कर वसूली को रफ्तार देने निगमायुक्त मैदान में, बड़े बकायादारों पर सख्ती के संकेत
कर वसूली को रफ्तार देने निगमायुक्त मैदान में, बड़े बकायादारों पर सख्ती के संकेत
कटनी। वित्तीय वर्ष की समाप्ति को देखते हुए नगर निगम प्रशासन ने कर वसूली को प्राथमिकता के मोड में डाल दिया है। इसी क्रम में नगर निगमायुक्त तपस्या परिहार ने मंगलवार को बस्ती और माधव नगर में आयोजित कर वसूली शिविरों का औचक निरीक्षण कर जमीनी हकीकत का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप वसूली सुनिश्चित की जाए और इसके लिए बड़े बकायादारों से डोर-टू-डोर संपर्क अनिवार्य रूप से किया जाए। निगमायुक्त ने शिविरों में तैनात वसूली दल से वार्डवार डिमांड, अब तक की वसूली, शेष बकाया तथा पीओएस मशीनों की उपलब्धता की विस्तार से जानकारी ली। लक्ष्य के मुकाबले कम वसूली पाए जाने पर उन्होंने अमले को सक्रियता बढ़ाने, करदाताओं को जागरूक करने और लंबित मामलों में प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान राजस्व अधिकारी जागेश्वर प्रसाद पाठक सहित विभागीय अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।
व्यवसायियों से संवाद, समस्याओं के निराकरण के निर्देश
माधव नगर में नारायण बेकरी के सामने लगे शिविर में निगमायुक्त ने क्षेत्रीय व्यवसायियों से सीधे संवाद कर कर संबंधी समस्याएं सुनीं और नियमानुसार त्वरित निराकरण के निर्देश दिए। साथ ही सार्वजनिक मार्ग पर सामग्री रखकर आवागमन बाधित न करने की सख्त हिदायत दी।
डिजिटल भुगतान को बढ़ावा
शिविर में कर जमा करने पहुंचे करदाताओं से निगमायुक्त ने ई-नगरपालिका ऐप के माध्यम से सरल और त्वरित भुगतान करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि डिजिटल भुगतान से न केवल समय की बचत होगी, बल्कि पारदर्शिता भी बढ़ेगी।
समस्या सुनी, समाधान कराया
माधव नगर उपकार्यालय के निरीक्षण के दौरान बंगाली कॉलोनी निवासी आशीष मंडल की समग्र ई-केवाईसी से जुड़ी समस्या सामने आई। निगमायुक्त के निर्देश पर स्टाफ ने तत्काल ई-केवाईसी कराई, जिससे आवेदक को राहत मिली। इस अवसर पर उन्होंने उपकार्यालय की व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने के भी निर्देश दिए। कुल मिलाकर, निगमायुक्त का यह निरीक्षण संदेश साफ करता है कि कर वसूली में लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी और वित्तीय वर्ष के अंतिम चरण में निगम प्रशासन पूरी सख्ती और सक्रियता के साथ मैदान में है।