महासमुंद में प्रांतीय महिला शिक्षक सम्मेलन एवं सम्मान समारोह, GPM की चार महिला शिक्षिकाएं सम्मानित शिक्षा में महिला शिक्षकों की भूमिका और वर्तमान चुनौतियों पर हुआ मंथन, प्रदेशभर से 660 उत्कृष्ट महिला शिक्षिकाओं का सम्मान
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। छत्तीसगढ़ शिक्षक संघ द्वारा महासमुंद में आयोजित दो दिवसीय प्रांतीय महिला शिक्षक सम्मेलन एवं सम्मान समारोह में जिला गौरेला-पेंड्रा-मरवाही की चार महिला शिक्षिकाओं को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित किया गया। सम्मेलन में प्रदेश के विभिन्न जिलों से उत्कृष्ट कार्य करने वाली कुल 660 महिला शिक्षिकाओं को सम्मान प्रदान किया गया।
दो दिवसीय सम्मेलन में शिक्षा में महिला शिक्षकों की भूमिका, परिवार से राष्ट्र निर्माण में महिला शिक्षिका की भूमिका, वर्तमान परिवेश में शिक्षा के सामने चुनौतियां एवं समस्याएं, समाज, संस्कार और भारतीय समृद्ध संस्कृति का शिक्षा में व्यावहारिक एवं प्रभावी क्रियान्वयन तथा शिक्षा के क्षेत्र में भावी संभावनाओं सहित विभिन्न विषयों पर विस्तार से मंथन किया गया।
कार्यक्रम के दौरान प्रांतीय संगठन मंत्री श्री ओंकार सिंह ठाकुर ने शिक्षा मंत्री के समक्ष शिक्षकों की विभिन्न समस्याओं और मांगों को रखते हुए संबंधित मांगों का पत्र सौंपा। इस अवसर पर शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव ने शिक्षकों की भूमिका को सर्वोपरि बताते हुए सभी शिक्षकों से छत्तीसगढ़ में शिक्षा के स्तर को और बेहतर बनाने के लिए समर्पित भाव से कार्य करने का आह्वान किया।
शिक्षा मंत्री ने शिक्षक संघ द्वारा उठाई गई शिक्षकों की विभिन्न समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए उनके समाधान के लिए सहानुभूतिपूर्वक विचार करने तथा शीघ्र निराकरण का आश्वासन दिया।
सम्मेलन में राज्यपाल एवं राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त शिक्षक, सेवानिवृत्त शिक्षक तथा प्रदेश के विभिन्न जिलों से उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिला शिक्षिकाओं को सम्मानित किया गया।
GPM की इन चार शिक्षिकाओं को मिला सम्मान
जिला गौरेला-पेंड्रा-मरवाही से सम्मानित होने वाली शिक्षिकाओं में—
श्रीमती अर्चना सामुएल मसीह, शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला मगुरदा, विकासखंड मरवाही।
श्रीमती संगीता कैवर्त, व्याख्याता, पीएम श्री सेजेस कन्या पेंड्रा, विकासखंड पेंड्रा।
कुमारी प्रियंका विश्वकर्मा, व्याख्याता, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय उषाड़, विकासखंड मरवाही।
श्रीमती नलिनी राय, सहायक शिक्षक, प्राथमिक शाला लोहारी, विकासखंड मरवाही।
सम्मान प्राप्त करने वाली शिक्षिकाओं ने इसे अपने लिए गौरव का क्षण बताते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन महिला शिक्षकों के कार्यों को पहचान देने के साथ-साथ शिक्षा के क्षेत्र में और बेहतर कार्य करने की प्रेरणा भी प्रदान करते हैं।