ज्ञापनों से नहीं बनी बात तो विधायक कार्यालय पहुंची कांग्रेस, 15 सूत्रीय मांगों पर कांग्रेसियों ने भाजपा विधायक के कार्यालय का किया घेराव…
ज्ञापनों से नहीं बनी बात तो विधायक कार्यालय पहुंची कांग्रेस, 15 सूत्रीय मांगों पर कांग्रेसियों ने भाजपा विधायक के कार्यालय का किया घेराव…
अखण्ड प्रताप सिंह की रिपोर्ट
शहडोल । जनता की समस्याएं, बार-बार ज्ञापन और फिर भी समाधान का इंतजार, आखिरकार शहडोल जिले के ब्यौहारी में कांग्रेस का सब्र जवाब दे गया और जनसमस्याओं को लेकर पार्टी ने आर-पार की लड़ाई का बिगुल फूंक दिया,15 सूत्रीय मांगों को लेकर कांग्रेसियों ने भाजपा विधायक शरद जुगलाल कोल के कार्यालय का घेराव कर दिया, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष सत्येंद्र त्रिपाठी ‘पिंटू’ के नेतृत्व में करीब दो सैकड़ा कार्यकर्ता प्रदर्शन में शामिल हुए, कांग्रेस का आरोप है कि ब्लॉक से लेकर जिला कलेक्टर तक कई बार गुहार लगाने के बावजूद मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई, अब सवाल यह है कि क्या कांग्रेस के इस हल्लाबोल के बाद जनता की समस्याओं का समाधान होगा, या फिर 15 सूत्रीय मांगें एक बार फिर फाइलों में उलझकर रह जाएंगी…
शहडोल जिले के अंतिम छोर ब्यौहारी में कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया है। क्षेत्र की 15 सूत्रीय मांगों को लेकर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ने विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 83 के भाजपा विधायक शरद जुगलाल कोल के कार्यालय का घेराव कर विरोध प्रदर्शन किया, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष , मंडलम अध्यक्षों समेत करीब दो सैकड़ा कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए, कांग्रेस नेताओं के मुताबिक, क्षेत्र की विभिन्न जनसमस्याओं को लेकर पहले भी ब्लॉक स्तर से लेकर जिला कलेक्टर तक कई बार ज्ञापन सौंपे जा चुके हैं। इसके बावजूद मांगों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने से कार्यकर्ताओं में नाराजगी बढ़ती गई, इसी नाराजगी के चलते कांग्रेस ने विधायक कार्यालय का घेराव कर अपनी आवाज बुलंद की,प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने 15 सूत्रीय मांगों को उठाते हुए संबंधित समस्याओं के जल्द निराकरण की मांग की, उनका कहना था कि जनप्रतिनिधियों और प्रशासन की जिम्मेदारी है कि जनता से जुड़े मुद्दों को गंभीरता से लिया जाए और उनके समाधान के लिए ठोस पहल की जाए…
ब्यौहारी में हुए इस प्रदर्शन ने स्थानीय राजनीति में जनसमस्याओं को लेकर सियासी सरगर्मी बढ़ा दी है। कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि क्षेत्र की समस्याओं को लेकर उसका संघर्ष जारी रहेगा, अब देखने वाली बात होगी कि कांग्रेस के इस प्रदर्शन के बाद 15 सूत्रीय मांगों पर संबंधित स्तर से क्या कदम उठाए जाते हैं और क्षेत्र की जनसमस्याओं के समाधान की दिशा में कितनी प्रगति होती है।