नकली नोटों का बड़ा नेटवर्क बेनकाब, 5 आरोपी गिरफ्तार

8.71 लाख रुपये की जाली करेंसी बरामद, 500 और 200 रुपये के 1803 नकली नोट जब्त; नोट छापने वाला प्रिंटर और बाइक भी पुलिस के कब्जे में
शहडोल। जिले में नकली भारतीय करेंसी के कारोबार का बड़ा खुलासा हुआ है। खैरहा थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 500 और 200 रुपये के कुल 1803 नकली नोट बरामद किए गए हैं। इसके अलावा नकली नोट तैयार करने में इस्तेमाल किया जाने वाला प्रिंटर और एक मोटरसाइकिल भी जब्त की गई है। पुलिस की इस कार्रवाई से नकली करेंसी के कारोबार से जुड़े नेटवर्क में हड़कंप मच गया है। मामले में कुछ अन्य आरोपियों की तलाश भी की जा रही है।
मुखबिर की सूचना पर घेराबंदी, बैग से निकले नकली नोट
पुलिस के मुताबिक, 6 नवंबर को खैरहा थाना पुलिस को नकली भारतीय करेंसी के लेनदेन की सूचना मिली थी। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम ने ग्राम छिरहटी के पास घेराबंदी की और संदिग्ध व्यक्तियों को पकड़कर उनकी तलाशी ली। इस दौरान उनके पास रखे बैग से बड़ी संख्या में नकली भारतीय करेंसी नोट बरामद हुए। शुरुआती जांच में सामने आया कि बरामद नोट 500 और 200 रुपये के मूल्यवर्ग में तैयार किए गए थे। पुलिस ने मौके से सभी नकली नोटों को जब्त कर आरोपियों को हिरासत में लिया।
500 रुपये के 1702 और 200 के 101 नकली नोट
पुलिस की कार्रवाई में 500 रुपये के 1702 नकली नोट बरामद हुए, जिनकी कीमत 8 लाख 51 हजार रुपये बताई गई है। वहीं, 200 रुपये के 101 नकली नोट भी मिले, जिनकी कीमत 20 हजार 200 रुपये है। इस तरह कुल 1803 नकली नोटों की गणना के अनुसार कीमत 8 लाख 71 हजार 200 रुपये होती है। पुलिस ने नकली नोट तैयार करने में इस्तेमाल होने वाला एक प्रिंटर और होंडा एसपी शाइन मोटरसाइकिल क्रमांक एमपी 20 एन एक्स 9675 भी जब्त की है। जब्त सामग्री की कुल कीमत पुलिस ने 9 लाख 21 हजार 700 रुपये बताई है।
अनूपपुर, शहडोल और डिंडौरी के आरोपी शामिल
इस मामले में पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में शरद सिंह मरावी (34), निवासी ग्राम नौगुला, थाना राजेंद्रग्राम, जिला अनूपपुर; अरविंद सिंह (28), निवासी ग्राम अर्झुली, थाना खैरहा, जिला शहडोल; मनीष कुमार (33), निवासी जिला डिंडौरी; अनिल कुमार उरैती (36), निवासी ग्राम लालपुर, थाना गाड़ासरई, जिला डिंडौरी और नन्हे सिंह मरकाम (54), निवासी ग्राम बोंदर, थाना गाड़ासरई, जिला डिंडौरी शामिल हैं।
नेटवर्क के दूसरे सदस्यों की तलाश में जुटी पुलिस
पुलिस ने मामले में संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। अब जांच का दायरा इस बात पर केंद्रित है कि नकली नोट कहां तैयार किए जा रहे थे, इन्हें बाजार में खपाने की क्या योजना थी और इस पूरे कारोबार में अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं। पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है। आरोपियों से पूछताछ के आधार पर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।
एसडीओपी के नेतृत्व में हुई कार्रवाई
पुलिस अधीक्षक डॉ. संजय कुमार अग्रवाल के निर्देशन में की गई इस कार्रवाई में एसडीओपी धनपुरी विकास पांडेय के नेतृत्व में थाना प्रभारी खैरहा उपनिरीक्षक उमाशंकर चतुर्वेदी एवं थाना खैरहा पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।