23 साल की उम्र में सब इंस्पेक्टर बने रविकेश सिंह बागरी, पिता की राह पर बढ़ाया कदम, कोतवाली में हुआ सम्मान
शहडोल। जिले के लिए गर्व की बात है कि महज 23 वर्ष की आयु में रविकेश सिंह बागरी ने सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा में सफलता हासिल कर पुलिस सेवा में प्रवेश का गौरव प्राप्त किया है। शहडोल कोतवाली में आयोजित एक सादे समारोह में थाना प्रभारी राघवेंद्र तिवारी ने रविकेश को पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
रविकेश सिंह बागरी, शहडोल कोतवाली में पदस्थ सब इंस्पेक्टर राकेश सिंह बागरी के पुत्र हैं। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा कान्वेंट स्कूल से प्राप्त की। इसके बाद पंडित शंभूनाथ शुक्ल विश्वविद्यालय, शहडोल से बीए और एमए की पढ़ाई पूरी की। उच्च शिक्षा के साथ-साथ उन्होंने यूजीसी-नेट भी क्वालीफाई किया और उनका अंतिम लक्ष्य संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा में सफलता प्राप्त करना है। इसी उद्देश्य से वे दिल्ली में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे थे।
तैयारी के दौरान जब सब इंस्पेक्टर भर्ती निकली तो उन्होंने पहली बार परीक्षा दी और पहले ही प्रयास में सफलता हासिल कर ली। उनकी इस उपलब्धि ने यह साबित कर दिया कि स्पष्ट लक्ष्य, अनुशासित अध्ययन और निरंतर मेहनत से कम उम्र में भी बड़ी उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं।
रविकेश की सफलता इसलिए भी विशेष मानी जा रही है क्योंकि उन्होंने अपने पिता के पदचिन्हों पर चलते हुए पुलिस सेवा को चुना है। उनके पिता राकेश सिंह बागरी अपनी मिलनसार कार्यशैली, सरल स्वभाव और बेहतर पुलिसिंग के लिए जिले में अलग पहचान रखते हैं। वर्षों की सेवा के दौरान उन्होंने जनता के बीच विश्वास कायम किया है। अब उनके पुत्र ने भी उसी राह पर कदम बढ़ाते हुए पुलिस विभाग में नई जिम्मेदारी संभालने की दिशा में पहला महत्वपूर्ण पड़ाव पार किया है।
सम्मान समारोह के दौरान थाना प्रभारी राघवेंद्र तिवारी ने कहा कि रविकेश की सफलता जिले के युवाओं के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने विश्वास जताया कि वे ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और सेवा भावना के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करेंगे तथा विभाग और जिले का नाम रोशन करेंगे।
रविकेश सिंह बागरी की इस उपलब्धि पर परिवार, मित्रों, पुलिस विभाग के अधिकारियों और शुभचिंतकों ने हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दी हैं। सभी का मानना है कि यह उनके करियर की एक शानदार शुरुआत है और आगे वे अपने मूल लक्ष्य UPSC की तैयारी जारी रखते हुए नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेंगे।