अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के लिए कमलनाथ सरकार और सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट के बीच हुआ एम.ओ.यू.

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अत्याधुनिक चिकित्सा का लाभ लोगों तक पहुँचाना सर्वोच्च प्राथमिकता : मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ
राज्य शासन और सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट के बीच हुआ एम.ओ.यू.

भोपाल : मुख्यमंत्री कमल नाथ के समक्ष प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए मंत्रालय में राज्य सरकार और सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट के मध्य एमओयू पर हस्ताक्षर हुए। एम.ओ.यू. के तहत मध्यप्रदेश आरोग्यम हेल्थ एवं वैलनेस सेंटर्स के माध्यम से प्रदेश की प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाया जाएगा।

एम.ओ.यू. पर राज्य शासन की ओर से मुख्य सचिव एस.आर. मोहंती और दोराबजी टाटा ट्रस्ट की ओर से ट्रस्ट के वाइस प्रेसिडेंट तथा मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्य सचिव विजय सिंह ने हस्ताक्षर किये। लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री तुलसीराम सिलावट इस भी मौके पर उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री कमल नाथ ने कहा कि शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराना राज्य शासन का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि पिछले एक वर्ष से इस दिशा में निरंतर प्रयास किये जा रहे हैं। श्री नाथ कहा कि अत्याधुनिक चिकित्सा का लाभ लोगों तक पहुँचाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की सुनिश्चित डिलेवरी के लिए एक मजबूत निगरानी तंत्र और नई सोच के साथ काम करने की जरूरत है।

23 जिलों में 115 हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर्स

साइन हुए एमओयू के मुताबिक स्वास्थ्य विभाग एवं सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट प्रदेश के 23 उच्च प्राथमिकता वाले जिलों में प्रारंभिक तौर पर प्रत्येक जिले में 5 अर्थात कुल 115 चिन्हित हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर्स के क्षेत्र में तकनीकी एवं प्रबंधकीय सहयोग से कार्य करेंगे। चौथे वर्ष में टाटा ट्रस्ट 500 हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर्स के क्षेत्र में सहयोग का विस्तार करेगा। इनमें से प्रत्येक जिले के एक शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के अंतर्गत नागरिकों का इलेक्ट्रानिक रिकार्ड संधारित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, उच्च जोखिमयुक्त गर्भवती महिलाओं, डायबिटीज, हाईपरटेंशन तथा कैंसर के जटिल केसेस का रेफरल और आवश्यक फॉलो-अप से संबंधित कार्यों में भी टाटा ट्रस्ट सहयोग प्रदान करेगा। विशेषज्ञों की तकनीकी समिति इस योजना का क्रियान्वयन करेगी।

स्वास्थ्य कर्मियों का दक्षता संवर्धन

जिला एम.एंड ई अधिकारियों, विकासखंड स्तरीय कार्यक्रम प्रबंधकों एवं स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं का दक्षता संवर्धन भी ट्रस्ट के द्वारा किया जाएगा। प्रशिक्षणों के लिए आवश्यकता अनुसार सामग्री चिकित्सा महाविद्यालयों तथा अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान भोपाल के सहयोग से उपलब्ध होगी।

गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं

उच्च प्राथमिकता वाले 23 जिलों में जन-समुदाय में स्वास्थ्य परामर्श संबंधी व्यवहार विकसित करने एवं स्वास्थ्य सेवाओं की प्रदायगी में गुणवत्तापूर्ण सुधार में भी टाटा ट्रस्ट सहयोग देगा। इसमें स्वास्थ्य कार्यक्रमों के बेहतर क्रियान्वयन के लिए नई तकनीकों एवं विधियों का उपयोग करते हुए कार्यक्रमों के प्रभावों को कई गुना बढ़ाने का कार्य भी सम्मिलित है।

निगरानी के लिए समिति

एम.ओ.यू. के अंतर्गत परियोजना के क्रियान्वयन की समय-समय पर मॉनीटरिंग के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन एवं सर दोराबजी ट्रस्ट की ओर से एक समिति बनाई जाएगी।

इस मौके पर प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण श्रीमती पल्लवी जैन गोविल, प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा शिवशेखर शुक्ला एवं ट्रस्ट के लोग उपस्थित थे।

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