ग्रामीणों की एक पुकार रोजगार दो सरकार

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बांधवगढ़ में जिप्सी संचालकों पर लटकी बेरोजगारी की तलवार

पार्क प्रबंधन पर लगाये जा रहे मन माना रवैया अपनाने के आरोप

उमरिया। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह प्रदेश के ग्रामीण व पिछड़े इलाको के लिए कितना क्यों न दिन-रात पसीना बहाकर लोगों को रोजगार देने उपाय वह घोषणा कर ले, किंतु शायद यह उपाय व घोषणा बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व क्षेत्र के अंतर्गत पार्क प्रबंधन के अधिकारियों पर लागू नहीं होता, पिछली बार सूबे के मुखिया बफर की सफर व ग्रामीणों के कार्य के लिए वाहन क्षमता कितना क्यों होना बढ़ा लें, लेकिन तानाशाह अधिकारी बाघों की मौत के आरोपों में लिप्त हटाए गए अधिकारियों पर सीएम द्वारा रोजगार तौर पर उठाए गए ऐसे कदम से कोई फर्क नहीं पड़ता बल्कि रोजगार देने के बजाय तानाशाही अधिकारियों के संरक्षण में रोजगार व अपनी नुकसानी का हक मांगने वाले ग्रामीणों को गाली गलौज देते हुए और कार्यवाही के घेरे में डाल दिया जाता है।

रोजी-रोटी में बाधक अधिकारी और नेता

जिले में रोजगार की कमी के चलते वैसे ही लोग पलायन करने को मजबूर हैं, बावजूद इसके थोड़ी बहुत जहां भी संभावनाएं दिखाई देती है, वहां ग्रामीणों की बीच में रोड़ा बनकर कोई तानाशाह अधिकारी अथवा नेता खड़े हो जाते हैं, जिससे परिवार पर रोजी-रोटी में बाधक बन रहे हैं, ऐसे में लोग करें तो करें, बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में अनियमितताओं का गढ़ पहले से ही रहा है, जिसे जनता को रोजी-रोटी के लिए भटकना पड़ रहा है, लेकिन कई वर्षों से भाजपा की सत्ता होने के बाद भी जिले के क्षेत्रीय राष्ट्रीय पार्क बांधवगढ़ में तानाशाह अधिकारियों की दखलन्दाजी नियमों और कायदों को दरकिनार कर मनमाना रवैया से ग्रामीणों के जिप्सी वाहनों के पंजीयन से लेकर पार्क सफारी में जाने वाले वाहनों के साथ पूंजीपतियों के होटलों की इमारत नियम विरुद्ध व सभी नियमों को दरकिनार करते हुए संरक्षित क्षेत्र से सटकर इमारते खड़ा कराने में अहम भूमिका अदा कर रहे हैं।

पंजीयन में हुआ खेल

बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व खुलने से अभी तक के सभी अधिकारियों के कार्यकाल से सबसे अधिक बाघों की मौत का संख्या देने वाले वर्तमान कार्यकाल के अधिकारी जिसे अभी सरकार के द्वारा संज्ञान लेकर हटाया गया, जिसका गुस्सा जवाबदार अधिकारी द्वारा स्थानीय ग्रामीणों के ऊपर रोजगार तौर पर लाई गई नई जिप्सी वाहनों पर पंजीयन में स्थानांतरण होने का गुस्सा व जोर आजमाइशें , पार्क सफारी के लिये नए जिप्सी वाहनों का पंजीयन का खेल हुआ, सूत्रों की माने तो स्थानांतरित हुए अधिकारी द्वारा नए वाहन न मिलने और उनके चहेतों को इसका लाभ न मिलने के कारण पार्क प्रबंधन द्वारा कैबिनेट मंत्री के अनुशंसा के बाद भी ग्रामीणों द्वारा ऋण से लाए गए वाहनों का पंजीयन वाहन क्षमता 70 से 75 मौजूद होने के बाद भी नहीं किया गया, जिसमें पार्क प्रबंधन के द्वारा नए वाहनों के पंजीयन को लेकर एक अधिकारी दूसरे अधिकारी के ऊपर कार्यवाही का आरोप थोपते हुए नजर आ रहे।

सीएम के सपनों पर पार्क प्रबंधन का प्रहार

बफर से सफर की शुरुआत के दौरान सूबे के सीएम शिवराज सिंह चौहान ने निर्देशित किया था कि स्थानीय लोगों को रोजगार उपलब्ध कराए जाएंगे, गाइड जिप्सी से लेकर हर प्रकार के बाहरी कार्यों में स्थानीय लोगों को प्राथमिकता दी जाएगी, जिसमें किसी तरह की छुट भैये नेताओं का हस्ताक्षेप नहीं होगा, लेकिन प्रदेश के मुखिया के निर्देशों के बाद भी प्रबंधन सीएम के सपनों को करारी चोंट दे रहे है, जो कि रोजगार का पैसा प्रबंधन के व सरकार की तरफ से खर्च नहीं किया जाना है, स्थानीय लोग अपने मेहनत से पर्यटकों को भ्रमण कराकर पर्यटकों के पैसे से अपना और अपने परिवार का जीवन पोषण करेंगे, फिर भी पार्क प्रबंधन स्थानीय लोगों के ऐसे कार्यों के बीच में रोड़ा बनकर तैयार हो रहा है। पार्क प्रबंधन लगभग 70 परिवारों को रोजगार दे सकता है, लेकिन प्रबंधन 35 परिवारों को रोजगार से वंछित करने की कवायद कर रहा है।

कैसे होंगे ऋण भार मुक्त बढ़ रही है चिंता

कोरोना काल कि समाप्ति होने के बादबांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के पर्यटन प्रारंभ होने के पूर्व बांधवगढ़ क्षेत्र वासियों में खुशी की लहर फैली, बहुत सारे ग्रामीण अपने रोजगार की उम्मीद लगाकर अपने जमीन घर और बाड़ी को दांव में लगाकर पार्क में पर्यटकों को भ्रमण कराने हेतु जिप्सी वाहन खरीद कर इस उम्मीद से लेकर आये कि हर साल की तरह प्रबंधन रोजगार के लिए नए क्षेत्रवासियों का वाहन पंजीयन करता है, जो इस वर्ष भी होगा, लेकिन बाघों की मौत में लिप्त हटाए गए तानाशाह अधिकारी व रसूखदार नेता के प्रभाव के आगे उनके हाथ से जीवनयापन पर संकट आ गया।

अनुशंसा पर भारी तानाशाह अधिकारी

नए वाहनों के पंजीयन न होने के कारण प्रबंधन के उक्त निर्णय से स्थानीयजनों के जीवनयापन पर आए संकट से कई ग्रामीण चिंतित हैं, जिन पर कर्जे का बोझ लद गया है और इनके द्वारा अपने जीवन यापन और रोजी-रोटी पाने के लिए सीएम के नाम खत व स्थानीय विधायक एवं कैबिनेट मंत्री सुश्री मीना सिंह व एलएसी कमेटी के अध्यक्ष कमिश्नर राजीव शर्मा वर्क कलेक्टर के यहां आवेदन देते हुए गुहार लगाई है, जिस पर मंत्री सुश्री मीना सिंह जी ने क्षेत्र संचालक से संबंधित लोगों के वाहन जोडऩे की अनुशंसा भी की है और कहा कि नवीन वाहनों का पंजीयन कराया जाए, किन्तु कैबिनेट मंत्री की अनुशंसा बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के वर्तमान बाघो के मौतों के आरोप के तानाशाह अधिकारी के आगे फीकी पड़ रही है।
इनका कहना है…
हम अभी आवेदन ले रहे हैं और आवेदन के पश्चात पूरी सूची फाइनल कर देंगे और समिति गठित की जाएगी, समिति के सदस्यों का जो निर्णय होगा वह गाडिय़ां दौड़ाई जाएंगी है।
लबित भारती
उपवन संचालक
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व

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