अंतिम दौर में युवामोर्चा की दौड़,तो क्या फिर एक बार चौंकाएगी भाजपा ?
उमरिया।भारतीय जनता युवा मोर्चा जिलाअध्यक्ष के दावेदारों के नाम पर मंथन अब अंतिम दौर में है प्रदेश अध्यक्ष की घोषणा से पहले ही जो नए नए युवा खुद को जिला अध्यक्ष की रेस में सबसे आगे मान रहे थे वो फिलहाल तापमान के करवट बदलते ही लू वाला लताड़ा लगने के कारण हिम गिरी में समा गए हैं और कुछ को अपने व्यवसाय से जुड़े महासंघ का ही जिलाध्यक्ष रहना होगा हालांकि इसकी भी घोषणा अभी तक नहीं हो सकी है खैर यह स्पष्ट हो चुका है शुरुआती दौर से अब तक आपने जितने भी नाम पढ़े देखे सुने हैं उनमें से कोई भी अब युवामोर्चा का जिला अध्यक्ष बनते नहीं दिख रहा है।पैनल में गए नाम , या एक बार फिर होगा जादू
अपने अनुशासन का दंभ भरने वाली भाजपा क्या लोकतांत्रिक तरीके से जो उसके नियम हैं स्थानीय संगठन द्वारा भेजे गए नामों के पैनल में से नाम तय करती है या पूर्व में भी हुए जादू को पुनः दोहराती है यह देखना दिलचस्प होगा और उससे भी दिलचस्प यह होगा कि क्या वह युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष जिला भाजपा के जिलाध्यक्ष और अपने मोर्चे के प्रदेश अध्यक्ष से सामंजस्य बना के काम कर पाएंगे ? सूत्र बताते हैं स्थानीय संगठन स्तर से पैनल बनाकर नाम भेज दिए गए हैं लेकिन कुछ दावेदार दूसरे रास्तों को पकड़ कर ऊपर से राम नाम का खेल खेल रहे हैं।
इन नामों की चर्चा सबसे ज्यादा
स्थानीय संगठन द्वारा भेजे गए नामों की कोई प्रमाणित प्रति तो किसी के पास नहीं है लेकिन सूत्र बताते हैं कि युवामो के लिए भेजे गए नामों में
सौरभ पयासी पिता मिथिलेश पयासी निवासी ग्राम कौडिया, चंदिया ,मनीष सिंह बघेल पिता रविराज सिंह बघेल निवासी ग्राम कोडार मानपुर,विपिन तिवारी पिता रामानुज तिवारी निवासी ग्राम चंदवार उमरिया के नाम शामिल हैं।
यहां चौंका सकती है भाजपा
भाजपा में दावेदारी करने वाले और ऊपर से ही खेला करने वाली प्रथा कोई नई नहीं है इसी तर्ज पर युवा मोर्चा जिलाअध्यक्ष की कुर्सी को भी देखा जा रहा है विश्वस्त सूत्रों की माने तो उमरिया में युवा मोर्चा में चौंका भी सकती है एबीवीपी से अपने करियर की शुरुआत करने वाले और बाद में संघ के मऊगंज जिला प्रचारक तक रह चुके स्थानीय चंद्रभान साहू पिता पूरन लाल साहू निवासी ग्राम बेलमना का नाम भी चर्चा में है सूत्र बताते हैं संघ के एक वरिष्ठ प्रचारक के संपर्क में ये इसी कार्य के लिए दौड़ लगा चुके हैं वहीं एक और नाम पर एक स्थानीय विधायक अपना जोर लगा रहे हैं जो पूर्व में भी उक्त पद पर रह चुके हैं अब देखना यह होगा कि भाजपा के स्थानीय संगठन के दिए हुए नाम में से अथवा विधायक की पसंद या संघ का जोर किसके नाम पर मोहर लगाई जाती है।