आर्थिक तंगी से गुजर रहा कर्मचारियों का परिवार नही मिला वेतन तो करेंगे काम बंद हड़ताल

Ajay Namdev- 7610528622

मुख्यमंत्री के नाम अनूपपुर विधायक बिसाहूलाल सिंह को सौंपा ज्ञापन
आर्थिक तंगी से गुजर रहा कर्मचारियों का परिवार
नही मिला वेतन तो करेंगे काम बंद हड़ताल


विद्युत विभाग मे कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों की समस्या कम होने के बजाये बढ़ते ही जा रही है। आउटसोर्स कर्मचारी इसी वर्ष जहां दीपावली के महापर्व मे भी आर्थिक तंगी से जूझते रहे वहीं एक बार फिर कर्मचारियों को वेतन के लाले पड़ ेगये हैं। दूसरी ओर विद्युत विभाग वेतन भुगतान कराये जाने को लेकर सुस्त नजर आ रहा है जिस कारण अक्टूबर माह का वेतन 25 दिन बीत जाने के बाद भी कर्मचारियों को वेतन नही मिल पाया है वही नवंबर माह भी खत्म होने के कगार पर है जिसका भी वेतन ठण्डे बस्ते मे है जिससे परेशान होकर आउटसोर्स कर्मचारी 25 नवंबर को मुख्यमंत्री कमलनाथ के नाम अनूपपुर विधायक बिसाहूलाल सिंह को ज्ञापन सौंप वेतन भुगतान कराये जाने समेत कांग्रेस पार्टी के वचन पत्र का स्मरण कराते हुये नियमित किये जाने की मांग की।


अनूपपुर। आउटसोर्स कर्मचारियों के बल पर घर घर बिजली आपूर्ति करने वाला विद्युत विभाग अब उन्ही कर्मचारियों को समय पर वेतन देने मे कोताही बरत रहा है। पुराने कर्मचारियों की बढ़ती उम्र तथा उनके काम न कर पाने की कमी को आउटसोर्स कर्मचारी ही पूरा करते हैं जिनकी वजह से 24 घंटे विद्युत आपूर्ति बहाल रहती है वही विद्युत विभाग का लगभग हर कार्य इनके द्वारा संपादित किया जाता है, लेकिन विभाग इन्ही को वेतन देने से कतरा रहा है जिस कारण आये दिन आउटसोर्स कर्मचारियों को आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ता है, जिससे परेशान होकर एक बार फिर विभागीय अधिकारियों को ज्ञापन देते हुये विधायक अनूपपुर बिसाहूलाल सिंह को भी अवगत कराया जहां विधायक द्वारा उनकी मांगो को पूरा करने का आश्वासन दिया गया।


मुख्यमंत्री के नाम विधायक को सौंपा ज्ञापन
ज्ञात हो कि इससे पहले भी माह सितंबर मे आउटसोर्स कर्मचारियों को वेतन भुगतान समय पर नही हो पाया था जिससे परेशान होकर 16 अक्टूबर को अधीक्षण अभियंता अनूपपुर को ज्ञापन सौंपा गया था, लेकिन इसके बाद भी वेतन न मिलने के बाद 18 अक्टूबर को फिर अधीक्षण अभियंता, कार्यपालन अभियंता समेत कलेक्टर के नाम अपर कलेक्टर बीडी सिंह को ज्ञापन सौंपा गया था जिसके बाद 26 अक्टूबर को काफी जद्दोजहद के बाद वेतन भुगतान हो सका था, लेकिन कर्मचारियों की दीपावली अंधेरी ही रही। 25 नवंबर को एक बार फिर वेतन भुगतान व नियमितीकरण के लिए मुख्यमंत्री के नाम विधायक अनूपपुर को ज्ञापन सौंपा गया है।


फिर उठी नियमितीकरण की मांग
विद्युत विभाग के कर्मचारियों ने प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के नाम अनूपपुर विधायक बिसाहूलाल सिंह को ज्ञापन सौंपते हुये कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस पार्टी अपने वचन पत्र मे आउटसोर्स कर्मचारियों नियमित करने की बात कही गई थी तथा इससे पहले भी भाजपा सरकार मे नियमितीकरण हेतु किये जा रहे आंदोलन को कांग्रेस ने समर्थन दिया था। इसलिए अब मुख्यमंत्री को ऊर्जा विभाग को निर्देश जारी कर समस्त आउटसोर्स कर्मचारियों को नियमितीकरण के लिए कार्यवाही करनी चाहिये।


यहां इतने कर्मचारी कार्यरत
जानकारी के मुताबिक लाइन मेंटीनेंस, कॉल सेंटर, राजस्व वसूली, लाइन विच्छेदन तथा अन्य विभागीय कार्य के लिए वितरण केन्द्र अनूपपुर मे 19, जैतहरी मे 14, बिजुरी मे 15, कोतमा मे 17, राजेन्द्रग्राम मे 28, चचाई मे 12 तथा अमरकंटक मे 11 कुल 116 आउटसोर्स कर्मचारी कार्यरत हैं वही मीटर रीडिंग तथा बिल वितरण के लिए साईंसन के अधीन वितरण केन्द्र अनूपपुर मे 11, जैतहरी मे 7, बिजुरी मे 9, कोतमा मे 11, राजेन्द्रग्राम मे 10, चचाई मे 6 तथा अमरकंटक मे 3 कुल 57 आउटसोर्स कर्मचारी कार्य कर रहे हैं।
सभी कामो मे आउटसोर्स की महती भूमिका
ज्ञात हो कि विद्युत विभाग मे सरकारी कर्मचारियों की कमी व उनकी पूर्ति के लिए विभाग ने आउट सोर्स के माध्यम से लाइन मेंटीनेंस, कॉल सेंटर, राजस्व वसूली, लाइन विच्छेदन, मीटर रीडिंग, बिल वितरण तथा अन्य विभागीय कार्यो के लिए कर्मचारियों की भर्ती कर उनसे कार्य लिया जा रहा है। यदि आउटसोर्स कर्मचारियों द्वारा वेतन न मिलने की स्थिति मे हड़ताल किया जाता है तो विभाग का लगभग 90 प्रतिशत कार्य बुरी तरह प्रभावित होगा। वर्तमान मे विभाग की गलत बिलिंग के कारण उपभोक्ताओं द्वारा रोष प्रकट किया जा रहा है। ऐसी स्थिति मे यदि आउटसोर्स कर्मचारी हड़ताल पर चले जाते हैं तो 24 घंटे विद्युत प्रदाय मे भी व्यवधान उत्पन्न होगा जिससे उपभोक्ताओं व विभागीय अधिकारियों के बीच वाद विवाद की स्थिति उत्पन्न होगी, वही मीटर रीडिंग भी पूरा नही हो पायेगा।


लग जायेगा समस्याओं का अंबार
ज्ञातव्य है कि वर्तमान समय मे विद्युत विभाग द्वारा जरूरत के हिसाब से नियमित भर्ती नही की जा रही है वही पुराने कर्मचारियों के भरोसे विद्युत व्यवस्था चरमरा रही है। ऐसे मे आउटसोर्स कर्मचारियों की मदद से विद्युत व्यवस्था बनाया जाता है जिससे सरकार की मंशानुसार अनवरत विद्युत आपूर्ति बना हुआ है वही इन्ही के द्वारा बिल वितरण तथा मीटर रीडिंग का भी कार्य किया जाता है, इसके अलावा कॉल सेंटर का भी काम आउटसोर्स कर्मचारी ही करते हैं। पुराने नियमित कर्मचारी 50 वर्ष के औसत उम्र के हैं जिनसे खंभे मे चढ़ने लाइन मेंटीनेंस समेत अन्य कार्य ले पाना मुश्किल है। ऐसे मे यदि आउटसोर्स कर्मचारी हड़ताल पर जाते हैं तो निश्चित ही विद्युत व्यवस्था चरमरा जायेगी

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