मरवाही पिपरडोल में सोन नदी का सीना छलनी, दिनदहाड़े हो रहा अवैध रेत उत्खनन, बिना नंबर प्लेट के दौड़ रहे ट्रैक्टर
मोहम्मद शाकिब खान/प्रशांत कुमार मिश्रा मरवाही
मरवाही: जिले में रेत माफियाओं के हौसले इन दिनों बुलंद नजर आ रहे हैं। पर्यावरण और नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए मरवाही क्षेत्रांतर्गत आने वाले पिपरडोल में सोन नदी से खुलेआम अवैध रेत का उत्खनन किया जा रहा है। 
हैरानी की बात यह है कि शासन-प्रशासन के खौफ के बिना यह पूरा खेल दिन के उजाले में बेखौफ चल रहा है।
सामने आई तस्वीरों और वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि नदी के घाटों से किस तरह रेत निकाली जा रही है।
इस अवैध कारोबार में लगे ट्रैक्टरों पर नंबर प्लेट तक नहीं है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि पहचान छिपाने और कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए यह हथकंडा अपनाया जा रहा है।
सूत्रों के हवाले से सामने आ रहा यह नाम
इस बड़े पैमाने पर चल रहे अवैध रेत खनन के पीछे किसका हाथ है, इसे लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार, इस पूरे कथित अवैध कारोबार के तार मरवाही निवासी तिवारी नामक व्यक्ति से जुड़ते नजर आ रहे हैं। क्षेत्र में चर्चा है कि उन्हीं के कथित संरक्षण या निर्देशन में यह खनन कार्य धड़ल्ले से चल रहा है। हालांकि, इन आरोपों में कितनी सच्चाई है, यह तो प्रशासन की निष्पक्ष जांच के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगा।
खनिज विभाग और प्रशासन की भूमिका पर सवाल
नदी से इस तरह बेतहाशा और अवैध तरीके से रेत निकालने से न केवल जलीय पारिस्थितिकी (इकोसिस्टम) को भारी नुकसान हो रहा है, बल्कि शासन को भी राजस्व का लाखों का चूना लग रहा है। दिनदहाड़े बिना नंबर प्लेट के ट्रैक्टरों का दौड़ना स्थानीय प्रशासन और खनिज विभाग (Mining Department) की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवालिया निशान खड़े करता है।
अब देखना यह होगा कि इस मामले के सामने आने के बाद जिम्मेदार अधिकारी क्या कदम उठाते हैं? क्या खनिज विभाग मामले का संज्ञान लेकर सोन नदी में चल रहे इस कथित अवैध उत्खनन पर लगाम लगाएगा और जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करेगा, या फिर रेत माफियाओं का यह खेल ऐसे ही बेरोकटोक चलता रहेगा।