खेलो इंडिया संवाद कार्यक्रम में पण्डित शम्भूनाथ शुक्ला विश्वविद्यालय परिवार ने की ऑनलाइन सहभागिता ।।
शहडोल। पंडित शंभूनाथ शुक्ला विश्वविद्यालय, शहडोल में “खेलो इंडिया संवाद—खेल की बात, प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के साथ” कार्यक्रम का आयोजन उत्साह के साथ किया गया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय परिवार ने बढ़-चढ़कर सहभागिता की। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं में खेल भावना, फिटनेस, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता तथा स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. राम शंकर ने की। इस अवसर पर कुलसचिव प्रो. आशीष तिवारी, शहडोल परिसर प्रभारी प्रो. गीता सराफ, नवलपुर परिसर प्रभारी प्रो. प्रवीण कुमार शर्मा तथा राष्ट्रीय सेवा योजना के जिला समन्वयक प्रो. अनिल उपाध्याय की गरिमामयी उपस्थिति रही।
कार्यक्रम के संयोजक प्रो. आदर्श तिवारी रहे। आयोजन में प्रो. मनीष तिवारी, प्रो. चेतना सिंह, डॉ. एच.एल. मरावी, डॉ. संगीता धुर्वे, राष्ट्रीय सेवा योजना कार्यक्रम अधिकारी डॉ. धानी जामोद, डॉ. अंजनी सूर्यवंशी, डॉ. सौरभ शिवा, कुमारी आकांक्षा शुक्ला, मेघा दुबे, सौरभ द्विवेदी, श्री जयप्रकाश द्विवेदी, डॉ. मनीष तिवारी, श्री गोपाल कृष्ण तिवारी, अंबिकेश नामदेव, श्री अरुण त्रिपाठी, श्री इस्लाम खान एवं श्री नितिन गर्ग ,डॉ दिलीप तिवारी सहित विश्वविद्यालय के शिक्षक, अधिकारी, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के साथ “खेल की बात” विषय पर संवाद को विश्वविद्यालय परिवार ने उत्साहपूर्वक सुना। प्रधानमंत्री के संदेश ने विद्यार्थियों एवं युवा खिलाड़ियों को खेलों के प्रति प्रेरित किया। प्रतिभागियों ने खेलों को केवल प्रतियोगिता का माध्यम न मानकर स्वस्थ शरीर, सकारात्मक सोच, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, अनुशासन और राष्ट्र निर्माण का महत्वपूर्ण आधार बताया।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के खेल विद्यार्थियों एवं खिलाड़ियों में विशेष उत्साह देखने को मिला। विद्यार्थियों ने खेलों में निरंतर अभ्यास, समर्पण और अनुशासन के साथ आगे बढ़ने तथा विश्वविद्यालय एवं शहडोल का नाम राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित करने का संकल्प लिया।
विश्वविद्यालय के कुलगुरू प्रो रामशंकर ने कहा कि युवाओं को खेलों से जोड़ना विकसित भारत के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। खेलों के माध्यम से युवाओं में शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य के साथ-साथ टीम भावना, नेतृत्व और निर्णय क्षमता का विकास होता है। विश्वविद्यालय विद्यार्थियों की खेल प्रतिभाओं को उचित मंच प्रदान करने तथा परिसर में खेल संस्कृति को मजबूत करने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
कार्यक्रम में माय भारत के अधिकारियों की भी सक्रिय सहभागिता रही। उनके द्वारा युवाओं को खेल गतिविधियों, फिटनेस एवं राष्ट्र निर्माण से जुड़ी गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया गया।जबलपुर से पधारे माय भारत के युवा खिलाड़ी प्रांजल और फुटवाल कोच ने अपनी बात रखी ।
कार्यक्रम का समापन उत्साहपूर्ण वातावरण में हुआ। उपस्थित शिक्षकों, अधिकारियों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों ने खेल भावना को जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने तथा स्वस्थ, अनुशासित, सशक्त एवं विकसित भारत के निर्माण में अपना योगदान देने का संकल्प लिया।नशा मुक्त भारत के संकल्प से कार्यक्रम का समापन हुआ।