपूर्ति राशि प्रदान करने की कार्यवाही के निर्देश दिए गए हैं।

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