ब्यौहारी में नशीले कफ सिरप की तस्करी का पर्दाफाश, 10 लाख की कार जब्त; दो आरोपी गिरफ्तार

50 शीशी नशीला कफ सिरप बरामद, रीवा से खरीदकर ब्यौहारी में ऊंचे दाम पर बेचने की थी तैयारी; एक आरोपी फरार
शहडोल। जिले में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत ब्यौहारी पुलिस ने नशीले कफ सिरप की तस्करी का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने घेराबंदी कर एक कार से 50 शीशी नशीला कफ सिरप बरामद किया है। मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक अन्य आरोपी फरार बताया गया है। पुलिस ने तस्करी में प्रयुक्त करीब 10 लाख रुपये कीमत की कार, एक मोबाइल फोन और कफ सिरप सहित कुल 10 लाख 35 हजार रुपये की सामग्री जब्त की है।
मुखबिर की सूचना पर घेराबंदी, कार की तलाशी में मिला सिरप
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, ब्यौहारी पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक कार के जरिए नशीले कफ सिरप की तस्करी की जा रही है। सूचना के आधार पर पुलिस ने बोकरा तिराहा मुख्य मार्ग पर घेराबंदी कर वाहन क्रमांक एमपी 17 सीसी 9214 को रोककर तलाशी ली।
तलाशी के दौरान कार की पिछली सीट के नीचे रखी बोरी से ओएचएमएस कैंडीकफ की 50 शीशी नशीली कफ सिरप बरामद हुई। प्रत्येक शीशी 100 मिलीलीटर की बताई गई है। जब्त कफ सिरप की कीमत 25 हजार रुपये आंकी गई है। पुलिस ने कार और मोबाइल फोन सहित कुल 10 लाख 35 हजार रुपये की सामग्री जब्त की है।
रीवा से खरीदकर ब्यौहारी में ऊंचे दाम पर बेचने की थी तैयारी
पूछताछ में आरोपियों ने कफ सिरप रीवा से खरीदकर ब्यौहारी में अधिक कीमत पर बेचने की बात बताई। पुलिस ने मामले में मिथिलेश मिश्रा निवासी रीवा और विक्रांत वर्मा उर्फ परीक्षित निवासी सूखा, ब्यौहारी को गिरफ्तार किया है। वहीं, एक अन्य आरोपी को फरार बताया गया है।
पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध स्वापक औषधि एवं मन:प्रभावी पदार्थ अधिनियम की धारा 8/21, 22 तथा मध्यप्रदेश औषधि नियंत्रण अधिनियम की धारा 5/13 के तहत मामला दर्ज कर विवेचना में लिया है। पुलिस अब कफ सिरप की आपूर्ति के स्रोत और इस कारोबार में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर हुई कार्रवाई
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक डॉ. संजय कुमार अग्रवाल एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक दीवान के मार्गदर्शन तथा अनुविभागीय अधिकारी पुलिस ब्यौहारी ऋषभ छारी के निर्देशन में की गई। थाना प्रभारी निरीक्षक अभिलाष मिश्रा के नेतृत्व में सहायक उप निरीक्षक गया प्रसाद कनौजे, प्रधान आरक्षक अमित सिंह, आरक्षक पंकज मेहरा, आरक्षक अभिषेक, आरक्षक ऋषभ शुक्ला, आरक्षक विवेक सूर्यवंशी तथा साइबर सेल के आरक्षक सत्यप्रकाश मिश्रा की महत्वपूर्ण भूमिका रही।