जर्जर भवनों पर निगम का शिकंजा, जनसुरक्षा के लिए लगातार जारी डिस्मेंटल की कार्रवाई गुरुनानक वार्ड में बरही रोड स्थित अत्यंत जर्जर भवन को जेसीबी और हाइड्रा से हटाने की कार्रवाई शुरू, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
जर्जर भवनों पर निगम का शिकंजा, जनसुरक्षा के लिए लगातार जारी डिस्मेंटल की कार्रवाई
गुरुनानक वार्ड में बरही रोड स्थित अत्यंत जर्जर भवन को जेसीबी और हाइड्रा से हटाने की कार्रवाई शुरू, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
कटनी।। बारिश के मौसम में जर्जर भवनों से होने वाली संभावित दुर्घटनाओं को रोकने के लिए नगर पालिक निगम प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए चिन्हित जर्जर भवनों के विरुद्ध कार्रवाई तेज कर दी है। इसी क्रम में मंगलवार को गुरुनानक वार्ड में बरही रोड स्थित एक अत्यंत जर्जर भवन को हटाने की कार्रवाई शुरू की गई।
पुराना ट्रैफिक के सामने स्थित उक्त भवन, जिसके स्वामी ज्योति प्रकाश नायडू एवं सी.आर. नायडू बताए गए हैं, की हालत लंबे समय से बेहद खराब थी। भवन के कभी भी धराशायी होने की आशंका को देखते हुए नगर निगम द्वारा तकनीकी जांच एवं प्राप्त शिकायतों के आधार पर इसे जर्जर घोषित किया गया। आवश्यक नोटिस एवं अन्य वैधानिक कार्रवाई पूरी करने के बाद मंगलवार दोपहर भवन के डिस्मेंटल की कार्रवाई प्रारंभ की गई।

जेसीबी और हाइड्रा से शुरू हुआ डिस्मेंटल अभियान
नगर निगम का अमला जेसीबी, हाइड्रा सहित अन्य आवश्यक संसाधनों के साथ मौके पर पहुंचा और भवन को चरणबद्ध तरीके से हटाने की कार्रवाई शुरू की। भवन की जर्जर स्थिति को देखते हुए पूरी प्रक्रिया में विशेष सावधानी बरती जा रही है, ताकि आसपास के नागरिकों, राहगीरों एवं यातायात को किसी प्रकार का खतरा न हो। निगम प्रशासन का मानना है कि समय रहते ऐसे भवनों को हटाना आवश्यक है, क्योंकि बारिश के दौरान कमजोर हो चुकी संरचनाओं के अचानक गिरने से जान-माल का गंभीर नुकसान हो सकता है।
बैरिकेडिंग कर रोका गया आवागमन, यातायात भी डायवर्ट
डिस्मेंटल की कार्रवाई के दौरान सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। घटनास्थल के आसपास बैरिकेडिंग कर अनाधिकृत व्यक्तियों के प्रवेश पर रोक लगाई गई है। साथ ही किसी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए यातायात को भी डायवर्ट किया गया है। नगर निगम आयुक्त तपस्या परिहार के निर्देश पर अनुज्ञा शाखा एवं अतिक्रमण दस्ते की संयुक्त टीम मौके पर मौजूद रहकर पूरी कार्रवाई की निगरानी कर रही है। निगम का अमला भवन को सुरक्षित तरीके से हटाने के लिए लगातार जुटा हुआ है।
शिकायतों और तकनीकी जांच के बाद लिया गया निर्णय
नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, उक्त भवन को लेकर लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही थीं। शिकायतों के बाद तकनीकी स्तर पर भवन की स्थिति का परीक्षण कराया गया, जिसमें भवन अत्यंत जर्जर पाया गया। संभावित खतरे को देखते हुए नियमानुसार नोटिस सहित आवश्यक कार्रवाई की गई और अंततः भवन को हटाने का निर्णय लिया गया। अधिकारियों का कहना है कि निगम का उद्देश्य किसी भी नागरिक को परेशानी में डालना नहीं, बल्कि संभावित हादसे को होने से पहले रोकना है। जर्जर भवन यदि आबादी वाले क्षेत्र में स्थित हों तो उनके कारण आसपास रहने वाले लोगों के साथ-साथ राहगीरों और वाहन चालकों की सुरक्षा भी प्रभावित होती है।
चिन्हित जर्जर भवनों पर आगे भी होगी कार्रवाई
शहर में लगातार हो रही बारिश को देखते हुए नगर निगम प्रशासन जर्जर भवनों को लेकर पूरी तरह सतर्क है। निगम द्वारा ऐसे भवनों को चिन्हित कर उनकी स्थिति का परीक्षण कराया जा रहा है और जहां खतरा अधिक है, वहां नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। गुरुनानक वार्ड में हुई यह कार्रवाई इसी अभियान का हिस्सा है। निगम प्रशासन का स्पष्ट संदेश है कि जनसुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और संभावित दुर्घटनाओं को रोकने के लिए चिन्हित जर्जर भवनों पर आवश्यक कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
नागरिकों से सहयोग की अपील
नगर निगम प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि डिस्मेंटल की कार्रवाई पूरी होने तक संबंधित मार्ग का उपयोग करने से बचें तथा बैरिकेडिंग वाले क्षेत्र में प्रवेश न करें। नागरिकों के सहयोग से कार्रवाई को सुरक्षित एवं व्यवस्थित ढंग से पूरा करने में मदद मिलेगी। बारिश के मौसम में जर्जर भवनों से होने वाले हादसों की आशंका के बीच नगर निगम की यह कार्रवाई शहर में जनसुरक्षा को लेकर प्रशासन की गंभीरता को स्पष्ट करती है।